फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   10-12th pass people were running fake call centers for international online fraud

Saharanpur News: 10-12वीं पास चला रहे थे अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी का फर्जी कॉल सेंटर

Sat, 09 Aug 2025 12:48 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sat, 09 Aug 2025 12:48 AM IST
विज्ञापन
10-12th pass people were running fake call centers for international online fraud
पुलिस गिरफ्त में अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी करने वाले आरोपी।&n - फोटो : samvad
सहारनपुर। घंटाघर स्थित एक होटल में अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी का फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। कॉल सेंटर के जरिए अमेरिका के नागरिकों को टेक्निकल सपोर्ट के नाम पर साइबर ठगी का शिकार बनाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से चार महिलाओं समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह सभी दिल्ली, पश्चिम बंगाल, मणिपुर और नागालैंड के रहने वाले हैं, जो मात्र 10 या 12वीं पास हैं।
विज्ञापन

पुलिस लाइन में एसपी देहात सागर ने बताया कि शहर कोतवाली व साइबर क्राइम पुलिस को घंटाघर स्थित होटल रिडेक्शन में बाहर के लोगों के रहने और संदिग्ध गतिविधियां होने की जानकारी मिली थी। जांच के बाद पुलिस ने होटल में छापा मारा। यहां से दिल्ली निवासी रोहित शर्मा, करण सरीन, सोनिया, विक्रम, असम निवासी अलींग दौलगुपुनू, मणिपुर निवासी जसटीन उर्फ जेनगुलीन सिंगसन, सैमुअल, दार्जलिंग पश्चिमी बंगाल निवासी प्रयास, निकिता, नागालैंड निवासी चेनॉयहुन, सायरोनिलिया को गिरफ्तार किया। इनमें से आरोपी विक्रम के खिलाफ गुरुग्राम के थाना उद्योग नगर में भी केस दर्ज है। पूछताछ में सामने आया कि यह सभी आरोपी पिछले 20 दिन से होटल में रह रहे थे। इनसे 14 लैपटॉप, 11 मोबाइल, पांच हेडफोन, तीन चार्जर और 4900 रुपये नकद बरामद किए हैं।
विज्ञापन

------
-- ऐसे करते थे ऑनलाइन ठगी
एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि आरोपी डार्कवेब से अमेरिकी नागरिकों, खासतौर पर सीनियर सिटीजन का डाटा खरीदते थे। इसके बाद उनके कंप्यूटर सिस्टम में वायरस युक्त पॉपअप मेसेज भेजते थे। इसके बाद खुद को टेक्निकल सपोर्ट एजेंट बताकर आई बीम कॉलिंग माइक्रोसिप इनकमिंग एप्लिकेशन के जरिए कॉल करते थे। अल्ट्राव्यूअर नामक सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराकर पीड़ित का सिस्टम एक्सेस कर लेते थे। इसके बाद कंप्यूटर स्क्रीन पर फर्जी स्कैन रिपोर्ट दिखाकर पीड़ित को डराते थे उनके बैंक अकाउंट से प्रतिबंधित वेबसाइट पर ट्रांजेक्शन हुए हैं। डराने के बाद उन्हें गूगल प्ले, एप्पल, टारगेट, नाइक जैसे गिफ्ट कार्ड्स खरीदने को मजबूर किया जाता था। यह गिफ्ट कार्ड की डिटेल गिरोह के मैनेजर अनिरुद्ध व साथी रविंद्र सिंह को भेजी जाती थी, जो उन्हें रिडीम कर रुपये में बदलते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
-- गिरोह का मास्टरमाइंड है आरोपी रोहित
अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी का मास्टरमाइंड दिल्ली निवासी रोहित शर्मा है। इस गिरोह में अन्य लोग भी शामिल हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। यह भी पता लगाया जाएगा कि इन आरोपियों ने किन-किन खातों से ट्रांजेक्शन की है। इस पूरे मामले में होटल मालिक की भूमिका भी संदिग्ध लग रही है, क्योंकि होटल मालिक की जानकारी के बिना कॉल सेंटर संचालित होना संभव नहीं है। बताया जा रहा है कि होटल मालिक से भी पूछताछ की गई थी, लेकिन रसूख के चलते उसे छोड़ दिया गया। वहीं पकड़े गए सभी आरोपी पेशेवर ठग हैं और कई राज्यों में पहले भी साइबर अपराध में शामिल रह चुके हैं। अब इनके नेटवर्क और अनिरुद्ध व रविंद्र सिंह की तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed