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आम के बागों में मैंगा मिली बग आदि कीटों का प्रकोप
Updated Sat, 07 Apr 2018 12:52 AM IST
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आम के बागों में मैंगो मिली बग का प्रकोप
सहारनपुर। आम के बागों में इस समय पाउडरी मिल्डयू फंगस, मैंगो मिली बग सहित अन्य कीटों का प्रकोप हो रहा है। समय पर इन कीटों और रोगों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आम की फसल के उत्पादन पर इसका बुरा असर पडेगा।
आम के बाग इस समय कीटों की चपेट में हैं। इनकी रोकथाम के लिए उपाय नहीं किए गए तो स्थिति खराब हो सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि आम की फसल में पाउडरी मिल्डयू फंगस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इसमें बौर पर सफेद रंग का पाउडर जैसा चूर्ण दिखाई पड़ता है। इसके प्रकोप से बौर झड़ जाता है। जिससे उत्पादन भी प्रभावित होता है। यह फंगस फसल को 50 प्रतिशत से अधिक तक नुकसान पहुुंचा देता है। इसकी रोकथाम के लिए बाबस्टीन या कार्बेडिजियम का प्रयोग करना चाहिए। इसकी एक ग्राम मात्रा को प्रति लीटर पानी में घोलकर स्प्रे करना फायदेमंद रहता है। इसके अलावा मैँगो मिली बग और मैंगों हॉपर कीट का भी प्रकोप दिखाई पड़ रहा है। ये कीट आम के बौर का रस चूसकर उसे नुकसान पहुंचाते हैं। इसकी रोकथाम के लिए मोनोक्रोटोफॉस या मिथाइल पैराथियान आदि की एक ग्राम मात्रा को प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। रामपुर मनिहारान और बेहट के बागवान अहसान, साजिद, राजपाल, बबलू, बिटटू नंबरदार आदि ने बताया कि इन कीटों और रोगों का प्रकोप क्षेत्र के कई बागों में दिखाई पड़ रहा है। इसकी रोकथाम के लिए उद्यान विशेषज्ञों की सलाह से कीटनाशकों का स्प्रे किया जाएगा।
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सहारनपुर। आम के बागों में इस समय पाउडरी मिल्डयू फंगस, मैंगो मिली बग सहित अन्य कीटों का प्रकोप हो रहा है। समय पर इन कीटों और रोगों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आम की फसल के उत्पादन पर इसका बुरा असर पडेगा।
आम के बाग इस समय कीटों की चपेट में हैं। इनकी रोकथाम के लिए उपाय नहीं किए गए तो स्थिति खराब हो सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. सत्यप्रकाश ने बताया कि आम की फसल में पाउडरी मिल्डयू फंगस का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। इसमें बौर पर सफेद रंग का पाउडर जैसा चूर्ण दिखाई पड़ता है। इसके प्रकोप से बौर झड़ जाता है। जिससे उत्पादन भी प्रभावित होता है। यह फंगस फसल को 50 प्रतिशत से अधिक तक नुकसान पहुुंचा देता है। इसकी रोकथाम के लिए बाबस्टीन या कार्बेडिजियम का प्रयोग करना चाहिए। इसकी एक ग्राम मात्रा को प्रति लीटर पानी में घोलकर स्प्रे करना फायदेमंद रहता है। इसके अलावा मैँगो मिली बग और मैंगों हॉपर कीट का भी प्रकोप दिखाई पड़ रहा है। ये कीट आम के बौर का रस चूसकर उसे नुकसान पहुंचाते हैं। इसकी रोकथाम के लिए मोनोक्रोटोफॉस या मिथाइल पैराथियान आदि की एक ग्राम मात्रा को प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए। रामपुर मनिहारान और बेहट के बागवान अहसान, साजिद, राजपाल, बबलू, बिटटू नंबरदार आदि ने बताया कि इन कीटों और रोगों का प्रकोप क्षेत्र के कई बागों में दिखाई पड़ रहा है। इसकी रोकथाम के लिए उद्यान विशेषज्ञों की सलाह से कीटनाशकों का स्प्रे किया जाएगा।
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