{"_id":"5c1fd746bdec22570a41fe3e","slug":"11545590598-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन किसानों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन किसानों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन किसानों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी
साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। मिल का संचालन कराने की मांग को लेकर किसानों का पिछले दो माह से लगातार धरना जारी है। धरने पर बैठे तीन किसानों ने जल्द ही आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
पिछले चार साल से बंद पड़ी यमुना खादर और घाड़ क्षेत्र की एक मात्र औद्योगिक इकाई चीनी मिल टोडरपुर को संचालित कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों का 20 अक्तूबर से मिल गेट पर लगातार धरना जारी है। रविवार को धरने पर बैठे किसान 90 वर्षीय दर्शनलाल कांबोज, चौधरी रामपाल सिंह और हाजी मुकर्रम ने दिनभर कुछ नहीं खाया। देर शाम कुछ जिम्मेदार किसानों के आग्रह पर उन्होंने केवल पानी पिया। इन किसानों ने कहा कि यदि तीन दिन के अंदर प्रशासन ने सुध नहीं ली तो आमरण अनशन शुरू कर देंगे। बता दें कि 25 अक्तूबर को किसान दर्शनलाल कांबोज लगातार आमरण अनशन पर बैठ गए थे। साथी किसानों के आग्रह को भी इन्होंने ठुकरा दिया था। इस दौरान दो बार उनकी तबीयत बिगड़ी। किसान को धरना स्थल से उठाकर चिकित्सालय पहुंचाने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।
धरने पर बैठे किसान साधूराम, सावन सिंह, शंभूराम कांबोज, ऋषिपाल सिंह, बिरमपाल सिंह, बुद्ध सिंह, सुरेशपाल सिंह, शेर सिंह, गुलशन प्रधान, मनजीत सैनी, वीरेंद्र सिंह, सतीश शर्मा, अवनीश कुमार, चौधरी ताहिर, आकिल आदि का कहना है कि जब तक मिल गेट नहीं खोले जाते तब तक वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे। मिल होने के बावजूद उन्हें अपने गन्ने की फसल को कोल्हुओं में कम दामों पर लुटाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। यहां उनके गन्ने की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। यदि मिल का संचालन शुरू किया जाता है तो वे अन्य मिलों से कम मूल्य पर भी अपने गन्ने को देने को तैयार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। मिल का संचालन कराने की मांग को लेकर किसानों का पिछले दो माह से लगातार धरना जारी है। धरने पर बैठे तीन किसानों ने जल्द ही आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी दी है।
पिछले चार साल से बंद पड़ी यमुना खादर और घाड़ क्षेत्र की एक मात्र औद्योगिक इकाई चीनी मिल टोडरपुर को संचालित कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों का 20 अक्तूबर से मिल गेट पर लगातार धरना जारी है। रविवार को धरने पर बैठे किसान 90 वर्षीय दर्शनलाल कांबोज, चौधरी रामपाल सिंह और हाजी मुकर्रम ने दिनभर कुछ नहीं खाया। देर शाम कुछ जिम्मेदार किसानों के आग्रह पर उन्होंने केवल पानी पिया। इन किसानों ने कहा कि यदि तीन दिन के अंदर प्रशासन ने सुध नहीं ली तो आमरण अनशन शुरू कर देंगे। बता दें कि 25 अक्तूबर को किसान दर्शनलाल कांबोज लगातार आमरण अनशन पर बैठ गए थे। साथी किसानों के आग्रह को भी इन्होंने ठुकरा दिया था। इस दौरान दो बार उनकी तबीयत बिगड़ी। किसान को धरना स्थल से उठाकर चिकित्सालय पहुंचाने के लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी थी।
विज्ञापन
धरने पर बैठे किसान साधूराम, सावन सिंह, शंभूराम कांबोज, ऋषिपाल सिंह, बिरमपाल सिंह, बुद्ध सिंह, सुरेशपाल सिंह, शेर सिंह, गुलशन प्रधान, मनजीत सैनी, वीरेंद्र सिंह, सतीश शर्मा, अवनीश कुमार, चौधरी ताहिर, आकिल आदि का कहना है कि जब तक मिल गेट नहीं खोले जाते तब तक वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे। मिल होने के बावजूद उन्हें अपने गन्ने की फसल को कोल्हुओं में कम दामों पर लुटाने के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। यहां उनके गन्ने की लागत भी पूरी नहीं हो पा रही है। यदि मिल का संचालन शुरू किया जाता है तो वे अन्य मिलों से कम मूल्य पर भी अपने गन्ने को देने को तैयार हैं।
विज्ञापन