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‘लिख गए जो वीरगाथा, उन शहीदों का सदा सम्मान होना चाहिए’
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सहारनपुर। श्री बालाजी धाम के वार्षिकोत्सव कार्यक्रमों की श्रृंखला में मंगलवार शाम को एक शाम शहीदों के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया। कवियों ने एक से बढ़कर एक रचना सुनाकर वाहवाही बटोरी।
बेहट रोड स्थित श्री बालाजी धाम मंदिर परिसर में कार्यक्रम का शुभारंभ धाम संस्थापक अतुल जोशी महाराज और श्री जगन्नाथ रथयात्रा कमेटी चेयरमैन भारत कर्णवाल ने बालाजी महाराज के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके पश्चात कवि सरदार प्रताप सिंह, योगेंद, मोहन, सौरभ कांत शर्मा, रजब बंसल, जसवीर सिंह हलधर, अनामिका वालिया ने कविताओं के माध्यम देशभक्ति का जज्बा भर दिया। शहीद-ए-आजम भगत सिंह के परिवार से किरनजीत सिंधु को स्मृति चिह्न देकर और माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया। कवि जसवीर सिंह हलधर ने कहा कि देश के ध्वज का हमेशा मान होना चाहिए, राष्ट्र की गरिमा का सभी को मान होना चाहिए, लिख गए जो वीरगाथा, उन शहीदों का सदा सम्मान होना चाहिए। मोहन ने कहा कि माता भारती के चरणों में शीश चढ़ाने वालों को शतबार नमन, सरहद के रखवालों को नमन शतबार नमन। सरदार प्रताप सिंह फौजदार ने कहा कि शौर्यदीप अंगारा है, एक बार सब मिलकर बोलों हिंदुस्तान हमारा है। महिमा ने कहा कि सभी धामों में मुझको बालाजीधाम प्यारा है, करे जो दूर संकटों को वह दरबार न्यारा है, शरण में जो भी आया है वह खाली न जाएगा, धनी हो या निर्धन सबको दिया सहारा है। कवियों की प्रस्तुति पर पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस दौरान अजय सूरी, नवीन वालिया, पंकज महेंद्रा, मनीष तिवारी, प्रमोद माहेश्वरी, अरविंद जैन, आशु, योगेश, शीला विजन, अंकित, अनूप अहलूवालिया, अनिल सैनी, अंजु यादव, विनोद शुक्ला, धर्मपाल, घनश्याम यादव, विवेक, मयंक जोशी उपस्थित रहे।
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बेहट रोड स्थित श्री बालाजी धाम मंदिर परिसर में कार्यक्रम का शुभारंभ धाम संस्थापक अतुल जोशी महाराज और श्री जगन्नाथ रथयात्रा कमेटी चेयरमैन भारत कर्णवाल ने बालाजी महाराज के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके पश्चात कवि सरदार प्रताप सिंह, योगेंद, मोहन, सौरभ कांत शर्मा, रजब बंसल, जसवीर सिंह हलधर, अनामिका वालिया ने कविताओं के माध्यम देशभक्ति का जज्बा भर दिया। शहीद-ए-आजम भगत सिंह के परिवार से किरनजीत सिंधु को स्मृति चिह्न देकर और माल्यार्पण कर अभिनंदन किया गया। कवि जसवीर सिंह हलधर ने कहा कि देश के ध्वज का हमेशा मान होना चाहिए, राष्ट्र की गरिमा का सभी को मान होना चाहिए, लिख गए जो वीरगाथा, उन शहीदों का सदा सम्मान होना चाहिए। मोहन ने कहा कि माता भारती के चरणों में शीश चढ़ाने वालों को शतबार नमन, सरहद के रखवालों को नमन शतबार नमन। सरदार प्रताप सिंह फौजदार ने कहा कि शौर्यदीप अंगारा है, एक बार सब मिलकर बोलों हिंदुस्तान हमारा है। महिमा ने कहा कि सभी धामों में मुझको बालाजीधाम प्यारा है, करे जो दूर संकटों को वह दरबार न्यारा है, शरण में जो भी आया है वह खाली न जाएगा, धनी हो या निर्धन सबको दिया सहारा है। कवियों की प्रस्तुति पर पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इस दौरान अजय सूरी, नवीन वालिया, पंकज महेंद्रा, मनीष तिवारी, प्रमोद माहेश्वरी, अरविंद जैन, आशु, योगेश, शीला विजन, अंकित, अनूप अहलूवालिया, अनिल सैनी, अंजु यादव, विनोद शुक्ला, धर्मपाल, घनश्याम यादव, विवेक, मयंक जोशी उपस्थित रहे।
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