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श्रद्घा के अनुसार ही मिलता है फल: ज्ञानानंद
Updated Wed, 25 Jul 2018 12:42 AM IST
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सहारनपुर। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि हम जिस तीर्थ में जाते हैं, उस तीर्थ के रहस्य को समझ लेंगे तो उसमें आस्था बढ़ जाएगी। हमारी श्रद्धा के अनुसार ही उसका फल मिलेगा। कुछ पाना या लेना है तो उसके रहस्य को जरूर समझना चाहिए।
मल्हीपुर रोड स्थित एक सभागार में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर श्री कृष्णा कृपा परिवार और जीओ गीता परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुुुुभारंभ गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, मेयर संजीव वालिया, नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि व्यास पूजा एक परंपरा है। हमारे सब ऋषियों के सिरमौर व्यास जी है। आज जिस गद्दी पर बैठकर कथा की जाती है, उस गद्दी को व्यास पीठ और व्यास आसन कहा जाता है। प्रणाम करके हमें व्यास पीठ पर बैठना चाहिए और शास्त्र सम्मत बात ही करनी चाहिए। जीव का उद्धार केवल परमात्मा से जुड़कर ही होगा। गुरु एक तत्व है, जहां से भगवान के पास जाने की प्रेरणा मिलती है। रतन और पवन ने भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और भक्तों ने गुरु पूजा की। अतुल जोशी महाराज, मनमोहन भरतरी, राजकुमार विज, पवन कुमार, अजय मलिक, विवेक मनोचा, महेश नारंग, अशोक आहुजा, रोहित कोचर, अशोक बजाज, अशोक पपनेजा, प्रवीण अरोड़ा, राजा नागपाल, चंद्रशेखर टक्कर, राजेश रवि, रघुनाथ शर्मा, सचिन छाबड़ा, रमेश नागपाल, राम आनंद, मुकेश, रवि, गौरव पसरीचा, अश्वनी लूथरा, भीमसैन नारंग, गुलशन भाटिया, अनिल अग्रवाल, चेतन विज, मनोज किनरा, रमेश खुराना आदि मौजूद रहे।
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मल्हीपुर रोड स्थित एक सभागार में गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर श्री कृष्णा कृपा परिवार और जीओ गीता परिवार द्वारा आयोजित कार्यक्रम का शुुुुभारंभ गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, मेयर संजीव वालिया, नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि व्यास पूजा एक परंपरा है। हमारे सब ऋषियों के सिरमौर व्यास जी है। आज जिस गद्दी पर बैठकर कथा की जाती है, उस गद्दी को व्यास पीठ और व्यास आसन कहा जाता है। प्रणाम करके हमें व्यास पीठ पर बैठना चाहिए और शास्त्र सम्मत बात ही करनी चाहिए। जीव का उद्धार केवल परमात्मा से जुड़कर ही होगा। गुरु एक तत्व है, जहां से भगवान के पास जाने की प्रेरणा मिलती है। रतन और पवन ने भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और भक्तों ने गुरु पूजा की। अतुल जोशी महाराज, मनमोहन भरतरी, राजकुमार विज, पवन कुमार, अजय मलिक, विवेक मनोचा, महेश नारंग, अशोक आहुजा, रोहित कोचर, अशोक बजाज, अशोक पपनेजा, प्रवीण अरोड़ा, राजा नागपाल, चंद्रशेखर टक्कर, राजेश रवि, रघुनाथ शर्मा, सचिन छाबड़ा, रमेश नागपाल, राम आनंद, मुकेश, रवि, गौरव पसरीचा, अश्वनी लूथरा, भीमसैन नारंग, गुलशन भाटिया, अनिल अग्रवाल, चेतन विज, मनोज किनरा, रमेश खुराना आदि मौजूद रहे।
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