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चेयरमैन और ईओ के खिलाफ की शिकायत
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चेयरमैन और ईओ के खिलाफ की शिकायत
सरसावा। नगर पालिका परिषद के सभासदो ने चेयरमैन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंडलायुक्त को शिकायतपत्र भेजकर चेयरमैन के साथ ही अधिशासी अधिकारी पर विकास कार्यों के टेंडर छोड़ने में अनियमितता बरतने तथा कर्मचारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की है।
शनिवार को नगर पालिका परिषद सरसावा की सभासद बबीता सिंह, शिखा पुहाल, शिबा बेगम, अनिल जैन और निधिकांत आदि ने मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी को शिकायतपत्र भेजा। आरोप लगाया कि विकास कार्यो की टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की जा रही है तथा चहेते ठेकेदारों को टेंडर दिलाए जा रहे हैं। इसके अलावा पालिका में ठेका प्रथा पर काम रहे कामगारों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन से कम वेतन दिया जा रहा है। जो कर्मचारी आवाज उठाता है उसे नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। सभासदों ने मामले की जांच कराने की मांग की है। वहीं, इस संबंध में अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में शासन के निर्देशों का गंभीरता से पालन हो रहा है। 10 लाख रुपये से ज्यादा राशि वाले कार्यों के लिए ई टेंडरिंग ही कराई जाती है। सभासदों के आरोप बेबुनियाद हैं।
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सरसावा। नगर पालिका परिषद के सभासदो ने चेयरमैन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंडलायुक्त को शिकायतपत्र भेजकर चेयरमैन के साथ ही अधिशासी अधिकारी पर विकास कार्यों के टेंडर छोड़ने में अनियमितता बरतने तथा कर्मचारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की है।
शनिवार को नगर पालिका परिषद सरसावा की सभासद बबीता सिंह, शिखा पुहाल, शिबा बेगम, अनिल जैन और निधिकांत आदि ने मंडलायुक्त सीपी त्रिपाठी को शिकायतपत्र भेजा। आरोप लगाया कि विकास कार्यो की टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता की जा रही है तथा चहेते ठेकेदारों को टेंडर दिलाए जा रहे हैं। इसके अलावा पालिका में ठेका प्रथा पर काम रहे कामगारों को श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन से कम वेतन दिया जा रहा है। जो कर्मचारी आवाज उठाता है उसे नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। सभासदों ने मामले की जांच कराने की मांग की है। वहीं, इस संबंध में अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में शासन के निर्देशों का गंभीरता से पालन हो रहा है। 10 लाख रुपये से ज्यादा राशि वाले कार्यों के लिए ई टेंडरिंग ही कराई जाती है। सभासदों के आरोप बेबुनियाद हैं।
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