फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   यूपी बोर्ड का परिणाम 30 से 40 फीसदी रहने का अनुमान

यूपी बोर्ड का परिणाम 30 से 40 फीसदी रहने का अनुमान

Sat, 31 Mar 2018 12:08 AM IST
Updated Sat, 31 Mar 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
यूपी बोर्ड का परिणाम 30 से 40 फीसदी रहने का अनुमान
सहारनपुर। यूपी बोर्ड में दसवीं और 12वीं का परिणाम इस बार 30 से 40 फीसदी रहने वाला है। इसमें पूर्वी क्षेत्र के जनपदों की हालत अधिक खराब है। यह दसवीं और 12वीं की कॉपियां जांच रहे परीक्षकों और केंद्र व्यवस्थापकों का दावा है। मूल्यांकन में कई कॉलेजों की कॉपियां कोरी निकल रही हैं। परीक्षकों का कहना है कि इस बार दसवीं और 12वीं का परिणाम बच्चों को रुलाने वाला रहेगा।
विज्ञापन

इस बार बोर्ड परीक्षाओं में नकल पर नकेल कसने के लिए शासन ने प्रत्येक कक्ष में सीसीटीवी कैमरे होने की अनिवार्यता रखी थी। कक्षों में सीसीटीवी कैमरे लगे होने और प्रदेश सरकार के सख्त रुख के चलते इस बार प्रदेश में कहीं भी नकल नहीं हो सकी। इन दिनों जनपद के चार केंद्रों पर पूर्वी जिलों के कॉलेजों की दसवीं और 12वीं की कॉपियां जांची जा रही हैं। कॉपियों की हालत देखकर परीक्षक भी हैरान हैं। परीक्षक ही नहीं, केंद्र व्यवस्थापक भी इस बार पूरब क्षेत्र में दसवीं और 12वीं का परिणाम 30 से 40 फीसदी ही रहने की बात कह रहे हैं, जो कि पिछले वर्षों में 80 से 90 फीसदी तक रहता था। जेवी जैन इंटर कॉलेज में 12वीं की कॉपियां जांची जा रही हैं। केंद्र व्यवस्थापक अतुल जैन ने बताया कि उन्होंने खुद केमिस्ट्री और अन्य विषयों की कॉपियां जांची हैं। कई परीक्षार्थियों ने कॉपियां कोरी छोड़ी हुई हैं। जिन परीक्षार्थियों ने काम किया हुआ है उनमें भी 15 से 20 फीसदी बच्चे ही उत्तीर्ण होते नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपने केंद्र पर जांची जा रही उत्तर पुस्तिकाओं में से 15 से 20 फीसदी परीक्षार्थियों के ही पास होने की उम्मीद जताई है। बीडी बाजोरिया इंटर कॉलेज में भी कॉपियों की जांच चल रही है। उप प्रधानाचार्य शर्मिला ने भी इस बार परिणाम के 30 से 35 फीसदी तक रहने की उम्मीद जताई है। उनका कहना है कि इस बार परीक्षार्थियों ने काम ही नहीं किया है। परीक्षक अपने स्तर से सही मूल्यांकन कर नंबर दे रहे हैं, मगर यदि किसी परीक्षार्थी ने कॉपी कोरी ही छोड़ दी हो तो उसका कुछ नहीं किया जा सकता है। राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य महावीर सिंह अपने केंद्र पर जांची गई कॉपियों में से मुश्किल से 35 से 40 फीसदी परीक्षार्थियों के पास होने का दावा कर रहे हैं। यही स्थिति चौथे केंद्र एसएएम इंटर कॉलेज की भी है। यहां के प्रधानाचार्य मनोज काकरान का तो यह भी कहना है कि उनके यहां जांची गई कॉपियों में से कितने पास होंगे यह तो अलग विषय है। मगर यह भी खास है कि इस बार ज्यादातर बच्चों ने केवल एवरेज काम किया है। जिनको पासिंग मार्क्स ही दिए जा सकते हैं। 70 से 80 या उससे अधिक अंक दिए जाएं ऐसी शायद ही कोई कॉपी सामने आई हो।
विज्ञापन

-------------------------------------
पश्चिमी यूपी का परिणाम रहेगा सामान्य
केंद्र व्यवस्थापकों ने बताया कि सहारनपुर में जांची गई कॉपियां पूर्वी क्षेत्र के जनपदों की हैं, जहां की हालत अधिक खराब है। जेवी जैन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अतुल जैन का कहना है कि सहारनपुर और आसपास के जनपदों में कभी बड़े पैमाने पर नकल नहीं हुई है। केवल इक्का दुक्का बच्चा नकल करता पकड़ा जाता रहा है। ऐसे में नकल विहीन परीक्षा का यहां के परिणाम पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। यहां के बच्चे पहलेे ही बिना नकल किए पास होते रहे हैं और इस बार भी ऐसा ही होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed