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कुरान पाक मुक्कमल होने पर की बच्चों की दस्तारबंदी
Updated Mon, 26 Mar 2018 01:52 AM IST
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चिलकाना (सहारनपुर)। मदरसा तहमीजुल कुरआन में एक जलसे का आयोजन किया गया। इसमें मदरसे में पढ़ने वाले तालिबे इल्म (छात्रों) की कुरान ए पाक पूरा होने पर उनको पगड़ी बांध कर उनकी दस्तारबंदी की गई।
रविवार को गांव नया बांस में स्थित मदरसे में आयोजित कार्यक्रम में देवबंद से आए मौलाना हबीबुल्ला मदनी साहब नाजिम मदरसा अंबेहटा पीर ने कहा कि मुसलमानों को अपने बच्चों को अच्छी तालीम देनी चाहिए। आज कौम के पिछड़ने की वजह यह है कि हम लोगों ने अपने मामलात को खराब कर लिया है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अपने बच्चे पढ़ाने तथा मामलात को सलामत रखना चाहिए।
मदरसा मजाहिर उलूम के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना जाफर हुसैन, शेखुल हदीस दारूल उलूम के मौलाना जाहिद साहब ने भी मुसलमानों से अपने बच्चों को तालीम दिलाने की गुजारिश की। हरियाणा के बूड़िया से आये हजरत मौलाना सत्तार ने कुरआन हाफिज करने वाले नौ बच्चों को पगड़ी पहनाकर दस्तारबंदी की।
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इस दौरान बाबू प्रधान, यूसुफ कुरैशी, हाजी शमशाद, डा. रिजवान, साजिद अली, मो. इनाम, मो. बाकिर, उस्मान, हाफिज आशिक, कारी गुलसनव्वर, राव मुंसार, इरफान प्रधान आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता मौलाना अब्दुल सत्तार ने की तथा संचालन मौलाना अहबाब ने किया। दुआ के साथ प्रोग्राम खत्म हुआ।
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रविवार को गांव नया बांस में स्थित मदरसे में आयोजित कार्यक्रम में देवबंद से आए मौलाना हबीबुल्ला मदनी साहब नाजिम मदरसा अंबेहटा पीर ने कहा कि मुसलमानों को अपने बच्चों को अच्छी तालीम देनी चाहिए। आज कौम के पिछड़ने की वजह यह है कि हम लोगों ने अपने मामलात को खराब कर लिया है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अपने बच्चे पढ़ाने तथा मामलात को सलामत रखना चाहिए।
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मदरसा मजाहिर उलूम के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना जाफर हुसैन, शेखुल हदीस दारूल उलूम के मौलाना जाहिद साहब ने भी मुसलमानों से अपने बच्चों को तालीम दिलाने की गुजारिश की। हरियाणा के बूड़िया से आये हजरत मौलाना सत्तार ने कुरआन हाफिज करने वाले नौ बच्चों को पगड़ी पहनाकर दस्तारबंदी की।
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इस दौरान बाबू प्रधान, यूसुफ कुरैशी, हाजी शमशाद, डा. रिजवान, साजिद अली, मो. इनाम, मो. बाकिर, उस्मान, हाफिज आशिक, कारी गुलसनव्वर, राव मुंसार, इरफान प्रधान आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता मौलाना अब्दुल सत्तार ने की तथा संचालन मौलाना अहबाब ने किया। दुआ के साथ प्रोग्राम खत्म हुआ।