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साधु संतों के संग से प्राप्त होते हैं अच्छे गुण
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:31 AM IST
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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। संत सम्मेलन के पांचवें दिन स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि जब तक मनुष्य साधु संतों के सत्संग में नहीं जाएगा तब तक उसके अंदर अच्छे गुणों का समावेश नहीं हो सकता।
कस्बे के मोहल्ला कायस्थान में स्थित सिद्धपीठ प्राचीन मंदिर श्री ठाकुरद्वारा में चल रहे सात दिवसीय संत सम्मेलन में सोहम मंडल के पीठाधीश्वर स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि शिक्षा मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी कुंजी है जिसे प्राप्त करने के लिए मनुष्य को प्रयास करना चाहिए। शिक्षा से मनुष्य में सद्बुद्धि आती है। उन्होंने कहा कि जिसने भी शिक्षा को प्राप्त किया है उसकी मन की समस्या का समाधान हुआ है जिस प्रकार से भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता ज्ञान की शिक्षा दी जिससे उसका संशय दूर हो गया। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने रामकथा की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि रामकथा के मात्र श्रवण से ही दुखों का विनाश तथा सुख की प्राप्ति हो जाती है। रामायण में मनुष्य के जीवन का सार समाहित है। सन्त सम्मेलन को स्वामी प्रीतमदास महाराज, नारायण नंद महाराज, स्वामी गोपाल नंद महाराज, गौरव स्वरूप ने भी प्रवचन किए। कार्यक्रम में चौधरी धनेन्द्र पंवार, पंडित सुरेन्द्र शर्मा, कांशी राम, ललित सैनी, संजय पंवार, डा. अनुज सैनी आदि मौजूद रहे।
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कस्बे के मोहल्ला कायस्थान में स्थित सिद्धपीठ प्राचीन मंदिर श्री ठाकुरद्वारा में चल रहे सात दिवसीय संत सम्मेलन में सोहम मंडल के पीठाधीश्वर स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि शिक्षा मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी कुंजी है जिसे प्राप्त करने के लिए मनुष्य को प्रयास करना चाहिए। शिक्षा से मनुष्य में सद्बुद्धि आती है। उन्होंने कहा कि जिसने भी शिक्षा को प्राप्त किया है उसकी मन की समस्या का समाधान हुआ है जिस प्रकार से भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता ज्ञान की शिक्षा दी जिससे उसका संशय दूर हो गया। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने रामकथा की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि रामकथा के मात्र श्रवण से ही दुखों का विनाश तथा सुख की प्राप्ति हो जाती है। रामायण में मनुष्य के जीवन का सार समाहित है। सन्त सम्मेलन को स्वामी प्रीतमदास महाराज, नारायण नंद महाराज, स्वामी गोपाल नंद महाराज, गौरव स्वरूप ने भी प्रवचन किए। कार्यक्रम में चौधरी धनेन्द्र पंवार, पंडित सुरेन्द्र शर्मा, कांशी राम, ललित सैनी, संजय पंवार, डा. अनुज सैनी आदि मौजूद रहे।
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