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सर्दी लगने से धरना दे रहे दो किसानों की हालत बिगड़ी
Updated Sat, 01 Dec 2018 12:12 AM IST
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साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। मिल चालू कराने की मांग को लेकर किसानों का पिछले 42 दिन से लगातार धरना जारी है। धरने के दौरान दो किसानों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी क्षेत्र की एक मात्र औद्योगिक इकाई शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर को चालू कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के गन्ना किसानों का 20 अक्टूबर से मिल गेट पर लगातार धरना जारी है। गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन चौ. ताहिर, चौ. रामपाल सिंह, पवन सिंह, दर्शनलाल कांबोज, सुरेशपाल, चमेल सिंह सैनी, रणधीर सिंह, वीरेन्द्र बेदी, बलबीर सिंह, पद्मप्रकाश शर्मा, केहर सिंह, बिरमपाल, सुरेन्द्र सिंह, यशविन्द्र, शिकलचंद, हाजी मुकर्रम आदि का कहना है कि मिल गेट खुलने से पहले वे अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे। शुक्रवार को धरना स्थल पर लंबे समय से बैठे किसान दर्शनलाल काम्बोज व शोभाराम भगत की तबीयत अचानक खराब हो गयी। धरने पर मौजूद किसानों ने उन्हें एंबुलेंस की सहायता से सीएचसी साढ़ौली कदीम में भर्ती कराया। सीएचसी में उपस्थित फार्मेसिस्ट जेपी भट्ट ने बताया कि उक्त किसानों की सर्दी लगने से तबीयत बिगड़ी है। उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। किसानों का आरोप है कि 108 पर काल कर उन्होंने ठीक 2.30 बजे किसानों की खराब तबीयत की जानकारी देते हुए सेवाएं लेने का आग्रह किया था, लेकिन ढाई घंटे की देरी से एंबुलेंस धरना स्थल पर पहुंची। उधर प्रभारी चिकित्साधिकारी का कहना था कि एंबुलेंस देरी से पहुंचने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। किसानों का कहना है कि जब तक मिल चालू कराने की तिथि तय कर गेट नहीं खुलवाए जाते वे धरने से किसी कीमत पर नहीं उठेंगे। उनका कहना है कि यदि पांच दिसंबर तक जिला प्रशासन द्वारा कोई फैसला किसान हित में नहीं लिया जाता तो छह दिसंबर को मिल गेट पर महापंचायत कर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
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पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी क्षेत्र की एक मात्र औद्योगिक इकाई शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर को चालू कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के गन्ना किसानों का 20 अक्टूबर से मिल गेट पर लगातार धरना जारी है। गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन चौ. ताहिर, चौ. रामपाल सिंह, पवन सिंह, दर्शनलाल कांबोज, सुरेशपाल, चमेल सिंह सैनी, रणधीर सिंह, वीरेन्द्र बेदी, बलबीर सिंह, पद्मप्रकाश शर्मा, केहर सिंह, बिरमपाल, सुरेन्द्र सिंह, यशविन्द्र, शिकलचंद, हाजी मुकर्रम आदि का कहना है कि मिल गेट खुलने से पहले वे अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे। शुक्रवार को धरना स्थल पर लंबे समय से बैठे किसान दर्शनलाल काम्बोज व शोभाराम भगत की तबीयत अचानक खराब हो गयी। धरने पर मौजूद किसानों ने उन्हें एंबुलेंस की सहायता से सीएचसी साढ़ौली कदीम में भर्ती कराया। सीएचसी में उपस्थित फार्मेसिस्ट जेपी भट्ट ने बताया कि उक्त किसानों की सर्दी लगने से तबीयत बिगड़ी है। उन्हें भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। किसानों का आरोप है कि 108 पर काल कर उन्होंने ठीक 2.30 बजे किसानों की खराब तबीयत की जानकारी देते हुए सेवाएं लेने का आग्रह किया था, लेकिन ढाई घंटे की देरी से एंबुलेंस धरना स्थल पर पहुंची। उधर प्रभारी चिकित्साधिकारी का कहना था कि एंबुलेंस देरी से पहुंचने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। किसानों का कहना है कि जब तक मिल चालू कराने की तिथि तय कर गेट नहीं खुलवाए जाते वे धरने से किसी कीमत पर नहीं उठेंगे। उनका कहना है कि यदि पांच दिसंबर तक जिला प्रशासन द्वारा कोई फैसला किसान हित में नहीं लिया जाता तो छह दिसंबर को मिल गेट पर महापंचायत कर आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
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