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Rampur News: बच्चे का आधार बनवाने पहुंची महिला से धोखाधड़ी
Thu, 17 Sep 2026 11:28 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
Updated Thu, 17 Sep 2026 11:28 PM IST
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रामपुर। बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए पंचायत घर पहुंची महिला के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि आधार आवेदन कराने के नाम पर महिला का अंगूठा लगवाने और फोटो लेने के बाद उसके नाम से बैंक खाता खोल दिया गया।
बाद में इसी खाते में साइबर अपराध से जुड़ी 1.70 लाख रुपये की रकम जमा होने का खुलासा हुआ। महाराष्ट्र पुलिस से नोटिस मिलने के बाद महिला को मामले की जानकारी हुई। शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सिविल लाइंस क्षेत्र के ग्राम पसियापुरा जनूबी निवासी मधु ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 20 जून 2026 को वह बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए गांव के पंचायत घर गई थीं। वहां आधार का ऑनलाइन आवेदन कराने की बात कहकर किरा गांव के डाकघर में काम करने वाले मनीष और अजय ने उनका अंगूठा लगवाया और फोटो खींची।
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महिला का आरोप है कि दोनों ने उनके नाम से एएसडीएल पेमेंट बैंक में खाता खुलवा दिया। खाते की एटीएम और नेट बैंकिंग सुविधा भी सक्रिय करा दी गई। महिला को इसकी जानकारी नहीं थी।
कुछ दिन बाद मधु ने बच्चे के आधार कार्ड के आवेदन की स्थिति पता की तो आधार कार्ड बना ही नहीं था। इस पर उन्हें शक हुआ। इसी बीच 22 अगस्त को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के निजामपुरा थाने से डिजिटल अरेस्ट से जुड़े साइबर अपराध के मामले में नोटिस पहुंचा। नोटिस में उनके नाम से जुड़े बैंक खाते में तीन जुलाई को 1.70 लाख रुपये जमा होने का उल्लेख था।
नोटिस मिलने के बाद महिला ने संबंधित बैंक खाते की जानकारी जुटाई। उनका कहना है कि उन्होंने न तो उक्त बैंक में खाता खुलवाया और न ही कभी उसका संचालन किया। आरोप है कि उनके अंगूठे के निशान और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से खाता खोला गया और उसका इस्तेमाल साइबर अपराध से संबंधित रकम के लेनदेन में किया गया।
सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मनीष और अजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस मामले में बैंक खाते, अंगूठे के निशान, फोटो और रकम के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
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बाद में इसी खाते में साइबर अपराध से जुड़ी 1.70 लाख रुपये की रकम जमा होने का खुलासा हुआ। महाराष्ट्र पुलिस से नोटिस मिलने के बाद महिला को मामले की जानकारी हुई। शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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सिविल लाइंस क्षेत्र के ग्राम पसियापुरा जनूबी निवासी मधु ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 20 जून 2026 को वह बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए गांव के पंचायत घर गई थीं। वहां आधार का ऑनलाइन आवेदन कराने की बात कहकर किरा गांव के डाकघर में काम करने वाले मनीष और अजय ने उनका अंगूठा लगवाया और फोटो खींची।
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महिला का आरोप है कि दोनों ने उनके नाम से एएसडीएल पेमेंट बैंक में खाता खुलवा दिया। खाते की एटीएम और नेट बैंकिंग सुविधा भी सक्रिय करा दी गई। महिला को इसकी जानकारी नहीं थी।
कुछ दिन बाद मधु ने बच्चे के आधार कार्ड के आवेदन की स्थिति पता की तो आधार कार्ड बना ही नहीं था। इस पर उन्हें शक हुआ। इसी बीच 22 अगस्त को महाराष्ट्र के ठाणे जिले के निजामपुरा थाने से डिजिटल अरेस्ट से जुड़े साइबर अपराध के मामले में नोटिस पहुंचा। नोटिस में उनके नाम से जुड़े बैंक खाते में तीन जुलाई को 1.70 लाख रुपये जमा होने का उल्लेख था।
नोटिस मिलने के बाद महिला ने संबंधित बैंक खाते की जानकारी जुटाई। उनका कहना है कि उन्होंने न तो उक्त बैंक में खाता खुलवाया और न ही कभी उसका संचालन किया। आरोप है कि उनके अंगूठे के निशान और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी तरीके से खाता खोला गया और उसका इस्तेमाल साइबर अपराध से संबंधित रकम के लेनदेन में किया गया।
सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मनीष और अजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस मामले में बैंक खाते, अंगूठे के निशान, फोटो और रकम के लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है।