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मदद को भटक रहा बीमार सफाई कर्मी
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मदद के लिए भटक रहा बीमार सफाई कर्मी
सहारनपुर। जिला पंचायत राज विभाग में कार्यरत सफाई कर्मी सोनू गंभीर बीमारी से ग्रसित है। उसकी किडनी फेल हो चुकी तथा लीवर में इंफेक्शन हो गया। बीमारी के उपचार के लिए आर्थिक सहायता मांगने को वह विभागीय अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन कोई मदद नहीं मिल पा रही है।
शहर के नवादा रोड अभिषेक नगर में रहने वाला सोनू जिला पंचायत राज विभाग के बलियाखेड़ी ब्लाक में तैनात है। सोनू ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि 2016 में उसकी किडनी फेल हो गई थी, जिसके बाद उसने हरियाणा में उपचार कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर जौली ग्रांट देहरादून रेफर किया गया। बीमारी पर उपचार कराने में हुए खर्च के लिए उसने विभाग से प्रार्थना की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इतना ही नहीं सोनू की पत्नी की एक किडनी भी खराब हो गई है तथा साढ़े पांच साल का बेटा टीबी रोग से ग्रसित है। सोनू ने बताया कि परिवार की आर्थिक हालत बहुत कमजोर है, जिस कारण उसे अपना और परिवार के सदस्यों का उपचार कराना भारी पड़ रहा है। किसी भी स्तर से मदद नहीं मिलने पर अब वह मानसिक तनाव में है। सोनू ने चेतावनी दी है कि यदि उसे मदद नहीं मिली, तो मजबूर होकर आत्मदाह करना पड़ेगा।
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सहारनपुर। जिला पंचायत राज विभाग में कार्यरत सफाई कर्मी सोनू गंभीर बीमारी से ग्रसित है। उसकी किडनी फेल हो चुकी तथा लीवर में इंफेक्शन हो गया। बीमारी के उपचार के लिए आर्थिक सहायता मांगने को वह विभागीय अधिकारियों के चक्कर काट रहा है, लेकिन कोई मदद नहीं मिल पा रही है।
शहर के नवादा रोड अभिषेक नगर में रहने वाला सोनू जिला पंचायत राज विभाग के बलियाखेड़ी ब्लाक में तैनात है। सोनू ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया कि 2016 में उसकी किडनी फेल हो गई थी, जिसके बाद उसने हरियाणा में उपचार कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर जौली ग्रांट देहरादून रेफर किया गया। बीमारी पर उपचार कराने में हुए खर्च के लिए उसने विभाग से प्रार्थना की, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इतना ही नहीं सोनू की पत्नी की एक किडनी भी खराब हो गई है तथा साढ़े पांच साल का बेटा टीबी रोग से ग्रसित है। सोनू ने बताया कि परिवार की आर्थिक हालत बहुत कमजोर है, जिस कारण उसे अपना और परिवार के सदस्यों का उपचार कराना भारी पड़ रहा है। किसी भी स्तर से मदद नहीं मिलने पर अब वह मानसिक तनाव में है। सोनू ने चेतावनी दी है कि यदि उसे मदद नहीं मिली, तो मजबूर होकर आत्मदाह करना पड़ेगा।
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