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मौलाना साद कांधलवी को नहीं मिलेगी क्लीनचिट: मद्रासी
Updated Wed, 31 Oct 2018 12:35 AM IST
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दारुल उलूम के नायब मोहतमिम से हुई बातचीत की ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल
देवबंद (सहारनपुर)। इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी की कुछ लोगों से तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद कांधलवी को लेकर हुई बातचीत की एक ऑडियो तेजी के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें वह कह रहे हैं कि मौलाना साद को न तो क्लीन चिट मिलेगी और न उन्हें कोई सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
सोमवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऑडियो में मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी कह रहे हैं वह (मौलाना साद) अपने बयानों को गलत तरीके से लोगों के सामने पेश कर रहे हैं। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मौलाना साद से केवल यही कहा गया था कि वह अपने बयानों में सही तर्क पेश करें। लेकिन वह इससे बाज नहीं आ रहे हैं। मौलाना साद के रुजू (माफी) करने के सवाल पर वायरल ऑडियो में मद्रासी कह रहे हैं कि इतना कुछ होने के बाद भी वह अपने रुख पर कायम है इसलिए न तो उन्हें क्लीन चिट दी जा सकती और न ही उन्हें कोई सर्टिफिकेट दिया जाएगा। साथ ही कहा कि कई वर्ष पूर्व दारुल उलूम से जारी फतवा एकदम सही है। दारुल उलूम अपने रुख पर कायम है। उन्होंने कहा कि गलत बयानी के चलते तब्लीगी जमात की शूरा भी उनसे नाराज हैं वह शूरा की भी नहीं सुन रहे हैं। बता दें कि चार दिन पूर्व उत्तराखंड से कुछ लोग मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी से मिलने आए थे और उन्होंने बातचीत को रिकॉर्ड कर 29 अक्तूबर को उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसको लेकर नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी का कहना है कि रोजाना बहुत से लोग उनसे मिलने के लिए आते हैं। पता नहीं किसने यह रिकॉर्डिंग की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई सही से काम नहीं कर रहा है तो उसे सही काम करने के लिए तो कहा जाएगा। जब वह सही करने लगेगा तो उसको हम कहना बंद कर देंगे। अब इसमें क्लीन चिट देने का क्या मतलब है।
यह था मामला
देवबंद। मौलाना साद कांधलवी दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन में स्थित तब्लीगी जमात के अमीर हैं। बताया गया कि वह जमात से संबंधित होने वाले कार्यक्रमों में जाकर इस्लामी वाक्यात को लेकर गलत बयानबाजी कर रहे हैं। जब इसकी जानकारी दारुल उलूम को मिली तो दारुल उलूम ने उन्हें इससे बाज आने की नसीहत देने के साथ दारुल उलूम ने फतवा जारी कर दिया कि मौलाना साद भरोसे के लायक नहीं है। इसके बाद मौलाना साद ने अपने समर्थकों के माध्यम से दारुल उलूम में माफीनामा भी भेजा था। जिस पर दारुल उलूम ने अपना रुख नरम कर लिया था। लेकिन उसके बावजूद भी वह लगातार गलत बयानबाजी कर रहे हैं।
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देवबंद (सहारनपुर)। इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी की कुछ लोगों से तब्लीगी जमात के अमीर मौलाना साद कांधलवी को लेकर हुई बातचीत की एक ऑडियो तेजी के साथ सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें वह कह रहे हैं कि मौलाना साद को न तो क्लीन चिट मिलेगी और न उन्हें कोई सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
सोमवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही ऑडियो में मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी कह रहे हैं वह (मौलाना साद) अपने बयानों को गलत तरीके से लोगों के सामने पेश कर रहे हैं। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मौलाना साद से केवल यही कहा गया था कि वह अपने बयानों में सही तर्क पेश करें। लेकिन वह इससे बाज नहीं आ रहे हैं। मौलाना साद के रुजू (माफी) करने के सवाल पर वायरल ऑडियो में मद्रासी कह रहे हैं कि इतना कुछ होने के बाद भी वह अपने रुख पर कायम है इसलिए न तो उन्हें क्लीन चिट दी जा सकती और न ही उन्हें कोई सर्टिफिकेट दिया जाएगा। साथ ही कहा कि कई वर्ष पूर्व दारुल उलूम से जारी फतवा एकदम सही है। दारुल उलूम अपने रुख पर कायम है। उन्होंने कहा कि गलत बयानी के चलते तब्लीगी जमात की शूरा भी उनसे नाराज हैं वह शूरा की भी नहीं सुन रहे हैं। बता दें कि चार दिन पूर्व उत्तराखंड से कुछ लोग मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी से मिलने आए थे और उन्होंने बातचीत को रिकॉर्ड कर 29 अक्तूबर को उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसको लेकर नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी का कहना है कि रोजाना बहुत से लोग उनसे मिलने के लिए आते हैं। पता नहीं किसने यह रिकॉर्डिंग की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कोई सही से काम नहीं कर रहा है तो उसे सही काम करने के लिए तो कहा जाएगा। जब वह सही करने लगेगा तो उसको हम कहना बंद कर देंगे। अब इसमें क्लीन चिट देने का क्या मतलब है।
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यह था मामला
देवबंद। मौलाना साद कांधलवी दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन में स्थित तब्लीगी जमात के अमीर हैं। बताया गया कि वह जमात से संबंधित होने वाले कार्यक्रमों में जाकर इस्लामी वाक्यात को लेकर गलत बयानबाजी कर रहे हैं। जब इसकी जानकारी दारुल उलूम को मिली तो दारुल उलूम ने उन्हें इससे बाज आने की नसीहत देने के साथ दारुल उलूम ने फतवा जारी कर दिया कि मौलाना साद भरोसे के लायक नहीं है। इसके बाद मौलाना साद ने अपने समर्थकों के माध्यम से दारुल उलूम में माफीनामा भी भेजा था। जिस पर दारुल उलूम ने अपना रुख नरम कर लिया था। लेकिन उसके बावजूद भी वह लगातार गलत बयानबाजी कर रहे हैं।
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