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रामलीला में सांप्रदायिक सौहार्द का रंग भर रहे अली और सलीम-ᄋᄂ₩ᅦU¢₩
Updated Wed, 10 Oct 2018 12:33 AM IST
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रामलीला में सौहार्द के रंग भर रहे अली और सलीम
सहारनपुर। श्रीरामलीलाओं में मुस्लिम कलाकार सांप्रदायिक सौहार्द के रंग भर रहे हैं। गोविंदनगर मैदान पर चल रही रामलीला में मोहम्मद अली दूसरी बार रावण के रोल में हैं तो टीटू कॉलोनी की रामलीला में मोहम्मद सलीम बाणासुर, नारद, महिरावण सहित अनेक अभिनय कर अमिट छाप छोड़ रहे हैं। हर साल मुस्लिम कलाकार सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते आ रहे हैं। भारतीय कला मंच रामलीला सभा में गोविंदनगर निवासी 48 वर्षीय मोहम्मद अली रावण का अभिनय कर रहे हैं। इनका कहना है कि श्रीरामलीला के मंच पर अभिनय कर उन्हें बेहद खुशी मिलती है। उनके अभिनय करने से उनका परिवार प्रसन्न है। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। वह इसी तरह आगे भी रामलीला में अभिनय करते रहेंगे। सभा महामंत्री वरुण शर्मा ने बताया कि मोहम्मद अली दूसरी बार रावण के रोल में हैं। पिछले वर्ष उन्होंने पहली बार रामलीला मंच पर रावण का अभिनय कर दर्शकों को अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।
इसी तरह भारतीय कला संगम श्रीरामलीला सभा टीटू कॉलोनी में पातालनगरी के 40 वर्षीय सलीम बाणासुर, नारद, महिरावण सहित अनेक अभिनय कर रहे हैं। सभा के अध्यक्ष सतपाल कालड़ा का कहना है कि सलीम एक बेहतरीन कलाकार हैं। उन्हें जिस भी रोल की जिम्मेदारी दी जाती है, उसमें वह दर्शकों के बीच अमिट छाप छोड़ते हैं। वह राम और रावण की सेना में हर वर्ष महत्वपूर्ण किरदार में रहते हैं। सलीम का कहना है कि वह 25 वर्षों से रामलीला मंच पर अभिनय कर रहे हैं। उनके सामने कई बार सामाजिक चुनौतियां आई हैं। उन्हें अभिनय करने से रोका गया, लेकिन वह कभी भी रामलीला में अभिनय से पीछे नहीं हटे। उनका मानना है कि सबका मालिक एक है। अभिनय को धर्म से जोड़कर न देखा जाए। वह जीवन भर इसी तरह रामलीला में अभिनय करते रहेंगे।
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सहारनपुर। श्रीरामलीलाओं में मुस्लिम कलाकार सांप्रदायिक सौहार्द के रंग भर रहे हैं। गोविंदनगर मैदान पर चल रही रामलीला में मोहम्मद अली दूसरी बार रावण के रोल में हैं तो टीटू कॉलोनी की रामलीला में मोहम्मद सलीम बाणासुर, नारद, महिरावण सहित अनेक अभिनय कर अमिट छाप छोड़ रहे हैं। हर साल मुस्लिम कलाकार सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते आ रहे हैं। भारतीय कला मंच रामलीला सभा में गोविंदनगर निवासी 48 वर्षीय मोहम्मद अली रावण का अभिनय कर रहे हैं। इनका कहना है कि श्रीरामलीला के मंच पर अभिनय कर उन्हें बेहद खुशी मिलती है। उनके अभिनय करने से उनका परिवार प्रसन्न है। कुछ लोगों ने इसका विरोध भी किया, लेकिन उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। वह इसी तरह आगे भी रामलीला में अभिनय करते रहेंगे। सभा महामंत्री वरुण शर्मा ने बताया कि मोहम्मद अली दूसरी बार रावण के रोल में हैं। पिछले वर्ष उन्होंने पहली बार रामलीला मंच पर रावण का अभिनय कर दर्शकों को अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था।
इसी तरह भारतीय कला संगम श्रीरामलीला सभा टीटू कॉलोनी में पातालनगरी के 40 वर्षीय सलीम बाणासुर, नारद, महिरावण सहित अनेक अभिनय कर रहे हैं। सभा के अध्यक्ष सतपाल कालड़ा का कहना है कि सलीम एक बेहतरीन कलाकार हैं। उन्हें जिस भी रोल की जिम्मेदारी दी जाती है, उसमें वह दर्शकों के बीच अमिट छाप छोड़ते हैं। वह राम और रावण की सेना में हर वर्ष महत्वपूर्ण किरदार में रहते हैं। सलीम का कहना है कि वह 25 वर्षों से रामलीला मंच पर अभिनय कर रहे हैं। उनके सामने कई बार सामाजिक चुनौतियां आई हैं। उन्हें अभिनय करने से रोका गया, लेकिन वह कभी भी रामलीला में अभिनय से पीछे नहीं हटे। उनका मानना है कि सबका मालिक एक है। अभिनय को धर्म से जोड़कर न देखा जाए। वह जीवन भर इसी तरह रामलीला में अभिनय करते रहेंगे।
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