{"_id":"5ac90d7e4f1c1bd4618b61bf","slug":"111523125630-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऋण मोचन प्रमाण पत्र मिलने के बाद भी नहीं मिला लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऋण मोचन प्रमाण पत्र मिलने के बाद भी नहीं मिला लाभ
Updated Sun, 08 Apr 2018 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामपुर मनिहारान (सहारनपुर)। ऋण मोचन योजना का पैसा खाते में आने और प्रमाण पत्र मिलने के बाद भी बैंक ने लोन की रकम किसान के खाते से काट ली। आरोप है कि विरोध करने पर बैंक कर्मचारियों ने उसे धक्के देकर बाहर निकाल दिया।
गांव शेरपुर निवासी राजबीर सिंह पुत्र सुभा सिंह ने एसबीआई से 50 हजार का फसली ऋण लिया था जो ब्याज सहित 61808 रुपया हो गया था। प्रदेश सरकार की किसान के लिए फसली ऋण योजना के तहत उसे आयोजित समारोह में 61,808 रुपये का ऋण मोचन पत्र भी दिया गया और उसके खाते में सरकार द्वारा 23 सितंबर 2017 को यह रुपया भी भेजा गया था। अब किसान से इस खाते से नौ मार्च को बैंक ने 61808 रुपये ब्याज सहित काट लिए। इसकी जानकारी मिलने पर जब किसान शनिवार को बैंक पहुंचा और शाखा प्रबंधक से जानकारी ली तो उन्होंने कहा कि ऋण मोचन योजना के तहत गलत रिपोर्ट चली गई थी। वह इस योजना में लाभार्थी होने का पात्र नहीं है। किसान का कहना था कि उसे सरकार द्वारा ऋण मोचन पत्र दिया गया और उसके खाते में सरकार द्वारा पैसा भी भेजा गया और अब बैंक ने ऋण माफी का पैसा उसके खाते से काट लिया जो नियम विरुद्ध है। आरोप है कि उसने बैंक कर्मचारियों का विरोध किया तो उन्होंने उसे बैंक से धक्के देकर बाहर निकाल दिया। उधर इस संबंध में शाखा प्रबंधक का कहना है कि किसान ने मई 2016 में ऋण लिया था जबकि मार्च से पूर्व के ऋण माफ किए गए हैं।
विज्ञापन
गांव शेरपुर निवासी राजबीर सिंह पुत्र सुभा सिंह ने एसबीआई से 50 हजार का फसली ऋण लिया था जो ब्याज सहित 61808 रुपया हो गया था। प्रदेश सरकार की किसान के लिए फसली ऋण योजना के तहत उसे आयोजित समारोह में 61,808 रुपये का ऋण मोचन पत्र भी दिया गया और उसके खाते में सरकार द्वारा 23 सितंबर 2017 को यह रुपया भी भेजा गया था। अब किसान से इस खाते से नौ मार्च को बैंक ने 61808 रुपये ब्याज सहित काट लिए। इसकी जानकारी मिलने पर जब किसान शनिवार को बैंक पहुंचा और शाखा प्रबंधक से जानकारी ली तो उन्होंने कहा कि ऋण मोचन योजना के तहत गलत रिपोर्ट चली गई थी। वह इस योजना में लाभार्थी होने का पात्र नहीं है। किसान का कहना था कि उसे सरकार द्वारा ऋण मोचन पत्र दिया गया और उसके खाते में सरकार द्वारा पैसा भी भेजा गया और अब बैंक ने ऋण माफी का पैसा उसके खाते से काट लिया जो नियम विरुद्ध है। आरोप है कि उसने बैंक कर्मचारियों का विरोध किया तो उन्होंने उसे बैंक से धक्के देकर बाहर निकाल दिया। उधर इस संबंध में शाखा प्रबंधक का कहना है कि किसान ने मई 2016 में ऋण लिया था जबकि मार्च से पूर्व के ऋण माफ किए गए हैं।
विज्ञापन