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मौलाना सज्जाद नोमानी पर रिपोर्ट दर्ज होने से भड़के देवबंदी उलमा..कहा

Fri, 09 Mar 2018 12:32 AM IST
Updated Fri, 09 Mar 2018 12:32 AM IST
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मौलाना सज्जाद नोमानी पर रिपोर्ट दर्ज होने से भड़के देवबंदी उलमा..कहा
सच्चाई की आवाज को दबाने वाली कार्रवाई : उलमा
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देवबंद(सहारनपुर)। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी द्वारा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना सज्जाद नोमानी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराए जाने पर देवबंदी उलमा ने नाराजगी का इजहार करते हुए इसे सच्चाई की आवाज दबाए जानी वाली कार्रवाई बताया। उनका कहना है कि ये सांप्रदायिक शक्तियों की सोची समझी साजिश का हिस्सा है।

तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष व अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी ने दूरभाष पर बात करते हुए कहा कि मौलाना सज्जाद नोमानी पर रिपोर्ट दर्ज किया जाना राजनीतिक हमला है। वसीम रिजवी सियासत में जगह बनाने के लिए इस ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के पदाधिकारियों पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उन्हें निशाना बना रहे हैं, जो सरासर गलत है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग मुल्क में नफरत फैलाने और देश को तोड़ने वाली बयानबाजी करते हैं आज तक वसीम रिजवी ने उन पर केस दर्ज क्यों नहीं कराया। इससे साफ है कि रिजवी ने मौलाना सज्जाद पर राजनीतिक हमला किया है। मौलाना वाजदी ने कहा कि सभी मुस्लिम संगठनों को इसके खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए मौलाना सज्जाद का समर्थन करना चाहिए। देवबंद इस्लामिक एकेडमी के डायरेक्टर मौलाना मेहंदी हसन ऐनी कासमी ने जारी बयान में कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना सज्जाद नोमानी के खिलाफ झूठा केस दर्ज कराया है। इस प्रयास के पीछे वसीम रिजवी का मकसद क्या है ये सभी जानते हैं। मौलाना सज्जाद ने देश विरोधी ताकतों का पर्दाफाश करने का बीड़ा उठाया है। जिसके कारण हिंदुत्ववादी संगठनों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मौलाना मेहंदी हसन ने कहा कि मौलाना सज्जाद ने दलित-मुस्लिम एकता की कोशिश भी की है जिसकी वजह से एकता विरोधी ताकतों ने वसीम रिजवी को मौलाना नोमानी के विरुद्ध चारा बनाकर इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि मौलाना सज्जाद का यह भाषण पिछले वर्ष का है और मौलाना सज्जाद के भाषण को श्रीश्री रविशंकर के बयान ने अधिक मजबूत कर दिया है क्योंकि रविशंकर ने भी कहा है कि अयोध्या का फैसला अगर अल्पसंख्यक वर्ग के हित में हुआ तो देश में सीरिया जैसे हालत हो जाएंगे। उन्होंने सरकार से मौलाना सज्जाद के खिलाफ दर्ज की गई रिपोर्ट को खत्म किए जाने की मांग की है।
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