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Rampur News: इमामबाड़ा खासबाग से निकाला जुलजनाह का जुलूस
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रामपुर। इमामबाड़ा खासबाग से शुक्रवार को शाम चार बजे निकाले गए जुलजनाह और जरीह के जुलूस को पुलिस फोर्स ने सलामी दी। जुलूस में स्थानीय अंजुमनों ने नोहाख्वानी की। इस दौरान असलम महमूद और इफ्तेखार महमूद उर्फ निक्कू ने यह नोहा पढ़ा, बोली माता मुख छुपायो हाय-हाय, लौट के असगर न आयो हाय-हाय, लाज रख ली तुमने मोरे दूध की-मुस्कुराकर बाण खायो हाय-हाय, सुनाया।
12वीं मुहर्रम पर इमामबाड़ा में मौलाना अहसन काजमी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि अल्लाह उसे चाहता है जो हुसैन को चाहते हैं। अल्लाह उसे दोस्त रखता है जो हुसैन को दोस्त रखे। कहा कि जब शहजादा-ए-हजरत इमाम हुसैन की विलादत होती है, तब हजरत जिब्राइल नाजिल हुए और पैगंबरे खुदा को इमाम हुसैन की विलादत की मुबारकबाद पेश की।
उसके बाद शहादत-ए-इमाम हुसैन की खबर सुनाई और पैगंबर-ए-इस्लाम रोए। कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन समेत उनके 72 साथियों को शहीद कर दिया गया। इसके बाद यजीद की फौज ने इमाम हुसैन के कुनबे के बच्चों और बीवियों समेत चौथे इमाम हजरत जैनुलआबेदीन को कैदी बना लिया और कूफा ओ शाम के बाजारों में घुमाया। यह सुनकर अजादार रो पड़े। इसके बाद जुलूस विभिन्न मार्गों से होता हुआ आगापुर स्थित कर्बला पहुंचा। सुरक्षा के मद्देनजर जुलूस में भारी तादाद में पुलिस बल तैनात रहा।
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12वीं मुहर्रम पर इमामबाड़ा में मौलाना अहसन काजमी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि अल्लाह उसे चाहता है जो हुसैन को चाहते हैं। अल्लाह उसे दोस्त रखता है जो हुसैन को दोस्त रखे। कहा कि जब शहजादा-ए-हजरत इमाम हुसैन की विलादत होती है, तब हजरत जिब्राइल नाजिल हुए और पैगंबरे खुदा को इमाम हुसैन की विलादत की मुबारकबाद पेश की।
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उसके बाद शहादत-ए-इमाम हुसैन की खबर सुनाई और पैगंबर-ए-इस्लाम रोए। कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन समेत उनके 72 साथियों को शहीद कर दिया गया। इसके बाद यजीद की फौज ने इमाम हुसैन के कुनबे के बच्चों और बीवियों समेत चौथे इमाम हजरत जैनुलआबेदीन को कैदी बना लिया और कूफा ओ शाम के बाजारों में घुमाया। यह सुनकर अजादार रो पड़े। इसके बाद जुलूस विभिन्न मार्गों से होता हुआ आगापुर स्थित कर्बला पहुंचा। सुरक्षा के मद्देनजर जुलूस में भारी तादाद में पुलिस बल तैनात रहा।
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