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शौचालय निर्माण की हकीकत जानने गांव पहुंचे नगरायुक्त
Updated Wed, 20 Jun 2018 12:48 AM IST
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सहारनपुर। अमर उजाला के 19 जून के संस्करण में स्मार्ट सिटी में दम तोड़ रहा स्वच्छ भारत मिशन का समाचार प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद नगर निगम के अधिकारियों की नींद टूटी है। वार्डों के ओडीएफ बनने तथा शौचालयों के निर्माण की हकीकत जानने के लिए नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह सुबह-सुबह नगर के अंतिम छोर के गांव मढ़ जा पहुंचे। वहां उन्होंने घर-घर जाकर शौचालयों का पता लगाया। पूरे गांव में 40 परिवार शौचालय विहीन मिले।
नगरायुक्त अपनी टीम के साथ सुबह-सुबह गांव मढ़ पहुंचे। उन्होंने स्थानीय पार्षद को भी मौके पर बुलाया। इसके बाद पहले तो उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से बात की। उनकी पड़ताल में 40 घरों में शौचालय नहीं मिले। उन्होंने लोगों को शौचालय बनवाने की सलाह दी। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नगर निगम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क करने को कहा। ग्रामीणों से खुले में शौच नहीं करने की अपील की। साथ ही खुले में शौच के नुकसान से भी ग्रामीणों को अवगत कराया। पूरे गांव का भ्रमण करने के बाद उन्होंने गांव के गण्यमान्य लोगों के साथ बैठक कर उन्हें भी गांव को खुले में शौच से मुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की। दोपहर एक बजे अपने कार्यालय में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी को अमर उजाला के समाचार का हवाला देते हुए सभी वार्डों को ओडीएफ बनाने के निर्देश दिए। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने उन्हें अभी तक तैयार हो चुके सामुदायिक, सार्वजनिक और व्यक्तिगत शौचालयों की जानकारी दी।
जब तक नगर के लोग खुले में शौच करते रहेंगे, तब तक हम शहर को स्मार्ट सिटी नहीं कह सकते। हम अभियान चलाकर लोगों को खुले में शौच न करने के लिए जागरूक करने वाले हैं। जिन लोगों के पास व्यक्तिगत शौचालय नहीं हैं और वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं तो नगर स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क कर शौचालय के लिए मदद पा सकते हैं।
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- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।
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नगरायुक्त अपनी टीम के साथ सुबह-सुबह गांव मढ़ पहुंचे। उन्होंने स्थानीय पार्षद को भी मौके पर बुलाया। इसके बाद पहले तो उन्होंने घर-घर जाकर लोगों से बात की। उनकी पड़ताल में 40 घरों में शौचालय नहीं मिले। उन्होंने लोगों को शौचालय बनवाने की सलाह दी। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को नगर निगम में नगर स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क करने को कहा। ग्रामीणों से खुले में शौच नहीं करने की अपील की। साथ ही खुले में शौच के नुकसान से भी ग्रामीणों को अवगत कराया। पूरे गांव का भ्रमण करने के बाद उन्होंने गांव के गण्यमान्य लोगों के साथ बैठक कर उन्हें भी गांव को खुले में शौच से मुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की। दोपहर एक बजे अपने कार्यालय में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके त्रिपाठी को अमर उजाला के समाचार का हवाला देते हुए सभी वार्डों को ओडीएफ बनाने के निर्देश दिए। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने उन्हें अभी तक तैयार हो चुके सामुदायिक, सार्वजनिक और व्यक्तिगत शौचालयों की जानकारी दी।
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जब तक नगर के लोग खुले में शौच करते रहेंगे, तब तक हम शहर को स्मार्ट सिटी नहीं कह सकते। हम अभियान चलाकर लोगों को खुले में शौच न करने के लिए जागरूक करने वाले हैं। जिन लोगों के पास व्यक्तिगत शौचालय नहीं हैं और वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं तो नगर स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क कर शौचालय के लिए मदद पा सकते हैं।
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- ज्ञानेंद्र सिंह, नगरायुक्त।