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बोर्ड सलमान नदवी को पहले ही दिखा देता बाहर का रास्ता: उलमा
Updated Sun, 11 Feb 2018 11:58 PM IST
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नदवी को बाहर निकाले जाने का देवबंदी उलमा ने किया समर्थन
देवबंद (सहारनपुर)। बाबरी मस्जिद-रामजन्म भूमि विवाद में श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से बाहर निकाले गए मौलाना सलमान हुसैन नदवी पर देवबंदी उलमा का कहना है कि बोर्ड को यह काम पहले ही कर देना चाहिए था। ताकि जो विवाद हुआ वो न हुआ होता।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा सलमान नदवी को बाहर निकाले जाने का देवबंदी उलमा ने भरपूर समर्थन किया है। तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष व अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि बोर्ड को यह काम पहले ही कर देना चाहिए था और आगे अगर कोई नीतियों से हटकर कार्य करें तो उसके खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एक जिम्मेदार इदारा है और उसमें मुल्क के तमाम बड़े उलमा शामिल हैं। ऐसे में उस पर किसी भी प्रकार का आरोप लगाना सरासर गलत है। क्योंकि पर्सनल लॉ बोर्ड शरीयत की रोशनी में मुसलमानों की रहनुमाई करता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड का रुख पहले से साफ है कि अयोध्या पर सर्वोच्च न्यायालय जो फैसला देगा वो कबूल होगा। अब इस पर जल्द फैसला आने की उम्मीद है। ऐसे में सलमान नदवी की गलत बयानबाजी मुनासिब नहीं है। उधर, देवबंद पहुंचे ऑल इंडिया दावातुल मुस्लीमीन सहारनपुर के अध्यक्ष कारी इस्हाक गोरे का कहना है कि पर्सनल लॉ बोर्ड ने सलमान नदवी को बाहर निकालने का जो फैसला किया है, वह एकदम दुरुस्त है। क्योंकि नदवी की वजह से बोर्ड के कामकाज पर सवाल उठने लगे थे। ऐसे में उनको इससे अलग कर देना ही बेहतर था। उन्होंने कहा कि सलमान नदवी बोर्ड के तमाम लोगों पर जिस तरह के आरोप लगा रहे हैं, उन्हें इस पर एक बार गौर कर लेना चाहिए। क्योंकि पिछले लंबे समय तक वह भी पर्सनल लॉ बोर्ड से जुड़े रहे हैं। मौलाना अहसान कासमी का कहना है कि देशभर के मुसलमानों की रहनुमाई करने वाला पर्सनल लॉ बोर्ड जो भी फैसला लेगा वो मुस्लिमों की भलाई के लिए होगा। उस पर किसी भी प्रकार के आरोपों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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देवबंद (सहारनपुर)। बाबरी मस्जिद-रामजन्म भूमि विवाद में श्रीश्री रविशंकर से मुलाकात को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से बाहर निकाले गए मौलाना सलमान हुसैन नदवी पर देवबंदी उलमा का कहना है कि बोर्ड को यह काम पहले ही कर देना चाहिए था। ताकि जो विवाद हुआ वो न हुआ होता।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा सलमान नदवी को बाहर निकाले जाने का देवबंदी उलमा ने भरपूर समर्थन किया है। तंजीम उलमा-ए-हिंद के प्रदेशाध्यक्ष व अरबी के प्रसिद्ध विद्वान मौलाना नदीमुलवाजदी का कहना है कि बोर्ड को यह काम पहले ही कर देना चाहिए था और आगे अगर कोई नीतियों से हटकर कार्य करें तो उसके खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एक जिम्मेदार इदारा है और उसमें मुल्क के तमाम बड़े उलमा शामिल हैं। ऐसे में उस पर किसी भी प्रकार का आरोप लगाना सरासर गलत है। क्योंकि पर्सनल लॉ बोर्ड शरीयत की रोशनी में मुसलमानों की रहनुमाई करता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड का रुख पहले से साफ है कि अयोध्या पर सर्वोच्च न्यायालय जो फैसला देगा वो कबूल होगा। अब इस पर जल्द फैसला आने की उम्मीद है। ऐसे में सलमान नदवी की गलत बयानबाजी मुनासिब नहीं है। उधर, देवबंद पहुंचे ऑल इंडिया दावातुल मुस्लीमीन सहारनपुर के अध्यक्ष कारी इस्हाक गोरे का कहना है कि पर्सनल लॉ बोर्ड ने सलमान नदवी को बाहर निकालने का जो फैसला किया है, वह एकदम दुरुस्त है। क्योंकि नदवी की वजह से बोर्ड के कामकाज पर सवाल उठने लगे थे। ऐसे में उनको इससे अलग कर देना ही बेहतर था। उन्होंने कहा कि सलमान नदवी बोर्ड के तमाम लोगों पर जिस तरह के आरोप लगा रहे हैं, उन्हें इस पर एक बार गौर कर लेना चाहिए। क्योंकि पिछले लंबे समय तक वह भी पर्सनल लॉ बोर्ड से जुड़े रहे हैं। मौलाना अहसान कासमी का कहना है कि देशभर के मुसलमानों की रहनुमाई करने वाला पर्सनल लॉ बोर्ड जो भी फैसला लेगा वो मुस्लिमों की भलाई के लिए होगा। उस पर किसी भी प्रकार के आरोपों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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