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पांच हजार किसानों को मिले ऋण मोचन प्रमाण पत्र, चेहरे खिले
Updated Sat, 09 Sep 2017 12:08 AM IST
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सहारनपुर। आईटीआई मैदान पर आयोजित फसली ऋण मोचन योजना के प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में सदर तहसील के पांच हजार पात्र किसानों को कैबिनेट मंत्री सूर्यप्रताप शाही द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए। ऋण मोचन का प्रमाण पत्र पाकर किसानों के चेहरे खिल उठे। प्रमाण पत्र पाए किसानों ने प्रदेश सरकार का धन्यवाद किया।
डीएम पीके ्पांडेय ने कहा कि पहले चरण के लिए 14 हजार 682 किसानों का चयन किया गया है। शेष तहसीलों के किसानों को तहसील स्तर पर कैंप लगाकर प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। नकुड़ के लघु एवं सीमांत किसानों को ऋण मोचन प्रमाणपत्र 13 सितंबर को विकास खंड परिसर नकुड़, रामपुर मनिहारान के किसानों को 15 सितंबर को मंडी समिति परिसर रामपुर मनिहारान, बेहट तहसील के किसानों को 18 सितंबर को मंडी समिति परिसर बेहट तथा देवबंद तहसील के किसानों को 22 सितंबर मंडी समिति परिसर देवबंद में प्रमाणपत्र वितरित होंगे। उन्होंने कहा कि फसली ऋण मोचन योजना के तहत जनपद में कुल एक लाख 49 हजार किसानों को चिह्नित किया गया। इनमें से 51 हजार किसानों के आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक पाए गए। डीएम पीके पांडेय ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित विभिन्न फिल्टरों से गुजरने के बाद लगभग 14,682 किसान पात्र पाए गए हैं, जिनको पहले चरण में लाभान्वित किया जा रहा है। शेष 99 हजार 900 किसानों को लाभान्वित करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। लगभग 75 फीसदी किसानों के आधार खातों से लिंक कर दिए गए हैं।
मंच से इन किसानों को दिए गए प्रमाणपत्र
करीब पांच हजार किसानों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कुछ किसानों को मंच पर बुलाकर प्रमाणपत्र दिए। इनमें रेखा, जीत सिंह, विक्रम, मामचंद, तिलकराम, रिखीराम, शहीद अहमद, नेतराम, मुमताज, महेंद्र सिंह, राजकली, मांगेराम, कांशीराम, नाथीराम, रमेश चंद, नीरज कुमार, चंद्रपाल, राजकुमार, कलीराम, केला पत्नी राम स्वरूप, अंगूरी, अंशु कुमार, फूल सिंह, जल सिंह, राजाराम, सोमपाल तथा प्रवीण कुमार आदि शामिल रहे। शेष किसानों को उनकी सीट पर ही प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
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हंगामे के डर से कड़ी रही पुलिस व्यवस्था
फसली ऋण मोचन योजना के तहत जनपद में करीब डेढ़ लाख किसानों को चिह्नित किया गया था। मगर पहले चरण में केवल 14 हजार 682 किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसे लेकर शेष किसानों में नाराजगी है। किसानों के गुस्से को देखते हुए प्रशासन ने प्रमाणपत्र वितरण स्थल पर भारी संख्या में फोर्स तैनात की थी। मुख्य द्वार पर भारी पुलिस बल होने की वजह से शेष किसानों को अंदर जाने नहीं दिया गया। इसे लेकर नाराज किसान बाहर ही जमा हो गए। किसान जाम न लगा दें। इसे लेकर भी पुलिस चौकन्ना रही और किसानों को समारोह स्थल से दूर किया।
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डीएम पीके ्पांडेय ने कहा कि पहले चरण के लिए 14 हजार 682 किसानों का चयन किया गया है। शेष तहसीलों के किसानों को तहसील स्तर पर कैंप लगाकर प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। नकुड़ के लघु एवं सीमांत किसानों को ऋण मोचन प्रमाणपत्र 13 सितंबर को विकास खंड परिसर नकुड़, रामपुर मनिहारान के किसानों को 15 सितंबर को मंडी समिति परिसर रामपुर मनिहारान, बेहट तहसील के किसानों को 18 सितंबर को मंडी समिति परिसर बेहट तथा देवबंद तहसील के किसानों को 22 सितंबर मंडी समिति परिसर देवबंद में प्रमाणपत्र वितरित होंगे। उन्होंने कहा कि फसली ऋण मोचन योजना के तहत जनपद में कुल एक लाख 49 हजार किसानों को चिह्नित किया गया। इनमें से 51 हजार किसानों के आधार कार्ड बैंक खाते से लिंक पाए गए। डीएम पीके पांडेय ने बताया कि शासन द्वारा निर्धारित विभिन्न फिल्टरों से गुजरने के बाद लगभग 14,682 किसान पात्र पाए गए हैं, जिनको पहले चरण में लाभान्वित किया जा रहा है। शेष 99 हजार 900 किसानों को लाभान्वित करने के लिए प्रक्रिया चल रही है। लगभग 75 फीसदी किसानों के आधार खातों से लिंक कर दिए गए हैं।
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मंच से इन किसानों को दिए गए प्रमाणपत्र
करीब पांच हजार किसानों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कुछ किसानों को मंच पर बुलाकर प्रमाणपत्र दिए। इनमें रेखा, जीत सिंह, विक्रम, मामचंद, तिलकराम, रिखीराम, शहीद अहमद, नेतराम, मुमताज, महेंद्र सिंह, राजकली, मांगेराम, कांशीराम, नाथीराम, रमेश चंद, नीरज कुमार, चंद्रपाल, राजकुमार, कलीराम, केला पत्नी राम स्वरूप, अंगूरी, अंशु कुमार, फूल सिंह, जल सिंह, राजाराम, सोमपाल तथा प्रवीण कुमार आदि शामिल रहे। शेष किसानों को उनकी सीट पर ही प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
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हंगामे के डर से कड़ी रही पुलिस व्यवस्था
फसली ऋण मोचन योजना के तहत जनपद में करीब डेढ़ लाख किसानों को चिह्नित किया गया था। मगर पहले चरण में केवल 14 हजार 682 किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसे लेकर शेष किसानों में नाराजगी है। किसानों के गुस्से को देखते हुए प्रशासन ने प्रमाणपत्र वितरण स्थल पर भारी संख्या में फोर्स तैनात की थी। मुख्य द्वार पर भारी पुलिस बल होने की वजह से शेष किसानों को अंदर जाने नहीं दिया गया। इसे लेकर नाराज किसान बाहर ही जमा हो गए। किसान जाम न लगा दें। इसे लेकर भी पुलिस चौकन्ना रही और किसानों को समारोह स्थल से दूर किया।