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डिजिटल क्लासेज भारत के आधुनिक शिक्षा युग की आधारशिला : यादव
Updated Tue, 27 Mar 2018 01:04 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। नवाज गर्ल्स पब्लिक स्कूल में शिक्षा को मनोरंजक व शिक्षाप्रद बनाने के लिए डिजिटल क्लासेज का उद्घाटन किया गया।
संस्था के प्रबंधक डा. नवाज देवबंदी ने कहा कि वह दिन गुजर गए जब शिक्षा में प्रशिक्षण केवल पाठ्य पुस्तकों द्वारा कराया जाता था। आजकल डिजिटल शिक्षण जैसे पीपीटी, वीडियो प्रस्तुतियों, ई-लर्निंग, ऑनलाइन प्रशिक्षण और डिजिटल पद्धतियों के प्रयोग के साथ-साथ शिक्षण अत्यधिक संवादात्मक, मनोरंजक और प्रभावी हो गया है। बच्चे इसे न केवल सुन रहे हैं बल्कि स्क्रीन पर भी देख रहे हैं। जिससे उनकी सीखने की क्षमता में इजाफा हुआ है। डाइट पटनी के प्रधानाचार्य राजसिंह यादव ने कहा कि डिजिटल क्लासेज भारत के आधुनिक शिक्षा युग की आधार शिला है। जिस गति से लोग डिजिटल प्रौद्योगिकी की ओर बढ़ रहे हैं वह खुशी की बात हैं। शिमलाना इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य संतरपाल सिंह ने कहा कि छात्राओं की यह उम्र शिक्षा, भाषा और आय की रुढ़िबद्धता से मुक्त है। यह वो माध्यम है जो आशा व अवसर के बीच की दूरी को खत्म करता है। श्री रामकृष्ण इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरुण गोयल ने कहा कि आधुनिक उपकरणों के विकास के कारण आज दुनिया की अधिक चीजें डिजिटल हो रही है। डिजिटल शिक्षा भारत की पारंपरिक शिक्षा प्रणाली में अपनी जगह बना रही है। मौलाना नदीमुल वाजदी ने कहा कि इस्लाम दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालीम को भी बढ़ावा देने के लिए कहता है। नवीन टेक्नोलॉजी अल्लाह तआला की दी गई सहूलियतों में से एक है। डा. अनवर सईद ने कहा कि जमाने और वक्त की रफ्तार के साथ आगे बढ़ना ही तरक्की है। नवाज गर्ल्स स्कूल ने साबित कर दिया कि यह संस्था आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़कर समाज की सेवा कर रही है। इस मौके पर अधिवक्ता तहसीन खां, नसीम अंसारी, हाफिज मु. उस्मान, शमीम फारूकी, मु. साबिर, अब्दुल्लाह नवाज खान, अंबर शफीक आदि रहे।
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संस्था के प्रबंधक डा. नवाज देवबंदी ने कहा कि वह दिन गुजर गए जब शिक्षा में प्रशिक्षण केवल पाठ्य पुस्तकों द्वारा कराया जाता था। आजकल डिजिटल शिक्षण जैसे पीपीटी, वीडियो प्रस्तुतियों, ई-लर्निंग, ऑनलाइन प्रशिक्षण और डिजिटल पद्धतियों के प्रयोग के साथ-साथ शिक्षण अत्यधिक संवादात्मक, मनोरंजक और प्रभावी हो गया है। बच्चे इसे न केवल सुन रहे हैं बल्कि स्क्रीन पर भी देख रहे हैं। जिससे उनकी सीखने की क्षमता में इजाफा हुआ है। डाइट पटनी के प्रधानाचार्य राजसिंह यादव ने कहा कि डिजिटल क्लासेज भारत के आधुनिक शिक्षा युग की आधार शिला है। जिस गति से लोग डिजिटल प्रौद्योगिकी की ओर बढ़ रहे हैं वह खुशी की बात हैं। शिमलाना इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य संतरपाल सिंह ने कहा कि छात्राओं की यह उम्र शिक्षा, भाषा और आय की रुढ़िबद्धता से मुक्त है। यह वो माध्यम है जो आशा व अवसर के बीच की दूरी को खत्म करता है। श्री रामकृष्ण इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरुण गोयल ने कहा कि आधुनिक उपकरणों के विकास के कारण आज दुनिया की अधिक चीजें डिजिटल हो रही है। डिजिटल शिक्षा भारत की पारंपरिक शिक्षा प्रणाली में अपनी जगह बना रही है। मौलाना नदीमुल वाजदी ने कहा कि इस्लाम दीनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालीम को भी बढ़ावा देने के लिए कहता है। नवीन टेक्नोलॉजी अल्लाह तआला की दी गई सहूलियतों में से एक है। डा. अनवर सईद ने कहा कि जमाने और वक्त की रफ्तार के साथ आगे बढ़ना ही तरक्की है। नवाज गर्ल्स स्कूल ने साबित कर दिया कि यह संस्था आधुनिक सुविधाओं के साथ आगे बढ़कर समाज की सेवा कर रही है। इस मौके पर अधिवक्ता तहसीन खां, नसीम अंसारी, हाफिज मु. उस्मान, शमीम फारूकी, मु. साबिर, अब्दुल्लाह नवाज खान, अंबर शफीक आदि रहे।