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निकायों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्लानिंग का टोटा
Updated Tue, 12 Dec 2017 12:54 AM IST
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निकायों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्लानिंग का टोटा
सहारनपुर। निकाय चुनाव में विकास के नाम पर वोट मांग कर जीत हासिल करने वाले निकाय अध्यक्षों के पास निकायों की आमदनी बढ़ाने का कोई प्लान नहीं है। ऐसे में सवाल यह है कि बिना निकाय की कमाई बढ़ाए वह जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कैसे कराएंगे? खासकर पूर्व अध्यक्षों से बेहतर परिणाम कैसे दे पाएंगे? अमर उजाला ने महापौर से लेकर तमाम नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों से बात कर उनकी प्लानिंग जानने का प्रयास किया। इक्का दुक्का ही अपनी प्लानिंग बता सके, बाकी ने शपथ ग्रहण करने के बाद प्लानिंग तैयार करने की बात कही।
नगर के प्रथम महापौर संजीव वालिया ने बताया कि नगर निगम के पास कमाई के अनेक श्रोत हैं, जिनमें गृह कर, जल कर, तमाम तरह के स्टैंड के ठेके, प्रतिष्ठानों से लिया जाने वाला कर आदि शामिल हैं। यदि हम पूरी ईमानदारी के साथ इन करों की वसूली कराएं तो कमाई कम नहीं है। हम आम नागरिक को भी कर चुकाने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके अलावा शासन से अधिक से अधिक बजट लाने को भी उन्होंने अपनी प्राथमिकता बताया है। वालिया का कहना है कि बिना बजट के शहर का संपूर्ण विकास संभव नहीं है।
देवबंद के चेयरमैन जियाउद्दीन का कहना है कि वह शपथ ग्रहण करने के बाद प्लानिंग बनाएंगे। यह भी बताया कि उन्होंने पालिका के विकास के लिए योजना तो बनाई है, जिसके लिए पैसा चाहिए। यह पैसा टैक्स के साथ ही शासन से मिलने वाले बजट का होगा। मगर इसके अतिरिक्त पालिका की आमदनी कैसे बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए कोई प्लानिंग अभी नहीं है।
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नकुड़ नगर पालिका परिषद के चेयरमैन शाहनवाज ने बताया कि वह कर वसूली में तेजी लाएंगे। पालिका की कमाई बढ़ाई जा सकती थी, मगर पालिका के पास अपनी जमीन नहीं है। ऐसे में मौजूदा हालातों के साथ ही शासन से मिलने वाले बजट पर ही पालिका का विकास निर्भर करेगा।
गंगोह नगर पालिका अध्यक्ष रुशदा बेगम का कहना है कि पूर्व चेयरमैन भी उनके परिवार से ही रहे हैं, जिन्होंने पालिका का विकास कराया है। पालिका की कमाई बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। इसमें यह ध्यान रखा जाएगा कि आम आदमी को परेशानी न हो।
सरसावा नगर पालिकाध्यक्ष बिजेंद्र मोगा ने बताया कि उनके पास प्लानिंग है, जिसपर शपथ ग्रहण के बाद काम किया जाएगा।
चिलकाना नगर पंचायत अध्यक्ष अकबर कुरैशी का कहना है कि चिलकाना पंचायत के पास कमाई का कोई खास जरिया नहीं है। क्षेत्र की 90 फीसदी आबादी गरीब है, जो गृह कर और जल कर तक दे पाने में असमर्थ है। ऐसे में शासन से मिलने वाले बजट पर पंचायत का विकास निर्भर करेगा।
अंबेहटा पीर नगर पंचायत की अध्यक्ष गुलशाना के पति ने फोन रिसीव किया। उनका कहना है कि कर वसूली के साथ ही वह पंचायत क्षेत्र में बारात घर बनाने जा रही हैं, जिससे होने वाली कमाई को विकास में लगाया जाएगा।
नानौता नगर पंचायत अध्यक्ष नसीम फात्मा के पति ने फोन रिसीव किया। उनका कहना है कि उन्होंने पंचायत की कमाई बढ़ाने के बारे में अभी सोचा नहीं है। रामपुर मनिहारान नगर पंचायत से अध्यक्ष चुनी गईं शकुंतला देवी के बेटे ने फोन रिसीव किया। बताया कि वह शपथ ग्रहण के बाद प्लानिंग करेंगी।
महिला अध्यक्षों को पीछे कर आगे आए पुरुष
जिन भी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद पर महिला विजेता बनी है। अधिकांश में उनके पतियों या उनके बेटों ने शपथ ग्रहण से पहले ही सत्ता अपने हाथ में ले ली है। जनता से संवाद के लिए उनके पति या पुत्र सामने आ रहे हैं, अमर उजाला ने महिला अध्यक्षों से बात करने की कोशिश की फोन उनके पतियों या पुत्रों ने रिसीव किया और योजना के संबंध में खुद ही बताया।
