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बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में रालोद का बिजलीघर पर धरना प्रदर्शन
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:23 AM IST
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बिजली की बढ़ी दरों के खिलाफ प्रदर्शन
देवबंद (सहारनपुर)। बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में राष्ट्रीय लोकदल ने प्रदेशव्यापी पोल खोल, धावा बोल अभियान के तहत सोमवार को सांपला रोड स्थित बिजलीघर पर धरना प्रदर्शन किया। रोलाद के नगर अध्यक्ष सलीम ख्वाजा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बिजलीघर पर प्रदर्शन कर सरकार द्वारा बढ़ाई गई बिजली दरों का विरोध किया। सलीम ख्वाजा ने कहा कि प्रदेश की किसान, मजदूर विरोधी भाजपा सरकार ने बिजली की दरें बढ़ाकर गरीब, किसान और मजदूरों की कमर तोड़ने का काम किया है। औसतन 4923 रुपये मासिक आय वाले ग्रामीणों को दो हजार रुपये से 2350 रुपये ट्यूबवेल के लिए और 800 से 850 रुपये प्रतिमाह घरेलू बिजली बिल देना होगा। यही नहीं गरीब ई-रिक्शा चालकों को जहां बढ़ी दरों का भुगतान करना होगा। वहीं, बीपीएल कनेक्शन पाने वाले परिवारों से भी पिछला बकाया सख्ती के साथ वसूला जाएगा। ख्वाजा ने कहा कि यदि किसी कारणवश बिजली के भुगतान में देरी हुई तो उपभोक्ता राजस्व बकायेदार के स्थान पर अपराधी मानकर उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा। गरीबों पर सरकारी अत्याचार को रोकने के लिए रालोद जयंत चौधरी की अगुवाई में सरकार के इस तुगलकी फरमान के विरोध में जनांदोलन शुरू करेगी। प्रदर्शनकारियों में नईम अहमद, शुऐब चौधरी, मौ. जावेद, नौशाद, सुफियान कुरैशी, साजिद कुरैशी, यामीन, सादमान, शादाब, खुर्शीद, अय्यूब, फरमान, ललित, कबीर, इशरत खान, शौकीन आदि शामिल रहे।
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देवबंद (सहारनपुर)। बिजली की बढ़ी दरों के विरोध में राष्ट्रीय लोकदल ने प्रदेशव्यापी पोल खोल, धावा बोल अभियान के तहत सोमवार को सांपला रोड स्थित बिजलीघर पर धरना प्रदर्शन किया। रोलाद के नगर अध्यक्ष सलीम ख्वाजा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने बिजलीघर पर प्रदर्शन कर सरकार द्वारा बढ़ाई गई बिजली दरों का विरोध किया। सलीम ख्वाजा ने कहा कि प्रदेश की किसान, मजदूर विरोधी भाजपा सरकार ने बिजली की दरें बढ़ाकर गरीब, किसान और मजदूरों की कमर तोड़ने का काम किया है। औसतन 4923 रुपये मासिक आय वाले ग्रामीणों को दो हजार रुपये से 2350 रुपये ट्यूबवेल के लिए और 800 से 850 रुपये प्रतिमाह घरेलू बिजली बिल देना होगा। यही नहीं गरीब ई-रिक्शा चालकों को जहां बढ़ी दरों का भुगतान करना होगा। वहीं, बीपीएल कनेक्शन पाने वाले परिवारों से भी पिछला बकाया सख्ती के साथ वसूला जाएगा। ख्वाजा ने कहा कि यदि किसी कारणवश बिजली के भुगतान में देरी हुई तो उपभोक्ता राजस्व बकायेदार के स्थान पर अपराधी मानकर उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेजा जाएगा। गरीबों पर सरकारी अत्याचार को रोकने के लिए रालोद जयंत चौधरी की अगुवाई में सरकार के इस तुगलकी फरमान के विरोध में जनांदोलन शुरू करेगी। प्रदर्शनकारियों में नईम अहमद, शुऐब चौधरी, मौ. जावेद, नौशाद, सुफियान कुरैशी, साजिद कुरैशी, यामीन, सादमान, शादाब, खुर्शीद, अय्यूब, फरमान, ललित, कबीर, इशरत खान, शौकीन आदि शामिल रहे।