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सहारनपुर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने वीआरएस मांगा
Updated Sun, 20 Aug 2017 01:27 AM IST
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सहारनपुर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने वीआरएस मांगा
सरसावा (सहारनपुर)। शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आनंद स्वरूप ने अपने पद को छोड़ने की पेशकश करते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने के लिए उत्तर प्रदेश शासन को प्रार्थना पत्र भेजा है। इसका कारण कॉलेज में स्टाफ से पूरा सहयोग और बेहतर माहौल न मिलने तथा संविदा नियुक्तियों में बाहरी लोगों के अनावश्यक दबाव से खफा होना बताया जा रहा है।
डा. स्वरूप की ओर से वीआरएस की पेशकश के बाद से मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा विशेषज्ञों से लेकर स्टाफ सदस्यों में कई तरह की अटकलें चल रही हैं। कॉलेज से जुड़े सूत्रों ने बताया कि डा. गुप्ता 22 जुलाई से ही अवकाश पर चल रहे हैं। इसी बीच, 14 अगस्त को ही उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए प्रार्थना पत्र भेजा है।
सूत्रों से यह भी पता चला है कि डा. स्वरूप उत्तर प्रदेश शासन की ओर से डा. केके गुप्ता को चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक के रूप में नियुक्ति को लेकर भी नाराज थे। बताया गया है कि सीनियर होने के बावजूद आनंद स्वरूप को इस पद पर मौका नहीं दिया गया जबकि वह डा. केके गुप्ता से सीनियर थे। इस मामले में जब डा. आनंद स्वरूप से फोन पर संपर्क किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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उधर, प्राचार्य डाक्टर आनन्द स्वरूप की अनुपस्थिति में एनॉटमी विभागाध्यक्ष डा. अमित श्रीवास्तव को कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी दी गई है। डा. स्वरूप के मामले पर यहां के अधिकारी और स्टाफ के सदस्य कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका यही कहना है कि यह डा. स्वरूप का निजी मामला है। इसके बारे में वही पूरी स्थिति साफ कर सकते हैं।
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सरसावा (सहारनपुर)। शेखुल हिंद मौलाना महमूद हसन राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. आनंद स्वरूप ने अपने पद को छोड़ने की पेशकश करते हुए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने के लिए उत्तर प्रदेश शासन को प्रार्थना पत्र भेजा है। इसका कारण कॉलेज में स्टाफ से पूरा सहयोग और बेहतर माहौल न मिलने तथा संविदा नियुक्तियों में बाहरी लोगों के अनावश्यक दबाव से खफा होना बताया जा रहा है।
डा. स्वरूप की ओर से वीआरएस की पेशकश के बाद से मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा विशेषज्ञों से लेकर स्टाफ सदस्यों में कई तरह की अटकलें चल रही हैं। कॉलेज से जुड़े सूत्रों ने बताया कि डा. गुप्ता 22 जुलाई से ही अवकाश पर चल रहे हैं। इसी बीच, 14 अगस्त को ही उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए प्रार्थना पत्र भेजा है।
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सूत्रों से यह भी पता चला है कि डा. स्वरूप उत्तर प्रदेश शासन की ओर से डा. केके गुप्ता को चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य महानिदेशक के रूप में नियुक्ति को लेकर भी नाराज थे। बताया गया है कि सीनियर होने के बावजूद आनंद स्वरूप को इस पद पर मौका नहीं दिया गया जबकि वह डा. केके गुप्ता से सीनियर थे। इस मामले में जब डा. आनंद स्वरूप से फोन पर संपर्क किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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उधर, प्राचार्य डाक्टर आनन्द स्वरूप की अनुपस्थिति में एनॉटमी विभागाध्यक्ष डा. अमित श्रीवास्तव को कार्यवाहक प्राचार्य की जिम्मेदारी दी गई है। डा. स्वरूप के मामले पर यहां के अधिकारी और स्टाफ के सदस्य कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका यही कहना है कि यह डा. स्वरूप का निजी मामला है। इसके बारे में वही पूरी स्थिति साफ कर सकते हैं।