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अव्यवस्थाओं से मेला गुघाल की रौनक गायब
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:04 AM IST
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सहारनपुर। अव्यवस्थाओं के कारण मेला गुघाल की रौनक गायब हो गई है। दुकानदारों के लिए मेले में दुकान लगाना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। मेला परिसर में जगह-जगह गंदगी के अंबार लगे हुए हैं। नगर निगम द्वारा कराई व्यवस्था नाकाफी है।
अंबाला रोड पर श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर के निकट भरने वाला सांप्रदायिक एकता का प्रतीक मेला गुघाल इस बार फीका नजर आ रहा है। हर वर्ष मेले की भव्यता और रौनक घटती जा रही है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार मेले में भीड़ नहीं है। मेला शुरू हुए सात दिन बीत चुके हैं। मगर मेला देखने के लिए लोग नहीं पहुंच रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण मेला परिसर में फैली अव्यवस्थाएं हैं। मेले में जगह-जगह गंदगी और कीचड़ फैला है। दुर्गंध के कारण लोगों का वहां खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा है। नगर निगम द्वारा सफाई व्यवस्था के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। मेले में खिलौने की दुकान लगाने वाले अजय कुमार का कहना है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा मेले में इस बार बिल्कुल भीड़ नहीं है। रात में नौ से ग्यारह बजे के बीच थोड़े-बहुत लोग पहुंचते हैं। मगर पहले जैसी बात नहीं है। वह मेले में पिछले 15 साल से दुकान लगाता चला रहा है। किसी जमाने में मेले में रात के समय पैर रखने की जगह नहीं होती और दिन भी भीड़ लगी रहती थी। मगर इस बार दुकान लगाना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। हलवा-पराठा की दुकान लगाने शहजाद अहमद का कहना है कि इस बार उनकी दुकान में ग्राहकों की भीड़ नहीं है। मेले की रौनक पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
दुकानें और झूले भी लगे कम
सहारनपुर। मेला गुघाल के मेन बाजार में भी कम दुकानें लगी हैं। हर वर्ष यह बाजार पूरी तरह फुल हो जाता था। मगर इस बार कई जगह खाली पड़ी हैं, जहां दुकानें नहीं लगी हैं। इसके अलावा हर वर्ष की अपेक्षा तरह-तरह के झूले भी नहीं लगे हैं। मेले के फव्वारा चौक पर मात्र दो झूले हैं। हर वर्ष यहां झूले के अलावा मौत का कुआं भी लगता था। मेले के फव्वारा चौक पर पैर रखने की जगह नहीं मिलती थी।
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ऐसे तो खत्म हो जाएगा मेला गुघाल
सहारनपुर। मेला गुघाल की भव्यता और रौनक हर वर्ष कम होती जा रही है। जानकार बताते हैं कि 15 वर्ष पूर्व मेन गेट से फव्वारा चौक, यहां से कारगिल गेट तक और फिर मेन गेट तक करीब डेढ़ किलोमीटर के इलाके में मेला भरता था। इसके साथ मेला गुघाल पुल के दोनों तरफ नीचे दुकानें लगती थी। मगर अब पहले जैसा नहीं रहा है। मेला गुघाल के लकड़ी बाजार में सामान खरीदने के लिए पड़ोसी जनपदों से लोग पहुंचते थे। मगर 15 वर्ष से मेला का लकड़ी बाजार खत्म हो चुका है।
मेला परिसर में चोरों का आतंक
सहारनपुर। मेला गुघाल परिसर में वाहन चोर गैंग ने आतंक मचा दिया है। मेला गुघाल के कारगिल गेट से बुधवार की रात पूर्व सभासद राशिद अंसारी की बाइक पर चोरों ने हाथ साफ कर लिया। इससे पूर्व भी चोर यहां से वाहन ीचोरी कर चुके हैं। मेला गुघाल के आसपास के इलाकों में वाहन काटे जाते थे। सूत्र बताते हैं कि वाहन पर हाथ साफ कर चोर आसपास के वाहन कटान वाले इलाकों में पहुंचा देते हैं। पुलिस चोरों को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है।
