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आरटीआई भ्रष्टाचार से लड़ने का बड़ा माध्यम : हाफिज उस्मान
Updated Sun, 25 Mar 2018 01:12 AM IST
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आरटीआई भ्रष्टाचार से लड़ने का बड़ा माध्यम : हाफिज उस्मान
सहारनपुर। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कहा कि आईटीआई भ्रष्टाचार से लड़ने का सबसे बड़ा माध्यम है। इसके सूचना के अधिकार के माध्यम से कई बडे़ घोटाले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि सूचना अधिकारी सूचना मांगने वाले से प्रार्थना पत्र लेने से मना नहीं कर सकते है। थर्ड पार्टी की सूचना देनेे के लिए आयोग ने 45 दिनों का समय दिया है।
शनिवार को विकास भवन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कहा कि सूचना मांगने वाला व्यक्ति क्या, कब और कैसे में सवाल नहीं पूछ सकता। इसके बजाए यह पूछा जाना चाहिए कि कोई भी काम किस नियम के तहत हुआ है या फिर जो कार्य नहीं हुआ है उस पर सवाल होना चाहिए कि वह किस नियम के तहत नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पूछी गई जानकारी जनहित में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसूचना अधिकारी किसी भी प्रार्थना पत्र को लेने से मना नहीं कर सकते, चाहे वह दूसरे विभाग की क्यों न हो। उन्होंने बताया कि थर्ड पार्टी सूचना देने के लिए आयोग ने 45 दिन का समय दिया है। राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि आरटीआई के माध्यम से कई बडे़ घोटालों का खुलासा भी हुआ है। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन, अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसके दूबे सहित अन्य मौजूद रहे।
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सहारनपुर। राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कहा कि आईटीआई भ्रष्टाचार से लड़ने का सबसे बड़ा माध्यम है। इसके सूचना के अधिकार के माध्यम से कई बडे़ घोटाले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि सूचना अधिकारी सूचना मांगने वाले से प्रार्थना पत्र लेने से मना नहीं कर सकते है। थर्ड पार्टी की सूचना देनेे के लिए आयोग ने 45 दिनों का समय दिया है।
शनिवार को विकास भवन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने कहा कि सूचना मांगने वाला व्यक्ति क्या, कब और कैसे में सवाल नहीं पूछ सकता। इसके बजाए यह पूछा जाना चाहिए कि कोई भी काम किस नियम के तहत हुआ है या फिर जो कार्य नहीं हुआ है उस पर सवाल होना चाहिए कि वह किस नियम के तहत नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पूछी गई जानकारी जनहित में होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसूचना अधिकारी किसी भी प्रार्थना पत्र को लेने से मना नहीं कर सकते, चाहे वह दूसरे विभाग की क्यों न हो। उन्होंने बताया कि थर्ड पार्टी सूचना देने के लिए आयोग ने 45 दिन का समय दिया है। राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि आरटीआई के माध्यम से कई बडे़ घोटालों का खुलासा भी हुआ है। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी संजीव रंजन, अपर जिलाधिकारी प्रशासन एसके दूबे सहित अन्य मौजूद रहे।
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