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जिला कारागार के लिए भूमि तलाशने के निर्देश
Updated Fri, 18 May 2018 12:09 AM IST
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सहारनपुर। जिला कारागार को खाली करने के लिए एक बार फिर से शासन ने निर्देश जारी किए हैं तथा नई जेल के निर्माण के लिए भूमि चयन के संबंध में जवाब तलब किया गया है। पुरातत्व विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस के बाद शासन ने जेल निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
शासन द्वारा आठ मई को जिलाधिकारी से जेल के स्थानांतरण किए जाने एवं नई जिला जेल के लिए चयनित भूमि के बारे में जवाब तलब किया गया है। यह कार्रवाई पुरातत्व विभाग के नोटिस के बाद की गई है। पहले भी पुरातत्व विभाग द्वारा नोटिस भेजने के बाद शासन ने शीघ्र भूूमि चिह्नित कर नई जेल का निर्माण शुरू कराए जाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक न तो भूमि का चयन ही हो पाया है और न ही कोई अन्य प्रक्रिया शुरू की गई है। जिस पर संयुक्त सचिव की ओर से नाराजगी जताई गई है और जवाब मांगा गया है।
पांच सौ की क्षमता वाली जेल में 1700 बंदी
सहारनपुर जिला कारागार की क्षमता पांच सौ बंदियों को रखने की है, लेकिन इस कारागार की नौ बैरकों में लगभग 1700 बंदी रखे जा रहे हैं। जिसके चलते भी नई जेल बनाए जाने की जरूरत बताई जा रही है। पुरातत्व विभाग ने रोहिला किला बताते हुए इस कारागार में किसी भी नए निर्माण पर रोक लगा दी है।
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रोहिला राजवंश का किला था जिला कारागार
सहारनपुर जिला कारागार करीब 200 साल पहले रोहिला राजवंश का किला था। अंग्रेजों ने 1870 में इस किले को जेल बना दिया गया, लेकिन पुरातत्व विभाग ने वर्ष 1920 में इस जेल को संरक्षित स्मारक घोषित कर दिया। वर्ष 2014 में पुरातत्व विभाग ने जेल के कुछ हिस्सों में खुदाई की। इस खुदाई में पुरातात्विक महत्व की कई चीजें निकली थीं। जेल के गेट पर पत्थर लगा हुआ है। इस पत्थर पर रोहिला राजवंश के बारे में लिखा हुआ है।
80 एकड़ में बनेगी नई जेल
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डाक्टर वीरेश राज शर्मा का कहना है कि जेल प्रशासन के अनुसार नई जेल बनाने के लिए 80 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। प्रशासन भूमि तलाशे जाने की बात कह रहा है।
लेकिन अभी तक उनके पास भूमि चयन संबंधी कोई अभिलेख नहीं आया है।
सहारनपुर जिला कारागार के लिए भूमि चयनित
सहारनपुर में नई जिला जेल के लिए बेहट रोड पर भूमि का चयन कर लिया गया है। इसकी फाइल तैयार हो चुकी है। जिसे शासन को भेजा जा रहा है। शीघ्र ही निर्माण प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा।
-पीके पांडेय, जिलाधिकारी, सहारनपुर
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शासन द्वारा आठ मई को जिलाधिकारी से जेल के स्थानांतरण किए जाने एवं नई जिला जेल के लिए चयनित भूमि के बारे में जवाब तलब किया गया है। यह कार्रवाई पुरातत्व विभाग के नोटिस के बाद की गई है। पहले भी पुरातत्व विभाग द्वारा नोटिस भेजने के बाद शासन ने शीघ्र भूूमि चिह्नित कर नई जेल का निर्माण शुरू कराए जाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक न तो भूमि का चयन ही हो पाया है और न ही कोई अन्य प्रक्रिया शुरू की गई है। जिस पर संयुक्त सचिव की ओर से नाराजगी जताई गई है और जवाब मांगा गया है।
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पांच सौ की क्षमता वाली जेल में 1700 बंदी
सहारनपुर जिला कारागार की क्षमता पांच सौ बंदियों को रखने की है, लेकिन इस कारागार की नौ बैरकों में लगभग 1700 बंदी रखे जा रहे हैं। जिसके चलते भी नई जेल बनाए जाने की जरूरत बताई जा रही है। पुरातत्व विभाग ने रोहिला किला बताते हुए इस कारागार में किसी भी नए निर्माण पर रोक लगा दी है।
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रोहिला राजवंश का किला था जिला कारागार
सहारनपुर जिला कारागार करीब 200 साल पहले रोहिला राजवंश का किला था। अंग्रेजों ने 1870 में इस किले को जेल बना दिया गया, लेकिन पुरातत्व विभाग ने वर्ष 1920 में इस जेल को संरक्षित स्मारक घोषित कर दिया। वर्ष 2014 में पुरातत्व विभाग ने जेल के कुछ हिस्सों में खुदाई की। इस खुदाई में पुरातात्विक महत्व की कई चीजें निकली थीं। जेल के गेट पर पत्थर लगा हुआ है। इस पत्थर पर रोहिला राजवंश के बारे में लिखा हुआ है।
80 एकड़ में बनेगी नई जेल
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डाक्टर वीरेश राज शर्मा का कहना है कि जेल प्रशासन के अनुसार नई जेल बनाने के लिए 80 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। प्रशासन भूमि तलाशे जाने की बात कह रहा है।
लेकिन अभी तक उनके पास भूमि चयन संबंधी कोई अभिलेख नहीं आया है।
सहारनपुर जिला कारागार के लिए भूमि चयनित
सहारनपुर में नई जिला जेल के लिए बेहट रोड पर भूमि का चयन कर लिया गया है। इसकी फाइल तैयार हो चुकी है। जिसे शासन को भेजा जा रहा है। शीघ्र ही निर्माण प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा।
-पीके पांडेय, जिलाधिकारी, सहारनपुर