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सड़कों पर चलने के लायक नहीं 124 स्कूली वाहन
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सहारनपुर। स्कूली वाहनों के संचालन में लापरवाही बरती जा रही है। संभागीय परिवहन विभाग की सख्ती के बाद भी 365 स्कूली वाहन बिना फिटनेस के दौड़ रहे हैं। जबकि 124 स्कूली वाहन ऐसे हैं, जो सड़कों पर चलने के लायक ही नहीं हैं। इन वाहनों की मियाद पूरी हो चुकी हैं। ऐसे में परिवहन विभाग ने स्कूली वाहन स्वामियों को नोटिस जारी करते हुए फिटनेस कराने के लिए कहा है।
जिले में संभागीय परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में 1142 स्कूली वाहन रजिस्टर्ड हैं। अप्रैल माह में गाजियाबाद में हुए हादसे के बाद स्कूली वाहनों की छानबीन शुरू हुई थी। इसमें पता लगा था कि जिले में पंजीकृत 1142 स्कूली वाहनों में करीब साढ़े चार सौ वाहनों का फिटनेस नहीं था। एआरटीओ ने जब सख्ती बरती तो स्कूली वाहन स्वामियों ने वाहनों का फिटनेस कराया।
स्कूली वाहनों को चलाने की एक उम्र होती है, लेकिन जिले में 124 स्कूली वाहन ऐसे हैं, जिनके चलने की उम्र पूरी हो गई हैं। इसके बाद भी इन वाहनों का संचालन किया जा रहा है। इनके अलावा 365 स्कूली वाहन अभी तक अनफिट हैं। जिनके पंजीयन निलंबित हो चुके हैं। अब इन वाहनों के स्वामियों को नोटिस दिए गए हैं कि वह वाहनों की फिटनेस करा लें। इसके बाद अगस्त माह में फिटनेस नहीं कराने पर पंजीयन को निरस्त कर दिया जाएगा।
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राजधानी के नंबरों की दौड़ रही बसें
प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर अन्य तमाम जिलों के नंबरों की स्कूली बसें सहारनपुर में सरपट दौड़ रही हैं। कंडम स्कूली बसों को सहारनपुर में चलाया जा रहा है, जिनमें बच्चों की जान खतरे में रहती हैं। इन स्कूली बसों के मानक भी पूरे नहीं हैं।
विभाग में 1142 स्कूली वाहन रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 365 स्कूली वाहन ऐसे हैं जो अनफिट हैं। इन सभी वाहनों के स्वामियों को नोटिस देकर पंजीयन निलंबित किया जा चुका है। फिटनेस नहीं कराया तो अगस्त माह के अंत तक पंजीयन भी निरस्त किया जाएगा।
- महेंद्र बाबू गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन
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जिले में संभागीय परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में 1142 स्कूली वाहन रजिस्टर्ड हैं। अप्रैल माह में गाजियाबाद में हुए हादसे के बाद स्कूली वाहनों की छानबीन शुरू हुई थी। इसमें पता लगा था कि जिले में पंजीकृत 1142 स्कूली वाहनों में करीब साढ़े चार सौ वाहनों का फिटनेस नहीं था। एआरटीओ ने जब सख्ती बरती तो स्कूली वाहन स्वामियों ने वाहनों का फिटनेस कराया।
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स्कूली वाहनों को चलाने की एक उम्र होती है, लेकिन जिले में 124 स्कूली वाहन ऐसे हैं, जिनके चलने की उम्र पूरी हो गई हैं। इसके बाद भी इन वाहनों का संचालन किया जा रहा है। इनके अलावा 365 स्कूली वाहन अभी तक अनफिट हैं। जिनके पंजीयन निलंबित हो चुके हैं। अब इन वाहनों के स्वामियों को नोटिस दिए गए हैं कि वह वाहनों की फिटनेस करा लें। इसके बाद अगस्त माह में फिटनेस नहीं कराने पर पंजीयन को निरस्त कर दिया जाएगा।
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राजधानी के नंबरों की दौड़ रही बसें
प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर अन्य तमाम जिलों के नंबरों की स्कूली बसें सहारनपुर में सरपट दौड़ रही हैं। कंडम स्कूली बसों को सहारनपुर में चलाया जा रहा है, जिनमें बच्चों की जान खतरे में रहती हैं। इन स्कूली बसों के मानक भी पूरे नहीं हैं।
विभाग में 1142 स्कूली वाहन रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 365 स्कूली वाहन ऐसे हैं जो अनफिट हैं। इन सभी वाहनों के स्वामियों को नोटिस देकर पंजीयन निलंबित किया जा चुका है। फिटनेस नहीं कराया तो अगस्त माह के अंत तक पंजीयन भी निरस्त किया जाएगा।
- महेंद्र बाबू गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन