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यश भारती पुरस्कार पाकर गौरवान्वित हुए वजीर
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:14 AM IST
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शतरंज के माहिर खिलाड़ी वजीर अहमद खां यश भारती पुरस्कार प्राप्त कर काफी खुश हैं। इसके लिए उन्होंने प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां का शुक्रिया अदा किया है। वजीर अहमद खां पालिका के चेयरमैन अजहर अहमद खां के चाचा हैं। यश भारती पुरस्कार हासिल करने के बाद लखनऊ में मौजूद वजीर अमहद खां ने फोन पर अमर उजाला को बताया कि वो बचपन से ही शतरंज खेलते हैं। उनके दादा और पिता भी शतरंज खेला करते थे।
उनको शतरंज खेलता देखकर उन्होंने इसकी बारीकियां सीखीं। 69 साल के वजीर अहमद खां का कहना है कि शतरंज की कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उन्होंने भाग लिया है। 2014-15 में उन्होंने ईरान में आयोजित वेट्रन एशियन चेस चैंपियनशिप का खिताब हासिल किया। वर्ल्ड चेस फेडरेशन की ओर से 2015 में उनको इंटरनेशनल मास्टर का प्रमाणपत्र दिया गया।
उनका कहना है कि शतरंज एक बेहतरीन खेल है। भले ही लोग इसको इतनी अहमियत न देते हों, लेकिन यह खेल है कमाल। हिंदुस्तान में शतरंज को प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता है।
उनको शतरंज खेलता देखकर उन्होंने इसकी बारीकियां सीखीं। 69 साल के वजीर अहमद खां का कहना है कि शतरंज की कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उन्होंने भाग लिया है। 2014-15 में उन्होंने ईरान में आयोजित वेट्रन एशियन चेस चैंपियनशिप का खिताब हासिल किया। वर्ल्ड चेस फेडरेशन की ओर से 2015 में उनको इंटरनेशनल मास्टर का प्रमाणपत्र दिया गया।
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उनका कहना है कि शतरंज एक बेहतरीन खेल है। भले ही लोग इसको इतनी अहमियत न देते हों, लेकिन यह खेल है कमाल। हिंदुस्तान में शतरंज को प्रोत्साहित किए जाने की आवश्यकता है।
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