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सड़क ऊंची, पटरी नीची, हो रहे हादसे
Updated Tue, 20 Nov 2018 01:08 AM IST
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सड़क ऊंची, पटरी नीची, हो रहे हादसे
सहारनपुर। सड़कों के निर्माण में शहर में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। सड़क की ऊंचाई बढ़ाने के बाद साइड की पटरी को नीचा ही छोड़ दिया जा रहा है, जबकि नियमों में सड़क ऊंची करने पर साइड पटरी भी ऊपर उठनी चाहिए। अब यह सिर्फ लापरवाही है या फिर निर्माण में लागत कम करने के लिए गोलमाल किया गया है।
सड़कों के निर्माण का ऐसा हाल किसी एक इलाके में नहीं, बल्कि कई मार्गों पर है। जहां सड़कों का निर्माण तो किया गया, लेकिन कार्यदायी संस्था की उदासीनता से साइड पटरी को ऐसे ही छोड़ दिया गया। कई जगह तो सड़कें साइड पटरी से एक फुट तक ऊंची हो रही हैं। इसकी वजह से दुपहिया वाहन चालक फिसलकर गिरने की वजह से चोटिल हो जाते हैं, तो अन्य वाहनों से भी एक्सीडेंट होने का खतरा रहता है।
एसबीडी जिला अस्पताल चौक से डॉक्टर भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम चौक की ओर जाने वाली सड़क वर्षों से अधूरी बनाई जा रही है। उक्त सड़क की दोनों ओर की साइड पटरी ऐसे ही छोड़ी गईं हैं, जिसकी वजह से कुछ जगहों पर सड़क साइड से आठ से दस इंच तक ऊंची हो रही है। उक्त मार्ग पर वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में साइड अधूरी होने की वजह से वाहन चालकों को परेशानी होती है। कई बार दुपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर जाते हैं। कोतवाली सदर बाजार के सामने से गुजरने वाली सड़क पर भी हैवी ट्रैफिक रहता है। मगर उक्त सड़क की साइड भी बिना बनाए छोड़ी हुई है। सड़क की एक साइड में बड़ा नाला भी है, जिसकी दीवार नहीं होने की वजह से वाहनों के सड़क से फिसलकर नाले में गिरने का भी खतरा रहता है। शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में से एक कोर्ट रोड को नगर निगम मॉडल रोड के रूप में विकसित कर रहा है। मगर इस मार्ग की भी दोनों साइड बिना बनाए छोड़ी गई हैं। यहां भी साइड और सड़क की ऊंचाई में कई जगहों पर आठ इंच तक का अंतर है। जिनकी वजह से राहगीरों खासकर दुपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
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बोले नगरवासी -
- एसबीडी रोड पर मेडिकल स्टोर चलाने वाले नीरज सचदेवा ने बताया कि उनके सामने की सड़क की साइड सड़क से काफी गहरी है, जिसपर प्रतिदिन दुपहिया वाहन चालक फिसलते हैं। ऐसा एक या दो महीने से नहीं, बल्कि वर्षों से हो रहा है। कोई भी निर्माण एजेंसी हो उसे चाहिए कि वह साइड को भी बनाए।
- उस्मान अहमद का कहना है कि शहर की ज्यादातर सड़कों की साइड पटरी नहीं बनाई गई है। इसकी वजह से हादसे होने का खतरा रहता है। उन्होंने शहर की आधा दर्जन से अधिक सड़कों के नाम तक गिना दिए। उनकी मांग है कि सड़कों के साथ साइड पटरी को ऊपर उठाकर बनाया जाना चाहिए।
- अनिल कुमार ने बताया कि कोर्ट रोड के दोनों ओर की साइडें पटरी ऐसे ही छोड़ी गई हैं। कुछ जगहों पर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई गई है, मगर वह भी सड़क से काफी नीची है। एसबीआई की मुख्य ब्रांच के सामने ऐसा ही हाल है। उन्होंने निर्माण विभागों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
