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चिकित्सीय परीक्षण को राजी हुए किसान
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साढ़ौली कदीम (सहारनपुर)। आमरण अनशन के 17वें दिन तहसीलदार ने मौके पर पहुंच कर घंटों की मशक्कत के बाद स्वास्थ्य परीक्षण करा तीन किसानों को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया।
पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी यमुना खादर एवं घाड़ क्षेत्र की एक मात्र औद्योगिक इकाई शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर को चालू कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों का 20 अक्टूबर से मिल गेट पर लगातार धरना जारी है। रविवार को धरने के 85वे एवं आमरण अनशन के 17वें दिन धरना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ तहसीलदार सुरेश कुमार मय फोर्स के पहुंचे। शुरू में अनशनकारी किसानों ने स्वास्थ्य जांच कराने से साफ मना कर दिया। घंटों की मशक्कत के बाद तहसीलदार ने मोबाइल से किसानों की जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहनमनी त्रिपाठी से वार्ता करायी। जिला गन्ना अधिकारी ने फोन पर किसानों को आश्वस्त किया कि जिला चिकित्सालय से छुट्टी होने पर वह किसानों को अपनी गाड़ी से धरना स्थल या उनके घर तक भेजने की स्वयं व्यवस्था करेंगे। यदि किसी किसान को इसमें कोई त्रुटि नजर आयी तो वह उनके मोबाइल पर उन्हें अवगत कराए ताकि तत्काल समाधान कराया जा सके। इसके बाद गुस्साए किसान शांत हुए तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम से स्वास्थ्य परीक्षण कराने पर सहमत हो पाये।
टीम प्रभारी डा. उसमान ने आमरण अनशन पर बैठे किसान मेघराज सैनी, खूबचंद, कर्म सिंह, दर्शन लाल कांबोज, कर्ण सिंह एवं बाबूराम के स्वास्थ्य की जांच की। जांच में उन्होंने किसान मेघराज सैनी, खूबचंद और कर्ण सिंह के स्वास्थ्य में विशेष कमी देखने को मिली। जिस पर उक्त तीनों किसानों को जिला चिकित्सालय के लिए भेजा गया। धरने पर बैठे किसान मांगेराम, इंद्राज कांबोज, प्रेम चंद, समय सिंह प्रधान, रामपाल सैनी, चौ. ताहिर, चौ. रामपाल सिंह, बिरमपाल कांबोज, बुद्ध सिंह प्रधान, वीरेंद्र बेदी, जगदीश प्रसाद, अमन दीप, अवनीश कांबोज, श्याम सिंह, पद्म प्रकाश शर्मा, पवन सिंह, सुरेंद्र सिंह, सतीश शर्मा, चौ. देवी सिंह, शोभाराम भगत, आमिर चौहान, हाजी मुकर्रम आदि मौजूद रहे।
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गन्ना विभाग के पास पर्याप्त गाड़ियां नहीं है। फिर भी फिलहाल किसान हित में किसानों को वापस भेजने के लिए व्यवस्था कर दी गयी है। जिलाधिकारी से मुलाकात कर उक्त समस्या पर जल्द ही विचार किया जाएगा। - कृष्ण मोहनमनी त्रिपाठी जिला गन्ना अधिकारी
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पिछले चार वर्षों से बंद पड़ी यमुना खादर एवं घाड़ क्षेत्र की एक मात्र औद्योगिक इकाई शाकंभरी शुगर मिल टोडरपुर को चालू कराने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों का 20 अक्टूबर से मिल गेट पर लगातार धरना जारी है। रविवार को धरने के 85वे एवं आमरण अनशन के 17वें दिन धरना स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ तहसीलदार सुरेश कुमार मय फोर्स के पहुंचे। शुरू में अनशनकारी किसानों ने स्वास्थ्य जांच कराने से साफ मना कर दिया। घंटों की मशक्कत के बाद तहसीलदार ने मोबाइल से किसानों की जिला गन्ना अधिकारी कृष्ण मोहनमनी त्रिपाठी से वार्ता करायी। जिला गन्ना अधिकारी ने फोन पर किसानों को आश्वस्त किया कि जिला चिकित्सालय से छुट्टी होने पर वह किसानों को अपनी गाड़ी से धरना स्थल या उनके घर तक भेजने की स्वयं व्यवस्था करेंगे। यदि किसी किसान को इसमें कोई त्रुटि नजर आयी तो वह उनके मोबाइल पर उन्हें अवगत कराए ताकि तत्काल समाधान कराया जा सके। इसके बाद गुस्साए किसान शांत हुए तथा स्वास्थ्य विभाग की टीम से स्वास्थ्य परीक्षण कराने पर सहमत हो पाये।
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टीम प्रभारी डा. उसमान ने आमरण अनशन पर बैठे किसान मेघराज सैनी, खूबचंद, कर्म सिंह, दर्शन लाल कांबोज, कर्ण सिंह एवं बाबूराम के स्वास्थ्य की जांच की। जांच में उन्होंने किसान मेघराज सैनी, खूबचंद और कर्ण सिंह के स्वास्थ्य में विशेष कमी देखने को मिली। जिस पर उक्त तीनों किसानों को जिला चिकित्सालय के लिए भेजा गया। धरने पर बैठे किसान मांगेराम, इंद्राज कांबोज, प्रेम चंद, समय सिंह प्रधान, रामपाल सैनी, चौ. ताहिर, चौ. रामपाल सिंह, बिरमपाल कांबोज, बुद्ध सिंह प्रधान, वीरेंद्र बेदी, जगदीश प्रसाद, अमन दीप, अवनीश कांबोज, श्याम सिंह, पद्म प्रकाश शर्मा, पवन सिंह, सुरेंद्र सिंह, सतीश शर्मा, चौ. देवी सिंह, शोभाराम भगत, आमिर चौहान, हाजी मुकर्रम आदि मौजूद रहे।
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गन्ना विभाग के पास पर्याप्त गाड़ियां नहीं है। फिर भी फिलहाल किसान हित में किसानों को वापस भेजने के लिए व्यवस्था कर दी गयी है। जिलाधिकारी से मुलाकात कर उक्त समस्या पर जल्द ही विचार किया जाएगा। - कृष्ण मोहनमनी त्रिपाठी जिला गन्ना अधिकारी