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प्यार करने के पीछे होता है केमिकल लोचा

Wed, 14 Feb 2018 12:49 AM IST
Updated Wed, 14 Feb 2018 12:49 AM IST
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प्यार करने के पीछे होता है केमिकल लोचा
सहारनपुर। आज वैलेनटाइन-डे है। मेडिकल साइंस की मानें तो किसी से इश्क होना इंसान के वश की बात नहीं है, बल्कि मनुष्य के भीतर निकलने वाले हार्मोन्स और केमिकल का मिश्रण उसे किसी के प्रति लगाव और प्यार करने के लिए मजबूर करता है। चिकित्सक भी ऐसा ही मानते हैं।
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वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संजीव मिगलानी इस बात से पूरी तरह सहमत हैं कि हार्मोन्स और केमिकल का मिश्रण काफी हद तक प्यार के लिए जिम्मेदार होता है। मिगलानी बताते हैं कि हार्मोन्स के अधिक बनने की वजह से इंसान खुद को रोक नहीं पाता है। मेडिकल साइंस ने बाकायदा इस पर रिसर्च किया है। जिसमें पाया गया है कि किसी के प्रति लगाव या प्यार होने के लिए उम्र कोई मायने नहीं रखती है। जरूरी नहीं है कि यह विपरीत लिंग के प्रति ही ऐसा होता हो। कई बार यह लगाव समलैंगिक भी होता है। जिसके कई उदाहरण दुनिया ही नहीं अपने देश में भी भरे पड़े हैं। उन्होंने बताया कि किसी के प्रति मोह प्यार की राह का पहला कदम होता है। इसमें एक-दूसरे के प्रति झुकाव और लालसा का प्रवाह हो जाता है। महिला, पुरुषों में यह टेस्टोस्टेेरोन और एस्ट्रोजन हार्मोन्स के कारण होता है। पहले कदम पर दोनों में थोड़ा डर भी महसूस किया जाता है। एक चीज होती है एक्साइटमेंट। यह अद्भुत भावनात्मकता का परिवेश व समावेश होता है। इस पड़ाव पर व्यक्ति मोह में आगे बढ़ जाता है।
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किसी के प्रति आकर्षण की प्रमुख वजह
डॉ. मिगलानी ने बताया कि मेडिकल साइंस में यह साबित हो चुका है कि किसी के प्रति आकर्षण के लिए मुख्यत: तीन न्यूरोट्रांसमीटर जुड़े होते हैं। इनमें एड्रेनिल, डोपमीइन और सेरोटोनिन शामिल हैं। एड्रेनिल हार्मोन के कारण प्यार की राह में आगे बढ़ते समय व्यक्ति के शरीर में तनाव का स्तर बेहद सक्रिय होता है। इसकी वजह से रक्त में एड्रेनिल और कार्टिसोल हार्मोंस का स्तर बढ़ जाता है। जिसके चलते आदमी अजीब सी बेचैनी व परेशानी महसूस करने लगाता है। यह सब उसकी कल्पना से बाहर होता है। डोपमीइन हार्मोन की खास बात यह है कि यह इच्छाओं के लिए उकसाता है। रात को नींद न आना, भूख कम लगना, काम में मन न लगना, आलस आना इसके लक्षण हैं। प्रेमी या प्रेमिका से मिलने पर ही शांति मिलती है। सरोटोनिन हार्मोन में किसी के प्रति अधिक लगाव हो जाता है, जिसे आम भाषा में प्यार में डूबना कहते हैं। इसकी वजह से आदमी खुद पर काबू नहीं कर पाता है।
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