- नवीन ने बताया कि वह खुद बाइक पर चलते हैं। सड़कें साइड पटरी से ऊंची होने की वजह से कई बार वह खुद फिसल चुके हैं। उन्होंने भी विभागों पर सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
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सड़क निर्माण के नियम
- सड़क के साथ-साथ पटरी को भी निर्माण करना।
- सड़क के दोनों ओर ढलान है।
- सड़क की साइड ऊंची या नीची न हो।
- सड़क में गड्ढे न हों।
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हादसों से भी नहीं ले रहे सबक
पिछले करीब एक सप्ताह में जनपद में सड़क हादसों में 15 लोगों की जान जा चुकी है। ज्यादातर हादसों की वजह सड़कों के गड्ढे बने हैं। मगर उसके बावजूद शहर की सड़कों और उनकी साइड को दुरुस्त करने के प्रयास नहीं हुए हैं। सड़कों को गड्ढामुक्त करने की बात करें तो बेहट रोड पर रसूलपुर के पास सड़क को गड्ढामुक्त करने के लिए गड्ढे भरे गए हैं। मगर जहां-जहां गड्ढे भरे गए हैं वहां सड़क ऊंची उठा दी गई है, जिसके कारण लोगों को अब भी परेशानी हो रही है।
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सड़कों की साइड को भी बनाने की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है। मगर शहर की अनेक सड़कों के साथ ऐसा नहीं हुआ है। जन समस्या को देखते हुए नगर निगम ने कुछ सड़कों की साइड पर टाइल्स बिछाने का काम शुरू किया है। कोशिश यही है कि साइड को सड़कों के बराबर किया जाए। -- आलोक कुमार, अधिशासी अभियंता, निर्माण विभाग, नगर निगम।
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सड़कों के टेंडर में साइड पटरी को बनाना भी शामिल होता है। सड़क पटरी बनाते वक्त ठेकेदार को देखना चाहिए कि साइड पटरी ऊंची या नीची न हो। सड़क दोनों साइड ढलान वाली हों, जिससे वाहन को साइड में उतारने या चढ़ाने में परेशानी न हो। -- मोहित, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी।
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सहारनपुर। सड़कों के निर्माण में शहर में बड़ी लापरवाही बरती जा रही है। सड़क की ऊंचाई बढ़ाने के बाद साइड की पटरी को नीचा ही छोड़ दिया जा रहा है, जबकि नियमों में सड़क ऊंची करने पर साइड पटरी भी ऊपर उठनी चाहिए। अब यह सिर्फ लापरवाही है या फिर निर्माण में लागत कम करने के लिए गोलमाल किया गया है।
सड़कों के निर्माण का ऐसा हाल किसी एक इलाके में नहीं, बल्कि कई मार्गों पर है। जहां सड़कों का निर्माण तो किया गया, लेकिन कार्यदायी संस्था की उदासीनता से साइड पटरी को ऐसे ही छोड़ दिया गया। कई जगह तो सड़कें साइड पटरी से एक फुट तक ऊंची हो रही हैं। इसकी वजह से दुपहिया वाहन चालक फिसलकर गिरने की वजह से चोटिल हो जाते हैं, तो अन्य वाहनों से भी एक्सीडेंट होने का खतरा रहता है।
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एसबीडी जिला अस्पताल चौक से डॉक्टर भीमराव आंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम चौक की ओर जाने वाली सड़क वर्षों से अधूरी बनाई जा रही है। उक्त सड़क की दोनों ओर की साइड पटरी ऐसे ही छोड़ी गईं हैं, जिसकी वजह से कुछ जगहों पर सड़क साइड से आठ से दस इंच तक ऊंची हो रही है। उक्त मार्ग पर वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में साइड अधूरी होने की वजह से वाहन चालकों को परेशानी होती है। कई बार दुपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर जाते हैं। कोतवाली सदर बाजार के सामने से गुजरने वाली सड़क पर भी हैवी ट्रैफिक रहता है। मगर उक्त सड़क की साइड भी बिना बनाए छोड़ी हुई है। सड़क की एक साइड में बड़ा नाला भी है, जिसकी दीवार नहीं होने की वजह से वाहनों के सड़क से फिसलकर नाले में गिरने का भी खतरा रहता है। शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में से एक कोर्ट रोड को नगर निगम मॉडल रोड के रूप में विकसित कर रहा है। मगर इस मार्ग की भी दोनों साइड बिना बनाए छोड़ी गई हैं। यहां भी साइड और सड़क की ऊंचाई में कई जगहों पर आठ इंच तक का अंतर है। जिनकी वजह से राहगीरों खासकर दुपहिया वाहन चालकों को परेशानी हो रही है।
