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रासुका हटने के बाद रिहा हुए राजपूत समाज के तीनों आरोपी
Updated Fri, 07 Sep 2018 12:02 AM IST
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सहारनपुर/बड़गांव। हाईकोर्ट से रासुका निरस्त किए जाने के बाद शब्बीरपुर कांड में जेल गए राजपूत समाज के दो आरोपियों को बृहस्पतिवार की सुबह छह बजे जेल से रिहा कर दिया गया। जबकि एक आरोपी को बुधवार की शाम को ही रिहा कर दिया गया था। तीनों का गांव में पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। मिठाइयां बांटी गईं।
शब्बीरपुर कांड में अंबेहटा चांद निवासी राजू उर्फ विलास, सुधीर और सोनू के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न आरोपों में तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे। तीनों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने रासुका की कार्रवाई की थी। तीनों के अधिवक्ताओं ने रासुका के खिलाफ अपील की। जिस पर एक साल की अवधि पूर्ण होने से पहले ही तीनों पर लगी रासुका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हालांकि राजू उर्फ विलास पर 8 सितंबर को ही एक साल की अवधि पूरी हो रही थी, जबकि सुधीर और सोनू उर्फ सोमपाल पर सात सितंबर को रासुका की अवधि पूरी हो रही थी। हाईकोर्ट से मिले आदेश के बाद राजू उर्फ विलास को जेल से बुधवार रात को ही रिहा कर दिया गया था। जबकि सुधीर और सोनू को बृहस्पतिवार की सुबह लगभग छह बजे जेल से रिहा किया गया। जेल के बाहर दोनों को लेने के लिए गांव से दर्जनों लोग पहुंचे।
जेल से रिहा होने के बाद तीनों लोग गांव में पहुंचे। गांव पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। सोनू उर्फ सोमपाल पुत्र राजेंद्र सिंह, सुधीर पुत्र तेलू व राजू उर्फ विलास पुत्र श्याम शरण कोर्ट के आदेश पर जेल से रिहा होकर बृहस्पतिवार को जब घर पहुंचे तो क्षत्रिय समाज के लोगों का जमावड़ा लग गया। आसपास के गांवों के युवक उनके घर पहुंचे और उनका स्वागत किया। लोग उन्हें पुराने शिव मंदिर ले गए और मत्था टेकने के बाद उनका वहीं पर माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। लोगों ने कहा कि देर से ही सही कोर्ट ने उन्हें न्याय दिया।
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राजपूत समाज के जनप्रतिनिधि पहुंचे गांव
बड़गांव। रासुका में बंद तीनों युवकों का क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कानसिंह राणा, भाजपा नेता साहब सिंह पुंडीर व शशिबाला पुंडीर ने उनके घर पहुंचकर स्वागत किया।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए कानसिंह राणा ने कहा कि उन्होंने विधायक से लेकर मंत्री तथा मुख्यमंत्री तक अपने बच्चों को निर्दोष बताते हुए गुहार लगाई। लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। उन्हें कोर्ट के अलावा कहीं से भी न्याय नहीं मिला। शशिबाला पुंडीर ने कहा कि अगड़े व पिछड़े मिलकर एससी एससी एक्ट का विरोध करेंगे। सरकार ने इस एक्ट को वापस नहीं लिया तो हर स्तर पर केंद्र सरकार का विरोध किया जाएगा।
भाजपा नेता साहब सिंह पुंडीर ने कहा कि पुलिस ने संतुलन बनाने एवं अपनी गर्दन बचाने को राजपूत समाज के निर्दोष युवकों को जेल भेज कर तानाशाही रवैया दिखाया। कोर्ट के फैसले का सभी लोग स्वागत करते हैं। समाज के साथ अन्याय हुआ तो उसका डटकर विरोध किया जाएगा।
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शब्बीरपुर कांड में अंबेहटा चांद निवासी राजू उर्फ विलास, सुधीर और सोनू के खिलाफ हत्या समेत विभिन्न आरोपों में तीन मुकदमे दर्ज किए गए थे। तीनों के खिलाफ पुलिस और प्रशासन ने रासुका की कार्रवाई की थी। तीनों के अधिवक्ताओं ने रासुका के खिलाफ अपील की। जिस पर एक साल की अवधि पूर्ण होने से पहले ही तीनों पर लगी रासुका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। हालांकि राजू उर्फ विलास पर 8 सितंबर को ही एक साल की अवधि पूरी हो रही थी, जबकि सुधीर और सोनू उर्फ सोमपाल पर सात सितंबर को रासुका की अवधि पूरी हो रही थी। हाईकोर्ट से मिले आदेश के बाद राजू उर्फ विलास को जेल से बुधवार रात को ही रिहा कर दिया गया था। जबकि सुधीर और सोनू को बृहस्पतिवार की सुबह लगभग छह बजे जेल से रिहा किया गया। जेल के बाहर दोनों को लेने के लिए गांव से दर्जनों लोग पहुंचे।
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जेल से रिहा होने के बाद तीनों लोग गांव में पहुंचे। गांव पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। सोनू उर्फ सोमपाल पुत्र राजेंद्र सिंह, सुधीर पुत्र तेलू व राजू उर्फ विलास पुत्र श्याम शरण कोर्ट के आदेश पर जेल से रिहा होकर बृहस्पतिवार को जब घर पहुंचे तो क्षत्रिय समाज के लोगों का जमावड़ा लग गया। आसपास के गांवों के युवक उनके घर पहुंचे और उनका स्वागत किया। लोग उन्हें पुराने शिव मंदिर ले गए और मत्था टेकने के बाद उनका वहीं पर माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। लोगों ने कहा कि देर से ही सही कोर्ट ने उन्हें न्याय दिया।
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राजपूत समाज के जनप्रतिनिधि पहुंचे गांव
बड़गांव। रासुका में बंद तीनों युवकों का क्षत्रिय महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कानसिंह राणा, भाजपा नेता साहब सिंह पुंडीर व शशिबाला पुंडीर ने उनके घर पहुंचकर स्वागत किया।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए कानसिंह राणा ने कहा कि उन्होंने विधायक से लेकर मंत्री तथा मुख्यमंत्री तक अपने बच्चों को निर्दोष बताते हुए गुहार लगाई। लेकिन उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। उन्हें कोर्ट के अलावा कहीं से भी न्याय नहीं मिला। शशिबाला पुंडीर ने कहा कि अगड़े व पिछड़े मिलकर एससी एससी एक्ट का विरोध करेंगे। सरकार ने इस एक्ट को वापस नहीं लिया तो हर स्तर पर केंद्र सरकार का विरोध किया जाएगा।
भाजपा नेता साहब सिंह पुंडीर ने कहा कि पुलिस ने संतुलन बनाने एवं अपनी गर्दन बचाने को राजपूत समाज के निर्दोष युवकों को जेल भेज कर तानाशाही रवैया दिखाया। कोर्ट के फैसले का सभी लोग स्वागत करते हैं। समाज के साथ अन्याय हुआ तो उसका डटकर विरोध किया जाएगा।