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सरकार ने 2030 तक मलेरिया मुक्त भारत बनाने का लिया संकल्प : डा. इंद्राज
Updated Fri, 08 Jun 2018 12:40 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बृहस्पतिवार को वेक्टर जनित बीमारियों के संबंध में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जून माह को मलेरिया रोधी माह के रूप में मनाया जा रहा है।
गोष्ठी में चिकित्सा अधीक्षक डा. इंद्राज सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2030 तक मलेरिया मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है। अत: हम सभी को मलेरिया व अन्य वेक्टर जनित बीमारियों जैसे डेंगू, दिमागी बुखार तथा संक्रामक रोगों से बचाव की आमजन को जानकारी देनी है। उन्होंने बताया कि मच्छर हमेशा पानी व ठंडी जगहों पर ही अंडे देते हैं। इसलिए हमें पानी को इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए। यदि कहीं पानी रुका हुआ है तो उसमें मिट्टी तेल अथवा जला हुआ काला तेल डाल देना चाहिए। नाले-नालियों में एंटी लार्वा का स्प्रे करना चाहिए। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। रात में पूरे कपड़े पहनकर सोना मच्छरों से बचाव में सहायक है। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। प्राइवेट लैब में स्वयं टेस्ट कराने से बचे। गोष्ठी में डा. रोहित शर्मा, आदेश कुमार, रविंद्र कुमार, अजब सिंह, युनिसेफ के सुंदरलाल के अलावा आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रही।
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गोष्ठी में चिकित्सा अधीक्षक डा. इंद्राज सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2030 तक मलेरिया मुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है। अत: हम सभी को मलेरिया व अन्य वेक्टर जनित बीमारियों जैसे डेंगू, दिमागी बुखार तथा संक्रामक रोगों से बचाव की आमजन को जानकारी देनी है। उन्होंने बताया कि मच्छर हमेशा पानी व ठंडी जगहों पर ही अंडे देते हैं। इसलिए हमें पानी को इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए। यदि कहीं पानी रुका हुआ है तो उसमें मिट्टी तेल अथवा जला हुआ काला तेल डाल देना चाहिए। नाले-नालियों में एंटी लार्वा का स्प्रे करना चाहिए। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। रात में पूरे कपड़े पहनकर सोना मच्छरों से बचाव में सहायक है। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। प्राइवेट लैब में स्वयं टेस्ट कराने से बचे। गोष्ठी में डा. रोहित शर्मा, आदेश कुमार, रविंद्र कुमार, अजब सिंह, युनिसेफ के सुंदरलाल के अलावा आशा व आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रही।
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