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Rampur News: किशोरी से दुष्कर्म में मिलक के युवक को 10 साल की कैद
Mon, 03 Aug 2026 11:31 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Mon, 03 Aug 2026 11:31 PM IST
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मुरादाबाद। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट कोर्ट-01 की विशेष न्यायाधीश ने रेशमा चौधरी की अदालत ने सोमवार को आरोपी विनोद को दोषी करार देते हुए 10 साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
डिलारी क्षेत्र के रहने वाली किशोरी के पिता ने 15 मई 2017 को डिलारी थाने में रामपुर के मिलक थाना क्षेत्र के गांव रेबड़ी कला निवासी विनोद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, अपहरण और दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि आरोपी उसकी नाबालिग बेटी को बहलाकर अगवा कर ले गया और दुष्कर्म किया। विरोध पर आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की।
डिलारी पुलिस थाने की पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। इस मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट कोर्ट-01 की विशेष न्यायाधीश ने रेशमा चौधरी की अदालत में चली।
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सोमवार को अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी विनोद को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह भी आदेश दिया गया है कि जुर्माने की संपूर्ण धनराशि जमा होने के बाद आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी।
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डिलारी क्षेत्र के रहने वाली किशोरी के पिता ने 15 मई 2017 को डिलारी थाने में रामपुर के मिलक थाना क्षेत्र के गांव रेबड़ी कला निवासी विनोद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, अपहरण और दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि आरोपी उसकी नाबालिग बेटी को बहलाकर अगवा कर ले गया और दुष्कर्म किया। विरोध पर आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की।
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डिलारी पुलिस थाने की पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी। इस मामले की सुनवाई पॉक्सो एक्ट कोर्ट-01 की विशेष न्यायाधीश ने रेशमा चौधरी की अदालत में चली।
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सोमवार को अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी विनोद को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह भी आदेश दिया गया है कि जुर्माने की संपूर्ण धनराशि जमा होने के बाद आधी रकम पीड़िता को दी जाएगी।