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अंबाला रोड पर श्री विश्रामपुरी काल भैरव मंदिर के निकट भरने वाला सांप्रदायिक एकता का प्रतीक मेला गुघाल इस बार फीका नजर आ रहा है। हर वर्ष मेले की भव्यता और रौनक घटती जा रही है। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस बार मेले में भीड़ नहीं है। मेला शुरू हुए सात दिन बीत चुके हैं। मगर मेला देखने के लिए लोग नहीं पहुंच रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण मेला परिसर में फैली अव्यवस्थाएं हैं। मेले में जगह-जगह गंदगी और कीचड़ फैला है। दुर्गंध के कारण लोगों का वहां खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा है। नगर निगम द्वारा सफाई व्यवस्था के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। मेले में खिलौने की दुकान लगाने वाले अजय कुमार का कहना है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा मेले में इस बार बिल्कुल भीड़ नहीं है। रात में नौ से ग्यारह बजे के बीच थोड़े-बहुत लोग पहुंचते हैं। मगर पहले जैसी बात नहीं है। वह मेले में पिछले 15 साल से दुकान लगाता चला रहा है। किसी जमाने में मेले में रात के समय पैर रखने की जगह नहीं होती और दिन भी भीड़ लगी रहती थी। मगर इस बार दुकान लगाना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। हलवा-पराठा की दुकान लगाने शहजाद अहमद का कहना है कि इस बार उनकी दुकान में ग्राहकों की भीड़ नहीं है। मेले की रौनक पूरी तरह खत्म हो चुकी है।
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दुकानें और झूले भी लगे कम
सहारनपुर। मेला गुघाल के मेन बाजार में भी कम दुकानें लगी हैं। हर वर्ष यह बाजार पूरी तरह फुल हो जाता था। मगर इस बार कई जगह खाली पड़ी हैं, जहां दुकानें नहीं लगी हैं। इसके अलावा हर वर्ष की अपेक्षा तरह-तरह के झूले भी नहीं लगे हैं। मेले के फव्वारा चौक पर मात्र दो झूले हैं। हर वर्ष यहां झूले के अलावा मौत का कुआं भी लगता था। मेले के फव्वारा चौक पर पैर रखने की जगह नहीं मिलती थी।
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ऐसे तो खत्म हो जाएगा मेला गुघाल
सहारनपुर। मेला गुघाल की भव्यता और रौनक हर वर्ष कम होती जा रही है। जानकार बताते हैं कि 15 वर्ष पूर्व मेन गेट से फव्वारा चौक, यहां से कारगिल गेट तक और फिर मेन गेट तक करीब डेढ़ किलोमीटर के इलाके में मेला भरता था। इसके साथ मेला गुघाल पुल के दोनों तरफ नीचे दुकानें लगती थी। मगर अब पहले जैसा नहीं रहा है। मेला गुघाल के लकड़ी बाजार में सामान खरीदने के लिए पड़ोसी जनपदों से लोग पहुंचते थे। मगर 15 वर्ष से मेला का लकड़ी बाजार खत्म हो चुका है।
मेला परिसर में चोरों का आतंक
सहारनपुर। मेला गुघाल परिसर में वाहन चोर गैंग ने आतंक मचा दिया है। मेला गुघाल के कारगिल गेट से बुधवार की रात पूर्व सभासद राशिद अंसारी की बाइक पर चोरों ने हाथ साफ कर लिया। इससे पूर्व भी चोर यहां से वाहन ीचोरी कर चुके हैं। मेला गुघाल के आसपास के इलाकों में वाहन काटे जाते थे। सूत्र बताते हैं कि वाहन पर हाथ साफ कर चोर आसपास के वाहन कटान वाले इलाकों में पहुंचा देते हैं। पुलिस चोरों को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है।