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कहिके हमसे गइला, तू नाहि अइला मोर बलमुआ हो
Updated Thu, 01 Mar 2018 11:04 PM IST
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सहारनपुर। पूर्वांचल महासभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में होली गीत, फगुआ और भोजपुरी गीतों ने सबका मन मोह लिया। वक्ताओं ने होली के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला।
बृहस्पतिवार को शारदा नगर स्थित वेद माता गायत्री मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मधुकर ने गीतों से समा बांध दिया। उनकी प्रस्तुति कहिके हमसे गइला, तू काहे नाहि अइला मोर बलमुआ हो, ने पूर्वांचल वासियों को झूमने पर मजबूर कर दिया। महासचिव रामप्रकाश आर्य ने महासभा और होली के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में होली गीतों के साथ ही फगुआ और भोजपुरी गीतों की एक एक से उम्दा प्रस्तुति दी गई। विनोद कुमार मांझी, राम प्रकाश सिंह, जीत बहादुर, विनोद कुमार राय, विश्वनाथ तिवारी, अशोक सिंह, विशम्बर तिवारी, वीडी दूबे, कदम सिंह प्रधान, नेत्रपाल, चन्द्रबली, राधेश्याम, अरुण कुमार पांडे, आरवी मिश्रा, सूर्यप्रकाश मिश्रा, ह्दय नारायण शुक्ला, विनीत चौहान, पीवी राय, रामसकल यादव, जेपी यादव, डॉ. नारायण सिंह, राणा प्रताप सिंह, पीके उपाध्याय, पीके चंदेल आदि रहे। अध्यक्षता ब्रह्म सिंह और संचालन राजा सिंह ने किया।
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बृहस्पतिवार को शारदा नगर स्थित वेद माता गायत्री मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मधुकर ने गीतों से समा बांध दिया। उनकी प्रस्तुति कहिके हमसे गइला, तू काहे नाहि अइला मोर बलमुआ हो, ने पूर्वांचल वासियों को झूमने पर मजबूर कर दिया। महासचिव रामप्रकाश आर्य ने महासभा और होली के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में होली गीतों के साथ ही फगुआ और भोजपुरी गीतों की एक एक से उम्दा प्रस्तुति दी गई। विनोद कुमार मांझी, राम प्रकाश सिंह, जीत बहादुर, विनोद कुमार राय, विश्वनाथ तिवारी, अशोक सिंह, विशम्बर तिवारी, वीडी दूबे, कदम सिंह प्रधान, नेत्रपाल, चन्द्रबली, राधेश्याम, अरुण कुमार पांडे, आरवी मिश्रा, सूर्यप्रकाश मिश्रा, ह्दय नारायण शुक्ला, विनीत चौहान, पीवी राय, रामसकल यादव, जेपी यादव, डॉ. नारायण सिंह, राणा प्रताप सिंह, पीके उपाध्याय, पीके चंदेल आदि रहे। अध्यक्षता ब्रह्म सिंह और संचालन राजा सिंह ने किया।
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