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सहारनपुर। निकाय चुनाव में विकास के नाम पर वोट मांग कर जीत हासिल करने वाले निकाय अध्यक्षों के पास निकायों की आमदनी बढ़ाने का कोई प्लान नहीं है। ऐसे में सवाल यह है कि बिना निकाय की कमाई बढ़ाए वह जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कैसे कराएंगे? खासकर पूर्व अध्यक्षों से बेहतर परिणाम कैसे दे पाएंगे? अमर उजाला ने महापौर से लेकर तमाम नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्षों से बात कर उनकी प्लानिंग जानने का प्रयास किया। इक्का दुक्का ही अपनी प्लानिंग बता सके, बाकी ने शपथ ग्रहण करने के बाद प्लानिंग तैयार करने की बात कही।
नगर के प्रथम महापौर संजीव वालिया ने बताया कि नगर निगम के पास कमाई के अनेक श्रोत हैं, जिनमें गृह कर, जल कर, तमाम तरह के स्टैंड के ठेके, प्रतिष्ठानों से लिया जाने वाला कर आदि शामिल हैं। यदि हम पूरी ईमानदारी के साथ इन करों की वसूली कराएं तो कमाई कम नहीं है। हम आम नागरिक को भी कर चुकाने के लिए प्रेरित करेंगे। इसके अलावा शासन से अधिक से अधिक बजट लाने को भी उन्होंने अपनी प्राथमिकता बताया है। वालिया का कहना है कि बिना बजट के शहर का संपूर्ण विकास संभव नहीं है।
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देवबंद के चेयरमैन जियाउद्दीन का कहना है कि वह शपथ ग्रहण करने के बाद प्लानिंग बनाएंगे। यह भी बताया कि उन्होंने पालिका के विकास के लिए योजना तो बनाई है, जिसके लिए पैसा चाहिए। यह पैसा टैक्स के साथ ही शासन से मिलने वाले बजट का होगा। मगर इसके अतिरिक्त पालिका की आमदनी कैसे बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए कोई प्लानिंग अभी नहीं है।
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नकुड़ नगर पालिका परिषद के चेयरमैन शाहनवाज ने बताया कि वह कर वसूली में तेजी लाएंगे। पालिका की कमाई बढ़ाई जा सकती थी, मगर पालिका के पास अपनी जमीन नहीं है। ऐसे में मौजूदा हालातों के साथ ही शासन से मिलने वाले बजट पर ही पालिका का विकास निर्भर करेगा।
गंगोह नगर पालिका अध्यक्ष रुशदा बेगम का कहना है कि पूर्व चेयरमैन भी उनके परिवार से ही रहे हैं, जिन्होंने पालिका का विकास कराया है। पालिका की कमाई बढ़ाने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। इसमें यह ध्यान रखा जाएगा कि आम आदमी को परेशानी न हो।
सरसावा नगर पालिकाध्यक्ष बिजेंद्र मोगा ने बताया कि उनके पास प्लानिंग है, जिसपर शपथ ग्रहण के बाद काम किया जाएगा।
चिलकाना नगर पंचायत अध्यक्ष अकबर कुरैशी का कहना है कि चिलकाना पंचायत के पास कमाई का कोई खास जरिया नहीं है। क्षेत्र की 90 फीसदी आबादी गरीब है, जो गृह कर और जल कर तक दे पाने में असमर्थ है। ऐसे में शासन से मिलने वाले बजट पर पंचायत का विकास निर्भर करेगा।
अंबेहटा पीर नगर पंचायत की अध्यक्ष गुलशाना के पति ने फोन रिसीव किया। उनका कहना है कि कर वसूली के साथ ही वह पंचायत क्षेत्र में बारात घर बनाने जा रही हैं, जिससे होने वाली कमाई को विकास में लगाया जाएगा।
नानौता नगर पंचायत अध्यक्ष नसीम फात्मा के पति ने फोन रिसीव किया। उनका कहना है कि उन्होंने पंचायत की कमाई बढ़ाने के बारे में अभी सोचा नहीं है। रामपुर मनिहारान नगर पंचायत से अध्यक्ष चुनी गईं शकुंतला देवी के बेटे ने फोन रिसीव किया। बताया कि वह शपथ ग्रहण के बाद प्लानिंग करेंगी।
महिला अध्यक्षों को पीछे कर आगे आए पुरुष
जिन भी नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद पर महिला विजेता बनी है। अधिकांश में उनके पतियों या उनके बेटों ने शपथ ग्रहण से पहले ही सत्ता अपने हाथ में ले ली है। जनता से संवाद के लिए उनके पति या पुत्र सामने आ रहे हैं, अमर उजाला ने महिला अध्यक्षों से बात करने की कोशिश की फोन उनके पतियों या पुत्रों ने रिसीव किया और योजना के संबंध में खुद ही बताया।