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सरसावा में अवैध खनन को लेकर गिरी पुलिसकर्मियों पर गाज
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सरसावा (सहारनपुर)। यमुना नदी से अवैध रेत खनन और ओवरलोडिंग को रोक पाने में नाकाम सरसावा थाना प्रभारी एवं शाहजहांपुर चौकी पर गाज गिरी है। थाना प्रभारी को हटा दिया गया है, जबकि शाहजहांपुर चौकी पर तैनात एक उपनिरीक्षक को छोड़कर अन्य सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। अब इंस्पेक्टर शैलेंद्र शर्मा को सरसावा थाने की कमान सौंपी गई है।
सरसावा थाना प्रभारी एवं शाहजहांपुर चौकी पर कार्रवाई की पटकथा पांच दिन पहले तैयार हो गई थी, जब एसएसपी के निर्देश पर एसपी यातायात विनीत भटनागर ने रात में चौकी पर अभियान चलाकर वाहनों की चेकिंग कर खनिज सामग्री से लदे 30 वाहनों को ओवरलोडिंग के आरोप में पकड़ा था। एसएसपी दिनेश कुमार ने मंगलवार रात ही सरसावा थाना प्रभारी भूपेंद्र को हटाकर सदर कोतवाली भेजने तथा शाहजहांपुर चौकी को लाइन हाजिर किए जाने का आदेश जारी किया। अचानक की गई कार्रवाई से पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। एसएसपी के आदेश से रात में भूपेंद्र सिंह को थानाध्यक्ष की कुर्सी से हटाकर सदर कोतवाली पर तैनात कर दिया गया। वहीं अप्रत्याशित तरीके से शाहजहांपुर चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह तथा पुलिसकर्मी अंकित, मनोज, विनोद कुमार, प्रशांत राणा, अमित धामा, हर्ष तोमर को लाइन हाजिर कर दिया गया। सिर्फ एक दरोगा वीर सिंह ही अब चौकी पर तैनात हैं।
खनन, ओवरलोड एवं अन्य शिकायतों पर हुई कार्रवाई
एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि सरसावा थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह तथा शाहजहांपुर चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें मिलीं थीं। इसी कारण जनहित में यह कार्रवाई की गई है।
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पांच माह में बदले चार थानाध्यक्ष
बीते पांच माह में सरसावा थानाध्यक्ष की कुर्सी पर चार बार बदलाव हुआ। पूर्व में यशपाल धामा, देवेंद्र कुमार, आदेश त्यागी और अब भूपेंद्र सिंह सरसावा थानाध्यक्ष के पद से हटाया गया। अब शैलेंद्र शर्मा को कमान सौंपी गई है। पुलिस पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन अवैध खनन का कारोबार नहीं रुक पा रहा है।
ग्रामीण भी करते रहे हैं विरोध
यमुना नदी से अवैध रेत खनन और खनिज सामग्री से लदे ओवरलोडिंग वाहनों को गांव झरोली, बहलोलपुर आदि के बीच से गुजारने के कारण ग्रामीण भी विरोध करते रहे हैं। कुछ दिन पूर्व ही झरौली गांव में खनिज सामग्री से लदे वाहनों को रोककर ग्रामीणों ने विरोध किया था, जिसके बाद खनन माफिया भी मौके पर पहुंच गए थे। इससे टकराव के हालात पैदा हो गए थे।
वसूली के बंटवारे को लेकर हुई थी मारपीट
पुलिस के सूत्रों के अनुसार करीब पांच दिन पूर्व ही शाहजहांपुर चौकी पर तैनात दो सिपाहियों में खनिज सामग्री लदे वाहनों से होने वाली कमाई के बंटवारे को लेकर मारपीट हो गई थी। इसके बाद दोनो सिपाहियों को चौकी से हटाकर थाने पर तैनात कर दिया गया था।
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सरसावा थाना प्रभारी एवं शाहजहांपुर चौकी पर कार्रवाई की पटकथा पांच दिन पहले तैयार हो गई थी, जब एसएसपी के निर्देश पर एसपी यातायात विनीत भटनागर ने रात में चौकी पर अभियान चलाकर वाहनों की चेकिंग कर खनिज सामग्री से लदे 30 वाहनों को ओवरलोडिंग के आरोप में पकड़ा था। एसएसपी दिनेश कुमार ने मंगलवार रात ही सरसावा थाना प्रभारी भूपेंद्र को हटाकर सदर कोतवाली भेजने तथा शाहजहांपुर चौकी को लाइन हाजिर किए जाने का आदेश जारी किया। अचानक की गई कार्रवाई से पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। एसएसपी के आदेश से रात में भूपेंद्र सिंह को थानाध्यक्ष की कुर्सी से हटाकर सदर कोतवाली पर तैनात कर दिया गया। वहीं अप्रत्याशित तरीके से शाहजहांपुर चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह तथा पुलिसकर्मी अंकित, मनोज, विनोद कुमार, प्रशांत राणा, अमित धामा, हर्ष तोमर को लाइन हाजिर कर दिया गया। सिर्फ एक दरोगा वीर सिंह ही अब चौकी पर तैनात हैं।
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खनन, ओवरलोड एवं अन्य शिकायतों पर हुई कार्रवाई
एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि सरसावा थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह तथा शाहजहांपुर चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायतें मिलीं थीं। इसी कारण जनहित में यह कार्रवाई की गई है।
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पांच माह में बदले चार थानाध्यक्ष
बीते पांच माह में सरसावा थानाध्यक्ष की कुर्सी पर चार बार बदलाव हुआ। पूर्व में यशपाल धामा, देवेंद्र कुमार, आदेश त्यागी और अब भूपेंद्र सिंह सरसावा थानाध्यक्ष के पद से हटाया गया। अब शैलेंद्र शर्मा को कमान सौंपी गई है। पुलिस पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन अवैध खनन का कारोबार नहीं रुक पा रहा है।
ग्रामीण भी करते रहे हैं विरोध
यमुना नदी से अवैध रेत खनन और खनिज सामग्री से लदे ओवरलोडिंग वाहनों को गांव झरोली, बहलोलपुर आदि के बीच से गुजारने के कारण ग्रामीण भी विरोध करते रहे हैं। कुछ दिन पूर्व ही झरौली गांव में खनिज सामग्री से लदे वाहनों को रोककर ग्रामीणों ने विरोध किया था, जिसके बाद खनन माफिया भी मौके पर पहुंच गए थे। इससे टकराव के हालात पैदा हो गए थे।
वसूली के बंटवारे को लेकर हुई थी मारपीट
पुलिस के सूत्रों के अनुसार करीब पांच दिन पूर्व ही शाहजहांपुर चौकी पर तैनात दो सिपाहियों में खनिज सामग्री लदे वाहनों से होने वाली कमाई के बंटवारे को लेकर मारपीट हो गई थी। इसके बाद दोनो सिपाहियों को चौकी से हटाकर थाने पर तैनात कर दिया गया था।