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नगर पालिका गंगोह की पशु वधशाला
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:08 AM IST
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सहारनपुर। विभिन्न अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों ने मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल से नगर पालिका गंगोह की पशु वधशाला को निरस्त कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पशु वधशाला स्थापित करने के लिए नियमानुसार प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है।
शुक्रवार को कमिश्नर को सौंपे ज्ञापन में स्थानीय निवासियों ने कहा कि नगर पालिका गंगोह की पशु वधशाला वर्ष 2006 में बंद कराने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद इस पशु वधशाला का आधुनिकीकरण करने की शर्त पर नीलाम किया गया। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बंदी आदेश कर छह माह के लिए निलंबित कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय यह पशु वधशाला खसरा नंबर 1034 में चल रही थी। जबकि वर्तमान पशु वधशाला की स्थापना खसरा संख्या 89-1005 में हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई पशु वधशाला के लिए न तो नियमानुसार जिलाधिकारी से एनओसी ली गई और ना ही अन्य विभागों से सहमति प्राप्त की गई। जो पशु वधशाला के लिए सबसे जरूरी है। इससे साफ है कि खसरा नंबर 89-1005 में स्थापित की गई नगर पालिका गंगोह की नई पशु वधशाला के संबंध में नियमानुसार प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है। आरोप है कि नई पशु वधशाला को पुरानी बताया जा रहा है। जबकि पुरानी वधशाला पूर्णतया बंद हो गई थी। उन्होंने मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल से नई पशु वधशाला की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने की मांग की।
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शुक्रवार को कमिश्नर को सौंपे ज्ञापन में स्थानीय निवासियों ने कहा कि नगर पालिका गंगोह की पशु वधशाला वर्ष 2006 में बंद कराने के आदेश दिए गए थे। इसके बाद इस पशु वधशाला का आधुनिकीकरण करने की शर्त पर नीलाम किया गया। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बंदी आदेश कर छह माह के लिए निलंबित कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय यह पशु वधशाला खसरा नंबर 1034 में चल रही थी। जबकि वर्तमान पशु वधशाला की स्थापना खसरा संख्या 89-1005 में हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई पशु वधशाला के लिए न तो नियमानुसार जिलाधिकारी से एनओसी ली गई और ना ही अन्य विभागों से सहमति प्राप्त की गई। जो पशु वधशाला के लिए सबसे जरूरी है। इससे साफ है कि खसरा नंबर 89-1005 में स्थापित की गई नगर पालिका गंगोह की नई पशु वधशाला के संबंध में नियमानुसार प्रक्रिया नहीं अपनाई गई है। आरोप है कि नई पशु वधशाला को पुरानी बताया जा रहा है। जबकि पुरानी वधशाला पूर्णतया बंद हो गई थी। उन्होंने मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल से नई पशु वधशाला की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराने की मांग की।
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