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निकाह व हलाला के खिलाफ याचिका दायर करने का मामला...
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:16 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा निकाह और हलाला के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के मामले में देवबंदी उलमा का कहना है कि हिंदुस्तान में संविधान ने हर धर्म के लोगों को धार्मिक आजादी दी हुई है, जिसके तहत वो जिंदगी गुजारते हैं। यदि कोई इसमें हस्तक्षेप करता है या पाबंदी लगाने की बात करता है तो वो मुल्क के कानून का दुश्मन और गद्दार है। जिसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
मंगलवार को दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती शरीफ खान कासमी ने दूरभाष पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी नेता इस्लाम और शरई मामलात से कतई नावाकिफ हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की है उसमें कहा है कि अगर कोई तलाकशुदा औरत अपने शौहर के साथ दोबारा निकाह करना चाहती है तो उसको किसी दूसरे मर्द से निकाह करना पड़ता है। बाद में उससे तलाक लेकर पहले शौहर के साथ निकाह कर सकती है। मौलाना शरीफ ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेता ने कानूनी व शरई तरीके से शादी करने की बात खुद अपने मुंह से कही है। फिर वो कौन सा दुनियावी या दीनी कानून है जो इस कानून को बलात्कार की श्रेणी में रखता है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का एक ग्रुप मुस्लिम दुश्मनी में इस कद्र अंधा हो चुका है कि वो अपनी कही हुई बातों को भी याद नहीं रखता। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार में इतनी फंस चुकी है कि वो जनता के सवालों के जवाब देने से बचने के लिए इस तरह की हरकतें करने वाले अपने नेताओं को प्रोत्साहित कर रही है। मुफ्ती शरीफ खान ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों से अपील की है कि उक्त याचिका को स्वीकार न किया।
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मंगलवार को दारुल उलूम जकरिया के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती शरीफ खान कासमी ने दूरभाष पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बीजेपी नेता इस्लाम और शरई मामलात से कतई नावाकिफ हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जो याचिका दायर की है उसमें कहा है कि अगर कोई तलाकशुदा औरत अपने शौहर के साथ दोबारा निकाह करना चाहती है तो उसको किसी दूसरे मर्द से निकाह करना पड़ता है। बाद में उससे तलाक लेकर पहले शौहर के साथ निकाह कर सकती है। मौलाना शरीफ ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेता ने कानूनी व शरई तरीके से शादी करने की बात खुद अपने मुंह से कही है। फिर वो कौन सा दुनियावी या दीनी कानून है जो इस कानून को बलात्कार की श्रेणी में रखता है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का एक ग्रुप मुस्लिम दुश्मनी में इस कद्र अंधा हो चुका है कि वो अपनी कही हुई बातों को भी याद नहीं रखता। साथ ही कहा कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार में इतनी फंस चुकी है कि वो जनता के सवालों के जवाब देने से बचने के लिए इस तरह की हरकतें करने वाले अपने नेताओं को प्रोत्साहित कर रही है। मुफ्ती शरीफ खान ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों से अपील की है कि उक्त याचिका को स्वीकार न किया।
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