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टिकट को लेकर कार्यकर्ताओं की भागदौड़ शुरू
Updated Sat, 30 Sep 2017 01:27 AM IST
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सहारनपुर। नवंबर माह में होने वाले निकाय चुनाव को लेकर एक ओर जहां प्रशासनिक कसरत जारी है, वहीं सियासी दलों में टिकटों के बटवारे को लेकर समीक्षा शुरू हो चली है। साथ ही वर्षों से मेयर, चेयरमैन, पार्षद और सभासद बनने का सपना साथ लेकर अपने क्षेत्रों में काम कर रहे कार्यकर्ता टिकट पाने की जुगत भिड़ाने में लगे हैं। जनपद में नगर निगम के अलावा छह नगर पंचायत, जिनमें रामपुर मनिहारान, नानौता, बेहट, सुल्तानपुर चिलकाना, तीतरों और अंबेहटापीर हैं। इनके अलावा गंगोह, देवबंद, सरसावा और नकुड़ नगर पालिका परिषद हैं। चूंकि निकाय चुनाव नवंबर में होने हैं। दावेदार सीधे तौर पर प्रांतीय स्तर के नेताओं के संपर्क में हैं। उधर, राजनीतिक दलों की तैयारी की बात करें तो पार्टियां तमाम नामों पर विचार करने में जुटी हैं। लोक सभा और विधान सभा चुनावों में जिस तरह से भाजपा की लहर रही है। ऐसे में टिकटों को लेकर सबसे अधिक घमासान भाजपा में ही मचा है।
गंगोह और देवबंद में भी हलचल
गंगोह और देवबंद क्षेत्र पुराने समय से राजनीति की धुरी रहे हैं। ऐसे में यहां की नगर पालिका परिषदों में भी जीत और हार बड़े मायने रखती है। गंगोह क्षेत्र काजी रशीद मसूद, पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल सिंह जैसे दिग्गज नेताओं की पहली कर्मभूमि रहा है। ऐसे में यहां राजनीति भी हमेशा से हावी रही है। वर्तमान में इमरान मसूद के भाई नौमान मसूद यहां चेयरमैन हैं। उधर, देवबंद भी इसी तरह अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक राजनीति का गढ़ रहा है। यही वजह है कि इन दोनों पालिका परिषदों में चुनावी नतीजे काफी दिलचस्प भरे रहते हैं, जिनपर सब की नजर रहती है।
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गंगोह और देवबंद में भी हलचल
गंगोह और देवबंद क्षेत्र पुराने समय से राजनीति की धुरी रहे हैं। ऐसे में यहां की नगर पालिका परिषदों में भी जीत और हार बड़े मायने रखती है। गंगोह क्षेत्र काजी रशीद मसूद, पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल सिंह जैसे दिग्गज नेताओं की पहली कर्मभूमि रहा है। ऐसे में यहां राजनीति भी हमेशा से हावी रही है। वर्तमान में इमरान मसूद के भाई नौमान मसूद यहां चेयरमैन हैं। उधर, देवबंद भी इसी तरह अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक राजनीति का गढ़ रहा है। यही वजह है कि इन दोनों पालिका परिषदों में चुनावी नतीजे काफी दिलचस्प भरे रहते हैं, जिनपर सब की नजर रहती है।
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