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अपनी जगह और अपनी पहचान खुद बनाएं महिलाएं - आतिया साबरी
Updated Wed, 23 Aug 2017 01:07 AM IST
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सहारनपुर। आतिया साबरी ने कहा है कि महिलाएं अपने घर में और समाज में अपनी पहचान तथा अपनी जगह खुद बनाएं। किसी से डर कर न रहें, किसी के सामने कमजोर न बनें। अपनी जिंदगी को खुद जीने का हौसला रखें।
मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद घर लौटने के बाद अमर उजाला से की बातचीत में आतिया साबरी ने कहा कि मुस्लिम समाज की महिलाओं को जीत की खुशी है। इस फैसले से सभी सहमत है। सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है वह महिलाओं के हक में दिया है। महिलाओं को जीने का अधिकार दिया है। समाज में उन्हें सम्मान का हकदार बनाया है। समाज में बराबरी मिली है। जो भी फैसला आया है महिलाओं के आने वाले कल को सुधारने वाला आया है। जो लड़ाई हम लड़ रहे थे उसमें हमें न्याय मिला है। आने वाले समय में कोई भी लड़की बेघर नहीं होगी। कोई भी उन्हें फोन पर, व्हाट्सएप पर, इंटरनेट पर तलाक दे सके या कोई या कोई यूं ही छोड़ देगा, ऐसा अब कभी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वह मुस्लिम बहनों से यह अनुरोध करतीं हैं कि वे अपनी जिंदगी को खुद जीने का हौसला करें, किसी से न डरें और किसी के सामने अपने को कमजोर महसूस न होने दें। अपने घर में भी अपनी पहचान और जगह बनाएं।
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मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद घर लौटने के बाद अमर उजाला से की बातचीत में आतिया साबरी ने कहा कि मुस्लिम समाज की महिलाओं को जीत की खुशी है। इस फैसले से सभी सहमत है। सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है वह महिलाओं के हक में दिया है। महिलाओं को जीने का अधिकार दिया है। समाज में उन्हें सम्मान का हकदार बनाया है। समाज में बराबरी मिली है। जो भी फैसला आया है महिलाओं के आने वाले कल को सुधारने वाला आया है। जो लड़ाई हम लड़ रहे थे उसमें हमें न्याय मिला है। आने वाले समय में कोई भी लड़की बेघर नहीं होगी। कोई भी उन्हें फोन पर, व्हाट्सएप पर, इंटरनेट पर तलाक दे सके या कोई या कोई यूं ही छोड़ देगा, ऐसा अब कभी नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वह मुस्लिम बहनों से यह अनुरोध करतीं हैं कि वे अपनी जिंदगी को खुद जीने का हौसला करें, किसी से न डरें और किसी के सामने अपने को कमजोर महसूस न होने दें। अपने घर में भी अपनी पहचान और जगह बनाएं।
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