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डीएम ने बैसाखी मेले की तैयारियों की समीक्षा की
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:32 AM IST
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सहारनपुर। जिलाधिकारी पीके पांडे ने मंगलवार को बाबा लालदास घाट पर लगने वाले बैसाखी मेले की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह हरिद्वार से गंगाजल मंगवाने की व्यवस्था की जाए।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में पांवधोई बचाव समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें बाबा लालदास घाट पर हर वर्ष 13 अप्रैल पर लगने वाले बैसाखी मेले के आयोजन की तैयारियों पर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने नगर निगम को बाबा लालदास घाट , मेला स्थल की सफाई एवं घाट पर स्नान के लिए अलग से पानी की टोंटियां लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह हरिद्वार से गंगाजल मंगवाने की व्यवस्था भी की जानी चाहिए । पांवधोई की पवित्रता और उसके स्वरूप को लौटाने के लिए नदी की सफाई एवं नदी के किनारों पर किये गए अतिक्रमण को हटाने के लिए जल्द ही अभियान चलाया जायेगा। पांवधोई समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. वीरेन्द्र आजम ने मेले के आयोजन, उसके महत्व और पांवधोई नदी के इतिहास की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह मेला सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक रुप में भी जाना जाता है। डॉ.एसके उपाध्याय, डॉ.पीके शर्मा, कुलभूषण जैन, मनीष कच्छल, आमिर खां, मौलवी फरीद, योगेश गोयल आदि रहे।
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मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में पांवधोई बचाव समिति की एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें बाबा लालदास घाट पर हर वर्ष 13 अप्रैल पर लगने वाले बैसाखी मेले के आयोजन की तैयारियों पर विचार विमर्श किया गया। उन्होंने नगर निगम को बाबा लालदास घाट , मेला स्थल की सफाई एवं घाट पर स्नान के लिए अलग से पानी की टोंटियां लगवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर वर्ष की तरह हरिद्वार से गंगाजल मंगवाने की व्यवस्था भी की जानी चाहिए । पांवधोई की पवित्रता और उसके स्वरूप को लौटाने के लिए नदी की सफाई एवं नदी के किनारों पर किये गए अतिक्रमण को हटाने के लिए जल्द ही अभियान चलाया जायेगा। पांवधोई समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. वीरेन्द्र आजम ने मेले के आयोजन, उसके महत्व और पांवधोई नदी के इतिहास की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह मेला सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक रुप में भी जाना जाता है। डॉ.एसके उपाध्याय, डॉ.पीके शर्मा, कुलभूषण जैन, मनीष कच्छल, आमिर खां, मौलवी फरीद, योगेश गोयल आदि रहे।
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