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उत्खनन में बर्तनों के बड़े अवशेष मिलने से उत्सुकता जगी
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:48 AM IST
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उत्खनन में बर्तनों के बड़े अवशेष मिलने से उत्सुकता जगी
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)।
गांव सकतपुर में आगरा पुरातत्व विभाग की टीम द्वारा किए जा रहे उत्खनन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। टीम के सदस्यों के अनुसार अब खुदाई में बर्तनों के बड़े अवशेष मिलने शुरू हो गए हैं। अब उत्खनन में पूरा बर्तन भी मिलने की उम्मीद पैदा हो गई है।
पुरातत्व विभाग आगरा उपमंडल के पुरातत्वविद् डा. भुवन विक्रम सिंह के नेतृत्व में इस साल 24 फरवरी से रामपुर मनिहारान तहसील के गांव सकतपुर में बारह बीघा जमीन पर उत्खनन किया जा रहा है। अब तक टीम 16 ट्रेचों पर उत्खनन का कार्य कर चुकी है। लगातार मिट्टी के बर्तनों के मिल रहे अवशेष के बाद अब बर्तनों के बड़े टुकड़े मिलने लगे हैं। मौके पर मौजूद पुरातत्व विशेषज्ञ डा. अर्खित प्रधान ने बताया कि अब उत्खनन का कार्य जमीन में काफी गहराई तक पहुंच चुका है और मिट्टी के बड़े बर्तनों के अवशेष मिलने शुरू हो गए हैं। उत्खनन के दौरान जमीन में दबे अवशेषों को पूरा निकालने के लिए सावधानी बरती जा रही है।
बता दें कि अब तक खुदाई में मिले अवशेष जांच में चार हजार वर्ष पूर्व पाए गए हैं। मिलने वाले अवशेषों पर शोध किया जा रहा है। उत्खनन में मिले मिट्टी के टूटे बर्तनों के अवशेष और उन पर की गई रंगाई-पुताई से यह पता लगाया जा रहा है कि क्या उस समय भी लोगों में बर्तनों पर नक्काशी करने और सजावट किए जाने की कला थी। मिट्टी के बर्तनों को पकाने के लिए किस विधि का प्रयोग किया जाता था। आगरा से पुरातत्व विभाग की एक टीम शीघ्र ही गांव सकतपुर का दौरा कर अब तक के उत्खनन पर अपनी रिपोर्ट देगी।
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रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)।
गांव सकतपुर में आगरा पुरातत्व विभाग की टीम द्वारा किए जा रहे उत्खनन को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। टीम के सदस्यों के अनुसार अब खुदाई में बर्तनों के बड़े अवशेष मिलने शुरू हो गए हैं। अब उत्खनन में पूरा बर्तन भी मिलने की उम्मीद पैदा हो गई है।
पुरातत्व विभाग आगरा उपमंडल के पुरातत्वविद् डा. भुवन विक्रम सिंह के नेतृत्व में इस साल 24 फरवरी से रामपुर मनिहारान तहसील के गांव सकतपुर में बारह बीघा जमीन पर उत्खनन किया जा रहा है। अब तक टीम 16 ट्रेचों पर उत्खनन का कार्य कर चुकी है। लगातार मिट्टी के बर्तनों के मिल रहे अवशेष के बाद अब बर्तनों के बड़े टुकड़े मिलने लगे हैं। मौके पर मौजूद पुरातत्व विशेषज्ञ डा. अर्खित प्रधान ने बताया कि अब उत्खनन का कार्य जमीन में काफी गहराई तक पहुंच चुका है और मिट्टी के बड़े बर्तनों के अवशेष मिलने शुरू हो गए हैं। उत्खनन के दौरान जमीन में दबे अवशेषों को पूरा निकालने के लिए सावधानी बरती जा रही है।
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बता दें कि अब तक खुदाई में मिले अवशेष जांच में चार हजार वर्ष पूर्व पाए गए हैं। मिलने वाले अवशेषों पर शोध किया जा रहा है। उत्खनन में मिले मिट्टी के टूटे बर्तनों के अवशेष और उन पर की गई रंगाई-पुताई से यह पता लगाया जा रहा है कि क्या उस समय भी लोगों में बर्तनों पर नक्काशी करने और सजावट किए जाने की कला थी। मिट्टी के बर्तनों को पकाने के लिए किस विधि का प्रयोग किया जाता था। आगरा से पुरातत्व विभाग की एक टीम शीघ्र ही गांव सकतपुर का दौरा कर अब तक के उत्खनन पर अपनी रिपोर्ट देगी।
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