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बोले नगरवासी -
- एसबीडी रोड पर मेडिकल स्टोर चलाने वाले नीरज सचदेवा ने बताया कि उनके सामने की सड़क की साइड सड़क से काफी गहरी है, जिसपर प्रतिदिन दुपहिया वाहन चालक फिसलते हैं। ऐसा एक या दो महीने से नहीं, बल्कि वर्षों से हो रहा है। कोई भी निर्माण एजेंसी हो उसे चाहिए कि वह साइड को भी बनाए।
- उस्मान अहमद का कहना है कि शहर की ज्यादातर सड़कों की साइड पटरी नहीं बनाई गई है। इसकी वजह से हादसे होने का खतरा रहता है। उन्होंने शहर की आधा दर्जन से अधिक सड़कों के नाम तक गिना दिए। उनकी मांग है कि सड़कों के साथ साइड पटरी को ऊपर उठाकर बनाया जाना चाहिए।
- अनिल कुमार ने बताया कि कोर्ट रोड के दोनों ओर की साइडें पटरी ऐसे ही छोड़ी गई हैं। कुछ जगहों पर इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाई गई है, मगर वह भी सड़क से काफी नीची है। एसबीआई की मुख्य ब्रांच के सामने ऐसा ही हाल है। उन्होंने निर्माण विभागों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
- नवीन ने बताया कि वह खुद बाइक पर चलते हैं। सड़कें साइड पटरी से ऊंची होने की वजह से कई बार वह खुद फिसल चुके हैं। उन्होंने भी विभागों पर सड़क निर्माण में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
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सड़क निर्माण के नियम
- सड़क के साथ-साथ पटरी को भी निर्माण करना।
- सड़क के दोनों ओर ढलान है।
- सड़क की साइड ऊंची या नीची न हो।
- सड़क में गड्ढे न हों।
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हादसों से भी नहीं ले रहे सबक
पिछले करीब एक सप्ताह में जनपद में सड़क हादसों में 15 लोगों की जान जा चुकी है। ज्यादातर हादसों की वजह सड़कों के गड्ढे बने हैं। मगर उसके बावजूद शहर की सड़कों और उनकी साइड को दुरुस्त करने के प्रयास नहीं हुए हैं। सड़कों को गड्ढामुक्त करने की बात करें तो बेहट रोड पर रसूलपुर के पास सड़क को गड्ढामुक्त करने के लिए गड्ढे भरे गए हैं। मगर जहां-जहां गड्ढे भरे गए हैं वहां सड़क ऊंची उठा दी गई है, जिसके कारण लोगों को अब भी परेशानी हो रही है।
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सड़कों की साइड को भी बनाने की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है। मगर शहर की अनेक सड़कों के साथ ऐसा नहीं हुआ है। जन समस्या को देखते हुए नगर निगम ने कुछ सड़कों की साइड पर टाइल्स बिछाने का काम शुरू किया है। कोशिश यही है कि साइड को सड़कों के बराबर किया जाए। -- आलोक कुमार, अधिशासी अभियंता, निर्माण विभाग, नगर निगम।
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सड़कों के टेंडर में साइड पटरी को बनाना भी शामिल होता है। सड़क पटरी बनाते वक्त ठेकेदार को देखना चाहिए कि साइड पटरी ऊंची या नीची न हो। सड़क दोनों साइड ढलान वाली हों, जिससे वाहन को साइड में उतारने या चढ़ाने में परेशानी न हो। -- मोहित, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी।