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महेशपुर गांव में 15 दिन में कैंसर से तीन की मौत
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:20 AM IST
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बड़गांव (सहारनपुर)। महेशपुर गांव में कैंसर से पंद्रह दिन के अंदर दो महिलाओं सहित तीन लोगों की मौत हो गई। तीन मौतों से ग्रामीणों में दशहत का माहौल बना है। हिंडन नदी किनारे बसे गांवों में इस बीमारी का प्रकोप है।
बड़गांव क्षेत्र में हिंडन नदी किनारे बसे गांव महेशपुर निवासी 55 वर्षीय श्रीपाल पुत्र ईसम को गले में कैंसर की पुष्टि हुई। परिजन उन्हें जिला अस्पताल से लेकर बीकानेर तक उपचार कराने लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी मौत हो गई। इसके बाद इसी गांव के लीलू सैनी की 40 वर्षीय पत्नी संतोष देवी में स्तन कैंसर का पता चला। परिजन उन्हें भी उपचार के लिए चंडीगढ़ हायर सेंटर लेकर गए, लेकिन उपचार के बावजूद उनको बचाया नहीं जा सका। शनिवार को इसी गांव निवासी 41 वर्षीय राजबती पत्नी राजू की भी स्तन कैंसर से मौत हो गई। ग्राम प्रधान पप्पू उर्फ श्यामसिंह ने बताया कि इससे पहले भी उनके गांव में कैंसर और इससे मिलती जुलती बीमारियों से चलते दस से पन्द्रह अकाल मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रदूषित नदी में बहने वाले प्रदूषित पानी ने भूगर्भ जल स्तर को 120 फीट तक प्रदूषित करके रख दिया जिस कारण इस गहराई पर लगे हैंडपंप से पीला पानी निकल रहा है। हिंडन नदी में बहने वाले प्रदूषित केमिकल्स रूपी काले काले तीखे बदबूदार इस पानी ने 120 फीट की गहराई वाले भूगर्भ जल स्तर को भी पूरी तरह से प्रदूषित करके रख दिया है।
एसडीएम रामपुर मनिहारन देवेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि महेशपुर गांव में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा पानी की टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। यहां के ग्रामीणों को शीघ्र ही पीने के लिए शुद्ध पानी मिल सकेगा।
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बड़गांव क्षेत्र में हिंडन नदी किनारे बसे गांव महेशपुर निवासी 55 वर्षीय श्रीपाल पुत्र ईसम को गले में कैंसर की पुष्टि हुई। परिजन उन्हें जिला अस्पताल से लेकर बीकानेर तक उपचार कराने लेकर पहुंचे, लेकिन उनकी मौत हो गई। इसके बाद इसी गांव के लीलू सैनी की 40 वर्षीय पत्नी संतोष देवी में स्तन कैंसर का पता चला। परिजन उन्हें भी उपचार के लिए चंडीगढ़ हायर सेंटर लेकर गए, लेकिन उपचार के बावजूद उनको बचाया नहीं जा सका। शनिवार को इसी गांव निवासी 41 वर्षीय राजबती पत्नी राजू की भी स्तन कैंसर से मौत हो गई। ग्राम प्रधान पप्पू उर्फ श्यामसिंह ने बताया कि इससे पहले भी उनके गांव में कैंसर और इससे मिलती जुलती बीमारियों से चलते दस से पन्द्रह अकाल मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि प्रदूषित नदी में बहने वाले प्रदूषित पानी ने भूगर्भ जल स्तर को 120 फीट तक प्रदूषित करके रख दिया जिस कारण इस गहराई पर लगे हैंडपंप से पीला पानी निकल रहा है। हिंडन नदी में बहने वाले प्रदूषित केमिकल्स रूपी काले काले तीखे बदबूदार इस पानी ने 120 फीट की गहराई वाले भूगर्भ जल स्तर को भी पूरी तरह से प्रदूषित करके रख दिया है।
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एसडीएम रामपुर मनिहारन देवेन्द्र प्रताप सिंह का कहना है कि महेशपुर गांव में ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा पानी की टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। यहां के ग्रामीणों को शीघ्र ही पीने के लिए शुद्ध पानी मिल सकेगा।
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