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सहारनपुर के जिला अस्पताल का ई-हॉस्पिटल परियोजना में चयन
Updated Sun, 23 Jul 2017 11:46 PM IST
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सहारनपुर। सुविधाओं की कमी से बदहाल हो चुके सेठ बलदेव दास बाजोरिया जिला अस्पताल के दिन बहुरने वाले हैं। राज्य सरकार ने अपने महत्वाकांक्षी ई अस्पताल परियोजना में सहारनपुर के जिला अस्पताल का चयन कर लिया है। इसमें अब डॉक्टर के साथ मरीजों को ऑन लाइन किए जाने की तैयारी है। परामर्श के लिए अब मरीजों को पर्चा बनवाने के लिए लाइन नहीं लगानी होगी। मरीजों को दी जाने वाली दवाओं का हिसाब भी चिकित्सकों को ऑनलाइन अपडेट करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, मरीज किसी भी इमरजेंसी के वक्त अस्पताल में ऑनलाइन संपर्क भी कर सकेगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य सरकार ने प्रदेश के 27 जिला अस्पतालों को ई हास्पिटल परियोजना में चयनित किया है। इसमें पूरे अस्पताल को ऑनलाइन करने की कवायद शुरू की जा रही है और इसके लिए 31 लाख 69 हजार रुपये का बजट भी मंजूर कर दिया गया है। इसके तहत जिला अस्पताल में 15 कंप्यूटर लगाए जाएंगे। ऑनलाइन होने के बाद मरीज अपने नंबर के लिए पर्चा नहीं बनवाएगा, बल्कि घर बैठे डॉक्टर से परामर्श का नंबर प्राप्त कर लेगा। ऑनलाइन सुविधा से वंचित गांव-देहात के मरीजों के लिए अस्पताल परिसर में भी नंबर मुहैया कराने की व्यवस्था होगी। इसके बाद चिकित्सक भी मरीज को देने वाले परामर्श को ऑनलाइन अपडेट करेंगे। इसमें टेस्ट आदि की जानकारी ऑनलाइन होने से वहां भी मरीज को सहूलियत मिलेगी। ऐसे ही सर्जन की आवश्यकता होने पर ऑनलाइन अपडेट करते ही मरीज को उसके पास जाने का समय भी वहीं मिल जाएगा।
दवाओं के हिसाब-किताब में आसानी
- इस परियोजना से दवाओं की खरीद-फरोख्त में होने वाली गड़बड़ी पर लगाम लग सकती है। कारण मरीज को दी जाने वाली दवा ऑनलाइन होने से स्टॉक का पता भी चलता रहेेगा। जिन दवाओं की कमी होगी तो मुख्यालय उसकी आपूर्ति कराता रहेेगा।
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मरीजों को मिलेगी भारी राहत
- जिला अस्पताल का ई-हॉस्पिटल योजना में चयन होने से मरीजों को भारी राहत मिलेगी। इस योजना के तहत मरीजों को उपचार से लेकर दवाइयों तक का विवरण ऑनलाइन रहेगा। इसके लिए शासन से बजट जारी हो गया है। जल्द ही इस योजना का लाभ मरीजों को मिलना शुरू हो जाएगा।
डा. सत्य सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य सरकार ने प्रदेश के 27 जिला अस्पतालों को ई हास्पिटल परियोजना में चयनित किया है। इसमें पूरे अस्पताल को ऑनलाइन करने की कवायद शुरू की जा रही है और इसके लिए 31 लाख 69 हजार रुपये का बजट भी मंजूर कर दिया गया है। इसके तहत जिला अस्पताल में 15 कंप्यूटर लगाए जाएंगे। ऑनलाइन होने के बाद मरीज अपने नंबर के लिए पर्चा नहीं बनवाएगा, बल्कि घर बैठे डॉक्टर से परामर्श का नंबर प्राप्त कर लेगा। ऑनलाइन सुविधा से वंचित गांव-देहात के मरीजों के लिए अस्पताल परिसर में भी नंबर मुहैया कराने की व्यवस्था होगी। इसके बाद चिकित्सक भी मरीज को देने वाले परामर्श को ऑनलाइन अपडेट करेंगे। इसमें टेस्ट आदि की जानकारी ऑनलाइन होने से वहां भी मरीज को सहूलियत मिलेगी। ऐसे ही सर्जन की आवश्यकता होने पर ऑनलाइन अपडेट करते ही मरीज को उसके पास जाने का समय भी वहीं मिल जाएगा।
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दवाओं के हिसाब-किताब में आसानी
- इस परियोजना से दवाओं की खरीद-फरोख्त में होने वाली गड़बड़ी पर लगाम लग सकती है। कारण मरीज को दी जाने वाली दवा ऑनलाइन होने से स्टॉक का पता भी चलता रहेेगा। जिन दवाओं की कमी होगी तो मुख्यालय उसकी आपूर्ति कराता रहेेगा।
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मरीजों को मिलेगी भारी राहत
- जिला अस्पताल का ई-हॉस्पिटल योजना में चयन होने से मरीजों को भारी राहत मिलेगी। इस योजना के तहत मरीजों को उपचार से लेकर दवाइयों तक का विवरण ऑनलाइन रहेगा। इसके लिए शासन से बजट जारी हो गया है। जल्द ही इस योजना का लाभ मरीजों को मिलना शुरू हो जाएगा।
डा. सत्य सिंह, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक