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नक्शे पास होने का ग्राफ घटा, सड़कें भी लटकीं
Updated Wed, 13 Sep 2017 01:04 AM IST
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नक्शे पास होने का ग्राफ घटा, सड़कें भी लटकीं
सहारनपुर। जनपद में खनन बंद होने से विकास कार्यों पर ब्रेक लगा हुआ है। विकास प्राधिकरण से पास होने वाले भवनों के नक्शों की संख्या घटकर 50 फीसदी से भी कम रह गई है, वहीं प्राधिकरण द्वारा बनाई जाने वाली 200 से अधिक सड़कें लटकी हैं।
एनजीटी के आदेश पर सहारनपुर में फरवरी 2016 से खनन पूरी तरह बंद है। इसकी वजह से निर्माण कंपनियों और विभागों को निर्माण कार्य के लिए रेत और बजरी नहीं मिल रही है। जनपद में करीब साढ़े चार को निर्माण कार्य लटके हैं। बात विकास प्राधिकरण कर करें तो 200 से अधिक सड़कों का निर्माण या तो रुका है या फिर शुरू नहीं हो सका है। इसके अलावा आम आदमी को भी रेत और बजरी न मिलने से वह भवनों के नक्शे (मानचित्र) पास नहीं करा रहे हैं। खनन बंद होने के बाद पास होने वाले नक्शों की संख्या में करीब 50 फीसदी की गिरावट आई है। पिछले महीने यानी अगस्त में कुल 28 नक्शे पास कराए गए। इससे विकास प्राधिकरण को प्राप्त होने वाले राजस्व में भी भारी गिरावट आई है। प्राधिकरण सचिव सत्यप्रकाश शर्मा का कहना है कि जिस दिन सरकार नई खनन नीति लागू कर देगी या खनन खुल जाएगा उस दिन काम शुरू करा दिए जाएंगे। बताया कि कई कार्यों के टेंडर हुए सात से आठ महीने हो गए हैं।
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सहारनपुर। जनपद में खनन बंद होने से विकास कार्यों पर ब्रेक लगा हुआ है। विकास प्राधिकरण से पास होने वाले भवनों के नक्शों की संख्या घटकर 50 फीसदी से भी कम रह गई है, वहीं प्राधिकरण द्वारा बनाई जाने वाली 200 से अधिक सड़कें लटकी हैं।
एनजीटी के आदेश पर सहारनपुर में फरवरी 2016 से खनन पूरी तरह बंद है। इसकी वजह से निर्माण कंपनियों और विभागों को निर्माण कार्य के लिए रेत और बजरी नहीं मिल रही है। जनपद में करीब साढ़े चार को निर्माण कार्य लटके हैं। बात विकास प्राधिकरण कर करें तो 200 से अधिक सड़कों का निर्माण या तो रुका है या फिर शुरू नहीं हो सका है। इसके अलावा आम आदमी को भी रेत और बजरी न मिलने से वह भवनों के नक्शे (मानचित्र) पास नहीं करा रहे हैं। खनन बंद होने के बाद पास होने वाले नक्शों की संख्या में करीब 50 फीसदी की गिरावट आई है। पिछले महीने यानी अगस्त में कुल 28 नक्शे पास कराए गए। इससे विकास प्राधिकरण को प्राप्त होने वाले राजस्व में भी भारी गिरावट आई है। प्राधिकरण सचिव सत्यप्रकाश शर्मा का कहना है कि जिस दिन सरकार नई खनन नीति लागू कर देगी या खनन खुल जाएगा उस दिन काम शुरू करा दिए जाएंगे। बताया कि कई कार्यों के टेंडर हुए सात से आठ महीने हो गए हैं।
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