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वन गुर्जरों ने उठाई सुरक्षित पुनर्वास की मांग
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:31 AM IST
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वन गुर्जरों ने उठाई सुरक्षित पुनर्वास की मांग
शाकंभरी (सहारनपुर)। वन विभाग की शाकंभरी रेंज अंतर्गत बड़कला चौकी पर वन गुर्जरों की हुई बैठक में वन गुर्जरों ने अपनी समस्याएं रखी और शासन से उन्हें हल कराने की मांग की। बैठक में वन समिति के अध्यक्ष जहूर अहमद ने कहा वन विभाग के अधिकारी वन गुर्जरों को जंगल से बाहर निकालने की मुहिम चला रहे हैं, जो कि सरासर गलत है। कहा कि पिछले 130 वर्षों से हमारे पूर्वज जंगल में रह रहे थे, वन विभाग के अधिकारियों ने हमें रहने के लिए परमिट दिए हुए हैं, उसके बाद भी हमको जंगल से बाहर निकाला जा रहा है। हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे। वन गुर्जर मीरहमजा, आलमगीर ने कहा कि सरकार हमारा पुनर्वास कराए तो हम जंगल स्वेच्छा से छोड़ देंगे, परंतु इस तरह से जबरदस्ती बेघर करेंगे तो हम इसकी लड़ाई को लड़ेंगे। वन गुर्जर गुलामनबी, जहूर हसन ने कहा कि वन विभाग के अधिकारी यह कह रहे हैं कि सेना की फायरिंग अभ्यास के लिए जंगल को खाली कराया जा रहा है, परंतु पुनर्वास के बारे में कोई पहल नहीं की जा रही है। इसके विपरीत हमको बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है और अब ऊपर से हम सबको बेघर करने पर तुली हुई है। बैठक में अब्दुल करीम वन समिति अध्यक्ष मोहंड, नूरजहां, नानी, दग्गू, गामी, रोशन, अकलो, तालिब प्रधान, सफरु, बीरू, लियाकत ,सुल्तान गुलाम रसूल, यूसुफ, मुस्तफा नूर जमाल आदि रहे।
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शाकंभरी (सहारनपुर)। वन विभाग की शाकंभरी रेंज अंतर्गत बड़कला चौकी पर वन गुर्जरों की हुई बैठक में वन गुर्जरों ने अपनी समस्याएं रखी और शासन से उन्हें हल कराने की मांग की। बैठक में वन समिति के अध्यक्ष जहूर अहमद ने कहा वन विभाग के अधिकारी वन गुर्जरों को जंगल से बाहर निकालने की मुहिम चला रहे हैं, जो कि सरासर गलत है। कहा कि पिछले 130 वर्षों से हमारे पूर्वज जंगल में रह रहे थे, वन विभाग के अधिकारियों ने हमें रहने के लिए परमिट दिए हुए हैं, उसके बाद भी हमको जंगल से बाहर निकाला जा रहा है। हम इसका पुरजोर विरोध करेंगे। वन गुर्जर मीरहमजा, आलमगीर ने कहा कि सरकार हमारा पुनर्वास कराए तो हम जंगल स्वेच्छा से छोड़ देंगे, परंतु इस तरह से जबरदस्ती बेघर करेंगे तो हम इसकी लड़ाई को लड़ेंगे। वन गुर्जर गुलामनबी, जहूर हसन ने कहा कि वन विभाग के अधिकारी यह कह रहे हैं कि सेना की फायरिंग अभ्यास के लिए जंगल को खाली कराया जा रहा है, परंतु पुनर्वास के बारे में कोई पहल नहीं की जा रही है। इसके विपरीत हमको बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई है और अब ऊपर से हम सबको बेघर करने पर तुली हुई है। बैठक में अब्दुल करीम वन समिति अध्यक्ष मोहंड, नूरजहां, नानी, दग्गू, गामी, रोशन, अकलो, तालिब प्रधान, सफरु, बीरू, लियाकत ,सुल्तान गुलाम रसूल, यूसुफ, मुस्तफा नूर जमाल आदि रहे।