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देवर की हत्या कराने में भाभी को उम्रकैद
Updated Sat, 24 Feb 2018 12:06 AM IST
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सहारनपुर। रामपुर मनिहारन के ग्रामुंडीखेड़ी में सात साल पूर्व हुई संदीप की हत्या के आरोप में कोर्ट ने हत्या कराने की आरोपी भाभी ओमवती पत्नी ईश्वरपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि हत्यारोपी एक आरोपी नाबालिग होने के चलते मामला जुवेनाइल कोर्ट में विचाराधीन है।
ग्राम मुंडीखेड़ी में पॉपुलर के पेड़ों के पैसे के बटवारे को लेकर संदीप और उसके भतीजे में विवाद हो गया था। आरोप है कि 1 अक्तूबर 2010 को संदीप के भतीजे शेखर ने अपनी मां ओमवती के कहने पर अपनी जेब से चाकू निकालकर संदीप की हत्या कर दी। इस मामले में संदीप के रिश्तेदार नरेश ने हत्या का मामला दर्ज कराया था। मामला अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद भारती के कोर्ट में विचाराधीन था। एडीजीसी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई की और सुनवाई के बाद आरोपी ओमवती को हत्या कराने का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुना दी। इसके अलावा आरोपी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। एडीजीसी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि घटना के समय शेखर की उम्र कम थी। जिस कारण उसका मामला जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है।
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ग्राम मुंडीखेड़ी में पॉपुलर के पेड़ों के पैसे के बटवारे को लेकर संदीप और उसके भतीजे में विवाद हो गया था। आरोप है कि 1 अक्तूबर 2010 को संदीप के भतीजे शेखर ने अपनी मां ओमवती के कहने पर अपनी जेब से चाकू निकालकर संदीप की हत्या कर दी। इस मामले में संदीप के रिश्तेदार नरेश ने हत्या का मामला दर्ज कराया था। मामला अपर सत्र न्यायाधीश सुरेश चंद भारती के कोर्ट में विचाराधीन था। एडीजीसी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई की और सुनवाई के बाद आरोपी ओमवती को हत्या कराने का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुना दी। इसके अलावा आरोपी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। एडीजीसी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि घटना के समय शेखर की उम्र कम थी। जिस कारण उसका मामला जुवेनाइल कोर्ट में चल रहा है।
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