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महिलाएं ठान सें तो सब कुछ संभव
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रामपुर।स्टेट बैंक कालोनी में अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत आयोजित गोष्ठी में पूनम अरोरा ने कहा कि महिला ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं है। वर्तमान परिवेश में समाज व राष्ट्र में महिलाओं की स्थिति व भूमिका पर पर आयोजित गोष्ठी में मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। इसके बाद संबोधित करते हुए पूनम अरोरा ने कहा कि महिला सशक्तीकरण के लिए तमाम योजनाओं व अभियानों की बात कही जाती है लेकिन, महिला कमजोर नहीं है। महिला ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं है। महिलाएं आज हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रही हैं और अपनी योग्यता और प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। वर्तमान समय में महिलाओं ने रूढ़िवादिता की जंजीरों को तोड़कर समाज और देश की तरक्की के लिए कई अध्याय लिखे हैं।
अंशिका अग्रवाल ने कहा कि कुछ लोगों की सोच महिलाओं के लिए नहीं बदली है, उसे बदलने की जरूरत है। महिला कल भी सशक्त थी और आज भी सशक्त है और कल भी रहेगी। महिला ही समाज में शक्ति का आधार है फिर उसके सशक्तीकरण की आवश्यकता क्यों, आवश्यकता महिला सशक्तीकरण की नहीं बल्कि कुछ लोगों की दकियानूसी सोच बदलने की है। बबीता ने कहा कि आज देश की बेटियां पूरे विश्व में नाम रोशन कर रही हैं। खेल के मैदान से लेकर राजनीति, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा सभी क्षेत्रों में देश की बेटियां बेहतर कर रही हैं। जो यह साबित करता है कि बेटी किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं है। कार्यक्रम में आशा भांडा, रेनू सक्सेना, संगीता अग्रवाल, शिवानी अग्रवाल, बबीता गुप्ता, चमन अग्रवाल, नीलम, मोनिका अगव्राल आदि मौजूद रहीं।
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अंशिका अग्रवाल ने कहा कि कुछ लोगों की सोच महिलाओं के लिए नहीं बदली है, उसे बदलने की जरूरत है। महिला कल भी सशक्त थी और आज भी सशक्त है और कल भी रहेगी। महिला ही समाज में शक्ति का आधार है फिर उसके सशक्तीकरण की आवश्यकता क्यों, आवश्यकता महिला सशक्तीकरण की नहीं बल्कि कुछ लोगों की दकियानूसी सोच बदलने की है। बबीता ने कहा कि आज देश की बेटियां पूरे विश्व में नाम रोशन कर रही हैं। खेल के मैदान से लेकर राजनीति, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा सभी क्षेत्रों में देश की बेटियां बेहतर कर रही हैं। जो यह साबित करता है कि बेटी किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं है। कार्यक्रम में आशा भांडा, रेनू सक्सेना, संगीता अग्रवाल, शिवानी अग्रवाल, बबीता गुप्ता, चमन अग्रवाल, नीलम, मोनिका अगव्राल आदि मौजूद रहीं।
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