{"_id":"5b16dc974f1c1b214d8b4cf4","slug":"101528224919-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राकृतिक आपदाओं के लिए प्रकृति से छेड़छाड़ जिम्मेदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राकृतिक आपदाओं के लिए प्रकृति से छेड़छाड़ जिम्मेदार
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगोह (सहारनपुर)। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शोभित विश्वविद्यालय में प्रकृति के संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से सेमिनार का आयोजन किया गया। विवि परिसर में पैधारोपण करने के उपरांत प्रति कुलपति डॉ. डीके कौशिक एवं कुल सचिव डॉ. महिपाल सिंह ने विश्व पर्यावरण दिवस की बधाई दी।
प्रति कुलपति ने कहा कि आधुनिक युग में तेज औद्योगिक विकास के फलस्वरूप दुनिया के पर्यावरण को सुरक्षित रखने की एक बड़ी चुनौती ग्लोबल वार्मिंग के रूप में हम सब के सामने खड़ी हो गई है। इसलिए हमें औद्योगिक विकास और पर्यावरण के बीच एक संतुलन बनाकर चलना होगा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकाधिक पौधरोपण पर बल दिया। प्रदूषण के कारण शुद्ध हवा, स्वच्छ पानी तक मिल पाना असंभव होता जा रहा है। प्रति कुलपति ने विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण के साथ ही स्वच्छता की सौगंध दिलाई। कुलसचिव डॉ. महिपाल सिंह ने कहा कि विज्ञान को प्रकृति और संस्कृति को जोड़ने वाला सूत्र बताया। उन्होंने प्रकृति के नियमों की अवहेलना और प्राकृतिक संसाधनों के अनुचित दोहन को ही प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ने और बाढ़, भूकंप सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं का कारण बताया। संचालन डॉ. प्रशांत कुमार ने किया। कार्यक्रम आयोजक राजपाल सिंह ने आभार जताया। गोष्ठी में विवि के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकों और छात्र छात्राओं ने सहभागिता की।
विज्ञापन
प्रति कुलपति ने कहा कि आधुनिक युग में तेज औद्योगिक विकास के फलस्वरूप दुनिया के पर्यावरण को सुरक्षित रखने की एक बड़ी चुनौती ग्लोबल वार्मिंग के रूप में हम सब के सामने खड़ी हो गई है। इसलिए हमें औद्योगिक विकास और पर्यावरण के बीच एक संतुलन बनाकर चलना होगा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिकाधिक पौधरोपण पर बल दिया। प्रदूषण के कारण शुद्ध हवा, स्वच्छ पानी तक मिल पाना असंभव होता जा रहा है। प्रति कुलपति ने विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण के साथ ही स्वच्छता की सौगंध दिलाई। कुलसचिव डॉ. महिपाल सिंह ने कहा कि विज्ञान को प्रकृति और संस्कृति को जोड़ने वाला सूत्र बताया। उन्होंने प्रकृति के नियमों की अवहेलना और प्राकृतिक संसाधनों के अनुचित दोहन को ही प्रकृति के संतुलन को बिगाड़ने और बाढ़, भूकंप सहित अन्य प्राकृतिक आपदाओं का कारण बताया। संचालन डॉ. प्रशांत कुमार ने किया। कार्यक्रम आयोजक राजपाल सिंह ने आभार जताया। गोष्ठी में विवि के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षकों और छात्र छात्राओं ने सहभागिता की।
विज्ञापन